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Rajya Sabha चुनाव में गिले-शिकवे भुलाकर साथ आने का समय: Akhilesh Yadav
(फाइल फोटो के साथ) लखनऊ, दो अक्टूबर समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी छोड़ने वालों के साथ संभावित सुलह के संकेत देते हुए शुक्रवार को कहा कि ‘‘राज्यसभा चुनाव मिलन का समय है’’ और ‘‘सिद्धांत के मुद्दों पर दूसरों के साथ एकजुट खड़े रहना’’ चाहिए। यादव की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि सपा के नेता कह रहे हैं कि पार्टी तीन उम्मीदवार राज्यसभा चुनाव में उतारेगी, जिससे ‘क्रॉस वोटिंग’ की संभावना बन गई है। एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में यादव ने कहा, ‘‘राज्यसभा चुनाव का समय मिलन का समय होता है।
कड़वी बातें सब भूलकर जो साथी साथ आना चाहते हैं तो हम सब चीज़ें भूल जाएंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि कोई मानता है कि हमारे लोकतंत्र, संविधान और अर्थव्यवस्था पर हमला हो रहा है, या पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को गलत निर्णय मानता है, तो मिलन के इस समय में हम पुरानी सभी शिकायतों को किनारे रखकर उन मित्रों के साथ हाथ मिलाएंगे जो हमारे साथ सहयोग करना चाहते हैं। हम उन सभी बातों को भूल जाएंगे।’’ इससे पहले, सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विधायक 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं और वे उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। सिंह ने यह भी कहा कि सपा उत्तर प्रदेश में आगामी राज्यसभा चुनावों में तीसरा उम्मीदवार उतारेगी, जिससे 10 सीटों के लिए चुनाव में मुकाबले की स्थिति बन गई है।
लखनऊ मध्य से सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा ने भी इसी तरह की बात कही थी। सपा ने 30 सितंबर को पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज समूह के अध्यक्ष धनराज परिमल नथवानी को चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था। बाद में दोनों ने लखनऊ में अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
भाजपा नीत गठबंधन के पास फिलहाल सात सीट आसानी से जीतने के लिए जरूरी संख्या बल है, जबकि मौजूदा विधानसभा के आंकड़ों के अनुसार, सपा के पास कांग्रेस के समर्थन से दो सीट जीतने की ताकत है। अगर तय सीटों से ज़्यादा उम्मीदवार मैदान में उतारे जाते हैं, तो मुक़ाबला हो सकता है और ‘क्रॉस-वोटिंग’ एक अहम कारक बन सकती है। निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख छह अक्टूबर है।
सात अक्टूबर को नामाकंन पत्रों की जांच होगी और उम्मीदवार नौ अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। सोलह अक्टूबर को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा और उसी दिन मतगणना होगी। उत्तर प्रदेश में 2024 के राज्यसभा चुनाव में भाजपा ने उन सभी आठ सीट पर जीत दर्ज की थी जिस पर उसने उम्मीदवार घोषित किए थे, जबकि सपा के तीन में से दो उम्मीदवार जीते थे और उसके तीसरे उम्मीदवार आलोक रंजन हार गए थे।
उस चुनाव में भाजपा ने सात उम्मीदवारों के निर्विरोध निर्वाचित होने के लिए पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद आठवां उम्मीदवार उतार दिया था, जिससे चुनावी मुकाबला रोचक हो गया था। हाल में आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट से भाजपा विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन के बाद 403 सदस्यीय उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा नीत गठबंधन के 288 विधायक हैं। इसमें भाजपा के 255 विधायक, अपना दल (सोनेलाल) के 13, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नौ, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के छह और निषाद पार्टी के पांच विधायक शामिल हैं।
सपा-कांग्रेस गठबंधन के 103 विधायक हैं, जिनमें सपा के 101 विधायक शामिल हैं। जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के दो विधायक हैं, जबकि उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय समेत तीन निर्दलीय विधायक हैं।
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