पहले करती थीं मजदूरी, जीविका से मिलीं 10 बकरियां, अब 18 बकरियों की मालकिन
Jeevika Scheme Goat Farming: बिहार के छपरा जिले के गरखा प्रखंड की चंपा देवी कभी परिवार का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करती थीं, लेकिन जीविका योजना से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बदलाव आया. उन्हें चांदनी समूह के जरिए 10 बकरियां मिलीं, जिनकी संख्या उन्होंने मेहनत कर बढ़ाकर 18 कर ली. चंपा देवी समय-समय पर बकरियां बेचकर होने वाली कमाई से घर का खर्च चलाने के साथ बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी उठाती हैं. इसी कमाई से उन्होंने 50 हजार रुपये से अधिक की लागत से एक भैंस खरीदी और अपने लिए एक कमरे का घर भी बनवाया. अब उन्हें पहले की तरह मजदूरी के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता और वह बकरी पालन को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं.
मजदूरी और खेती के बाद चाय से मिली पहचान, महाराजपुर की 'दादा टी' बनी अधिकारियों की पसंदीदा दुकान
Success Story: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के महाराजपुर में राकेश चौरसिया ने पान की खेती छोड़कर चाय की दुकान खोली, जो अब 'दादा टी' के नाम से प्रसिद्ध है और सरकारी अधिकारियों की पसंदीदा जगह बन गई है. उनकी दुकान सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक खुली रहती है और प्रतिदिन 15 लीटर दूध की चाय बनती है.
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