Tamil Nadu में Vettri Payanam योजना शुरू, महिलाओं को बसों में मिलेगी मुफ्त यात्रा
चेन्नई, दो अक्टूबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर महिलाओं के लिए विस्तारित मुफ्त बस यात्रा योजना ‘वेत्री पयनम’ की शुरुआत की। सरकार ने कहा कि इस योजना से प्रतिदिन 84 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिलेगा और लाभार्थी डीलक्स तथा एक्सप्रेस श्रेणियों सहित अन्य बस सेवाओं का भी उपयोग कर सकेंगी। योजना का लाभ उठाने वाली लाभार्थी महिलाओं के लिए आय की कोई सीमा नहीं होगी और रोजाना यात्राओं की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
इस कल्याणकारी योजना का नाम सत्तारूढ़ दल तमिलगा वेत्री कझगम के नाम से लिया गया है और इसका मतलब महिलाओं के लिए “विजयी यात्रा” (वेत्री पयनम) है। इस योजना के दायरे में राज्य के सात परिवहन निगमों की 12,695 बसें शामिल हैं और अनुमान है कि रोजाना 84.32 लाख महिलाएं इससे लाभान्वित होंगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यात्रियों से बातचीत की और योजना की आधिकारिक शुरुआत के मौके पर उन्हें मुफ्त बस टिकट वितरित किए।
इस अवसर पर परिवहन मंत्री ए विजय तमिलन पार्थिबन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और ट्रांसजेंडर लोगों को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देना है ताकि उनकी शिक्षा, रोजगार, आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण में मदद मिल सके और यात्रा का खर्च उनकी प्रगति में बाधा न बने। उन्होंने कहा कि यह योजना समानता को बढ़ावा देने का एक जरिया है और यात्रा के अधिकारों में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पार्थिबन ने इस पहल को एक “सामाजिक क्रांति” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य महिलाओं को स्वतंत्र रूप से सोचने, घरों से बाहर निकलने और राज्य के विकास में योगदान देने में मदद करना है।
मंत्री ने कहा, इस योजना की शुरुआत उद्देश्य सामाजिक न्याय और महिलाओं के सशक्तिकरण के सिद्धांतों का सम्मान करना, अर्थव्यवस्था और समाज में उनकी भागीदारी को आसान बनाना और यह सुनिश्चित करना है कि परिवहन का खर्च शिक्षा, रोजगार या स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच में बाधा न बने। पहले मुफ्त यात्रा सुविधा केवल विशिष्ट प्रकार की बसों तक सीमित थी लेकिन अब इसका विस्तार कर दिया गया है, जिसमें ‘एक्सप्रेस’, ‘डीलक्स’, ‘मोफसिल ऑर्डिनरी’ और कुछ घाट क्षेत्र की बस सेवाओं जैसी अधिक श्रेणियां शामिल हैं।
CEC के खिलाफ Jantar Mantar पर प्रदर्शन, AAP नेताओं समेत 500 से अधिक हिरासत में
नयी दिल्ली, दो अक्टूबर दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, आतिशी और संजय सिंह के साथ-साथ कुछ छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं सहित 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। राजनीतिक दल और आइसा, एसएफआई, एनएसयूआई तथा अन्य छात्र संगठनों के सदस्य मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने कहा कि उसने आप नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को नॉर्थ एवेन्यू में रोक दिया, जिससे वह प्रदर्शन स्थल की ओर नहीं बढ़ सके।
भारद्वाज ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद उन्हें और झा को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आंदोलन जारी रखने और जंतर-मंतर पहुंचने का आग्रह किया। पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि एसएफआई के करीब 700 कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश की और उन्हें अशोका रोड गोलचक्कर पर रोक दिया गया, जिनमें से कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया।
एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि आप नेताओं, आइसा, एसएफआई और अन्य छात्र संगठनों सहित लगभग 500 प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर और उसके आसपास से हिरासत में लिया गया। एसएफआई की महासचिव आइशी घोष ने कहा कि डीवाईएफआई और एसएफआई के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। घोष ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस राजधानी में अपराधों को रोकने में सक्षम नहीं है, लेकिन जब ज्ञानेश कुमार जैसे किसी व्यक्ति की सुरक्षा की बात आती है, तो वे सड़कों पर उतर आते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र नहीं है।
अगर पुलिस को लगता है कि वे हमें हिरासत में लेकर आंदोलन को रोक सकते हैं, तो हम उन्हें बताना चाहते हैं कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।’’ प्रदर्शन स्थल से एनएसयूआई के भी कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों को फिरोजशाह रोड पर बैरिकेड लांघते हुए भी देखा गया। एक वीडियो संदेश में भारद्वाज ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया कि प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि जब जंतर-मंतर एक निर्धारित प्रदर्शन स्थल है तो लोकतंत्र में प्रदर्शन करने के लिए अनुमति की क्या आवश्यकता है।
भारद्वाज ने यह भी कहा कि पार्टी ने करीब एक हफ्ते पहले प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए पत्र सौंपे थे। भारद्वाज ने कहा, ‘‘हम अपनी चिंताओं को उठाने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के पास के कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए हैं और लोगों से अपील की कि वे निकटतम खुले मेट्रो स्टेशन तक यात्रा करें और यदि संभव हो तो पैदल चलकर प्रदर्शन स्थल तक पहुंचे। दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और जंतर-मंतर सहित 12 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिए हैं।
जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं।
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