Responsive Scrollable Menu

Divya Khosla: गोविंदा की गर्लफ्रेंड की मांग में सिंदूर देख भड़कीं दिव्या खोसला, बोलीं- क्या आपको इसकी अहमियत पता है?

Divya Khosla Kumar On Govidna Girlfriend Komal Rani: गोविंदा और उनकी कथित गर्लफ्रेंड कोमल रानी स्वर्णकार को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। दोनों हाल ही में मुंबई के मशहूर लालबागचा राजा के दर्शन करने साथ पहुंचे थे। इसके बाद अभिनेत्री दिव्या खोसला ने कोमल पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है।

सिंदूर को लेकर उठाया सवाल
दिव्या ने कोमल के साथ गोविंदा की धार्मिक स्थल पर मौजूदगी और उनकी मांग में नजर आए सिंदूर को लेकर सवाल किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की चीजों से मीडिया को दोनों को एक कपल के तौर पर दिखाने का मौका मिलता है। दिव्या ने अपनी पोस्ट में लिखा कि निजी जिंदगी में हर किसी को अपनी पसंद के मुताबिक फैसले लेने का अधिकार है, लेकिन समाज के सामने कुछ मर्यादाओं का ध्यान रखना भी जरूरी है।

सिंदूर की अहमियत समझती हैं?

Divya Kholsa Kumar

दिव्या ने कोमल से सवाल करते हुए कहा कि क्या वह सिंदूर के महत्व को समझती हैं। उन्होंने सिंदूर को शादीशुदा हिंदू महिला से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रतीक बताया।उन्होंने यह भी कहा कि धर्म को किसी निजी मामले या ‘एजेंडे’ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। दिव्या ने लिखा, “कम से कम हमारे धर्म को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल करना बंद करें।”

सुनीता की निजी जिंदगी पर भी सवाल
दिव्या ने कोमल के उन कथित बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा की निजी जिंदगी से जुड़ी बातें की थीं। दिव्या ने सवाल उठाया कि किसी की निजी जिंदगी से जुड़ी ऐसी बातें सार्वजनिक करना कितना सही है।

पहले भी सुनीता के समर्थन में आई थीं दिव्या
यह पहली बार नहीं है जब दिव्या ने इस मामले में सुनीता आहूजा का समर्थन किया है। इससे पहले भी उन्होंने गोविंदा और कोमल के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी थी। दिव्या ने सुनीता का पक्ष लेते हुए कहा था कि उन्होंने गोविंदा को अपना पूरा जीवन दिया, उनके साथ वफादार रहीं और बच्चों की परवरिश की। उन्होंने यह भी कहा था कि निजी रिश्तों को सार्वजनिक तरीके से सामने लाने से विवाद और बढ़ सकता है।

गोविंदा ने रिश्ते से किया इनकार

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

गोविंदा और कोमल रानी स्वर्णकार के रिश्ते को लेकर लंबे समय से चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, गोविंदा इन खबरों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने कोमल के साथ किसी रोमांटिक रिश्ते से इनकार किया है और कहा है कि ऐसी बातें उनकी छवि खराब करने के लिए फैलाई जा रही हैं। अब लालबागचा राजा के दर्शन के दौरान दोनों के साथ नजर आने के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

यह भी पढ़े-  'मैं गोविंदा को देखकर बड़ी हुई...' कुब्रा सैत ने एक्टर के अफेयर की खबरों पर दिया ऐसा रिएक्शन, ट्रोल्स भी होंगे शर्मिंदा

Continue reading on the app

Lal Bahadur Shastri Jayanti: शास्त्री जी के ये विचार देते हैं कर्तव्य और देशसेवा की सीख, जीवन में उतारें उनकी बातें

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: लाल बहादुर शास्त्री देश के दूसरे प्रधानमंत्री थे। उनका जन्म 2 अक्टूबर 1904 को हुआ था। सार्वजनिक जीवन में उन्होंने सादगी और जिम्मेदारी को खास महत्व दिया। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे ने देश के सैनिकों और किसानों के योगदान को एक साथ रेखांकित किया।

शास्त्री जी के विचारों में सिर्फ देशभक्ति ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी के लिए भी कई सीख मिलती हैं। उनके संदेश मेहनत करने, अनुशासन बनाए रखने, देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने और शांति के रास्ते को महत्व देने की बात करते हैं।

शास्त्री जी के महान विचारों से मिलती हैं ये सीख
1. ‘जय जवान, जय किसान’
शास्त्री जी का यह प्रसिद्ध नारा देश की सुरक्षा और खेती-किसानी, दोनों की अहमियत को सामने लाता है। यह संदेश देता है कि देश की मजबूती में सैनिक और किसान दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

2. देश सबसे पहले
शास्त्री जी के विचारों में देश के प्रति निष्ठा को विशेष स्थान मिलता है। उनकी सोच से यह सीख मिलती है कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए।

3. अनुशासन से मजबूत होता है समाज
शास्त्री जी का मानना था कि किसी देश की ताकत केवल संसाधनों से नहीं, बल्कि लोगों के अनुशासन और एकजुट होकर काम करने से भी बढ़ती है। यह बात आज की जिंदगी में भी उतनी ही उपयोगी है।

4. मेहनत से पीछे नहीं हटना चाहिए
मुश्किल हालात में भी लगातार काम करते रहना उनकी सोच का अहम हिस्सा था। उनके विचार युवाओं को यह सीख देते हैं कि सफलता के लिए मेहनत, धैर्य और अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदारी जरूरी है।

5. शांति के लिए भी साहस जरूरी है
शास्त्री जी के विचारों में शांति को महत्वपूर्ण स्थान मिला। उनका संदेश था कि जिस साहस के साथ देश मुश्किल परिस्थितियों का सामना करता है, उसी दृढ़ता के साथ शांति के लिए भी प्रयास किया जाना चाहिए।

6. पहले खुद उदाहरण बनें
दूसरों को सलाह देने से पहले अपने जीवन में उस बात को अपनाना शास्त्री जी की सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा था। यह सीख आज परिवार, काम और समाज हर जगह लागू होती है।

7. सादगी भी बड़ी ताकत है
शास्त्री जी का जीवन सादगी और विनम्रता का उदाहरण माना जाता है। उनकी जयंती हमें याद दिलाती है कि बड़ा पद हासिल करने के बाद भी सरल और जमीन से जुड़ा रहना व्यक्ति के व्यक्तित्व को खास बनाता है।

आज के दौर में भी प्रासंगिक हैं शास्त्री जी की बातें
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन बताता है कि नेतृत्व सिर्फ बड़े फैसले लेने का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने और अपने आचरण से उदाहरण पेश करने का भी नाम है।

उनकी जयंती पर उनके विचारों को याद करना तभी सार्थक है, जब हम उनसे मिली सीख को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाने की कोशिश करें।

Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026 पर उनके विचार हमें ईमानदारी, मेहनत, अनुशासन, सादगी और देश के प्रति अपने कर्तव्य को समझने का संदेश देते हैं। यही उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विरासतों में से एक है।

यह भी पढ़ें: गांधी जयंती पर अपनों को भेजें दिल छू लेने वाले शुभकामना संदेश, याद करें बापू के विचार

Continue reading on the app

  Sports

IND A vs AUS A: शम्स मुलानी और यश राठौड़ के आगे बेबस हुए कंगारू गेंदबाज, ड्रॉ हुआ दूसरा टेस्ट, सीरीज पर इंडिया ए का कब्जा

ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दूसरे चार दिवसीय टेस्ट मैच के अंतिम दिन यश राठौड़ और शम्स मुलानी की जुझारू बल्लेबाजी से इंडिया ए की टीम ने निर्णायक ड्रॉ खेला. सीरीज के पहले मैच में इंडिया ए ने जीत हासिल की थी. ऐसे में इस ड्रॉ के बावजूद सीरीज मेजबान के नाम रहा. शम्स मुलानी अपने ऑलराउंड प्रदर्शन के दमपर प्लेयर ऑफ सीरीज बने. Fri, 2 Oct 2026 19:44:02 +0530

  Videos
See all

Vijeta Dahiya On Gyanesh Kumar: विजेता दहिया ने Gyanesh Kumar को लेकर सुनिए क्या कहा ? | CJP Protest #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T14:16:44+00:00

Jantar Mantar Protest : CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पर AAP का बवाल! Delhi | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T14:14:57+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers