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इंदौर छावनी में सुबह-सुबह पहुंचा नगर निगम का अमला, मथुरावाला बिल्डिंग समेत रोड चौड़ीकरण में बाधक हिस्से हटाए

इंदौर के छावनी क्षेत्र में शुक्रवार सुबह नगर निगम ने रोड चौड़ीकरण के लिए कार्रवाई की। दरअसल निगम की टीम छावनी चौराहे पर पहुंची और सड़क चौड़ीकरण में बाधक मकानों और प्रतिष्ठानों के हिस्से हटाए। इस दौरान मथुरावाला प्रतिष्ठान की बिल्डिंग के हिस्से भी तोड़े गए हैं। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी शुक्रवार सुबह ही भारी मशीनों के साथ छावनी चौराहे पहुंचे। टीम के साथ तीन पोकलेन और दो जेसीबी मशीनें थीं।

वहीं मथुरावाला बिल्डिंग के अलावा दूसरे मकानों और प्रतिष्ठानों के उन हिस्सों को भी हटाया गया जो रोड चौड़ीकरण में बाधक बताए गए हैं। निगम की टीम ने कार्रवाई की शुरुआत मैन्युअली काम से की। इसके बाद मशीनों की मदद से निर्माण के हिस्से हटाए गए। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई चलती रही।

छावनी रोड चौड़ीकरण में पेंडिंग हिस्से हटाए

नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर प्रखर सिंह ने बताया कि मास्टर प्लान में शामिल छावनी रोड पर रोड चौड़ीकरण के लिए कुछ बाधक हिस्सों को हटाने की कार्रवाई लंबित थी। शुक्रवार को इन्हीं हिस्सों को हटाने के लिए निगम का अमला पहुंचा था। उन्होंने बताया कि एक मकान का छज्जा हटाया गया है। इसके साथ ही दूसरे मकानों के बाधक हिस्से भी हटाए गए। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने पहले उन हिस्सों को चिन्हित कर हटाने का काम किया जो सड़क चौड़ीकरण के काम में आ रहे थे। इसके बाद जेसीबी और पोकलेन की मदद ली गई। मथुरावाला प्रतिष्ठान की बिल्डिंग का हिस्सा भी इसी कार्रवाई में हटाया गया।

मई में भी छावनी में हुई थी रोड चौड़ीकरण की कार्रवाई

दरअसल शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान किसी विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। निगम के अधिकारी और कर्मचारी मशीनों के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। निगम की ओर से इसे छावनी रोड चौड़ीकरण से जुड़ी पहले से लंबित कार्रवाई को पूरा करने का काम बताया गया है। बता दें छावनी क्षेत्र में रोड चौड़ीकरण के लिए नगर निगम पहले भी कार्रवाई कर चुका है। मई में निगम की टीम ने यहां रिमूवल कार्रवाई की थी। उस दौरान रोड चौड़ीकरण में बाधक मकानों और प्रतिष्ठानों के हिस्से हटाए गए थे। इसके बाद रोड का काम शुरू हुआ था।

कांग्रेस ने निकाली थी क्षेत्र में जन अधिकार यात्रा

हालांकि मई में हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विरोध भी सामने आया था। कांग्रेस ने कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र में जन अधिकार यात्रा निकाली थी। शुक्रवार को नगर निगम की टीम एक बार फिर छावनी क्षेत्र में पहुंची और बाकी बचे बाधक हिस्सों को हटाने का काम शुरू किया। छावनी चौराहे पर शुक्रवार की कार्रवाई में मथुरावाला प्रतिष्ठान की बिल्डिंग भी शामिल रही। निगम की टीम ने बिल्डिंग के बाधक हिस्से को हटाया। इसके साथ ही आसपास के अन्य मकानों और प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई। छावनी में पिछली कार्रवाई के दौरान एक हादसा भी हुआ था। मशीनों से काम किए जाने के दौरान बिजली के तार मशीन में उलझ गए थे। तार हटाने के लिए जेसीबी चालक ने जोर लगाया था। इसी दौरान बिजली का खंभा उखड़कर होम्योपैथिक डॉक्टर कपिल दीक्षित के सिर पर गिर गया था। हादसे में डॉक्टर घायल हो गए थे।

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क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान भोपाल में हिंदी माह का समापन, डॉ. धर्मेंद्र पारे ने लोक बोलियों के संरक्षण और भाषा की साझेदारी पर दिया जोर

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, श्यामला हिल्स, भोपाल में हिंदी माह के समापन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेंद्र पारे, निदेशक,जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी की गरिमामयी उपस्थिति में तथा प्राध्यापक शिवकुमार गुप्ता, प्राचार्य, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल की अध्यक्षता में सभी विभागाध्यक्षों एवं समस्त संकाय सदस्यों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अरूणाभ सौरभ ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदना से हुई। मुख्य अतिथि डॉ. धर्मेंद्र पारे, प्राचार्य प्रोफेसर शिवकुमार गुप्ता तथा अतिथि प्रकाशचंद्र झा मंचासीन हुए। प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि का सम्मान शॉल और श्रीफल देकर किया गया तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही प्रकाशचंद्र झा जी को भी प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया।

लोक बोलियों के सम्मान से ही भाषा का व्यापक विकास

डॉ. धर्मेंद्र पारे ने अपने वक्तव्य में लोक बोली के महत्व को उजागर करते हुए कहा कि भाषा विविध लोक बोलियों के मिश्रण से बनती है। अतः भाषा के सम्मान में लोक भाषाओं का सम्मान भी निहित होना चाहिए। भाषाओं का भी लोकतंत्र होना चाहिए। इस लोकतंत्र का तात्पर्य यह है कि सभी भाषाएँ और बोलियाँ अपनी पहचान के साथ बची रहें तथा अपनी प्रतिष्ठा के साथ समाज में बोली और समझी जाती रहें। उन्हें एक-दूसरे से किसी प्रकार के खतरे की आशंका न हो।

धर्मेंद्र पारे ने भाषा की साझेदारी की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भाषा की साझेदारी अति आवश्यक है। यही साझेदारी भाषा के प्रसार और आयु को बढ़ाती है। साथ ही उन्होंने लोकबोलियों के होते ह्रास की ओर भी इंगित किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय लोग तो हिंदी सीख रहे हैं, परंतु हिंदी भाषा लोक बोली तक नहीं पहुँच रही है।

धर्मेंद्र जी के वक्तव्य के पश्चात् “अंधा युग” नाटक का मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन डॉ. अरूणाभ सौरभ ने किया। क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल के छात्रों द्वारा अभिनीत इस नाटक की प्रस्तुति सराहनीय रही।

छात्रों ने प्रस्तुत किया ‘अंधा युग’ नाटक

अंधा युग धर्मवीर भारती का एक दृश्य काव्य है। इसकी गणना हिंदी के श्रेष्ठ नाटकों में होती है। अपने प्रकाशन से लेकर अब तक यह हिंदी में बहुचर्चित, बहुधा मंचित और बहुप्रशंसित नाटक है। हिंदी नाटक और रंगमंच की दृष्टि से अंधा युग एक शास्त्रीय प्रतिमान रचता है। इस प्रतिमान में एक ओर अपने समय, समाज और परिस्थितियों का कोलाज है, दूसरी ओर नाटक और रंगमंच से जुड़े विधागत प्रतिमान भी। जिस प्रकार धर्मवीर भारती ने युद्ध और उन्माद की विभीषिका को प्रस्तुत किया है, वह अद्भुत है। धर्मवीर भारती ने महाभारत काल की कथावस्तु को अपने समय की विखंडित मर्यादा और युद्धोन्माद को प्रदर्शित करने के लिए रचनात्मक उपयोग किया है। युद्ध के भयानक और भयावह परिणाम का चित्रण जिस रचनात्मक ऊँचाई के साथ इस नाटक में प्रस्तुत हुआ है, वह अन्यत्र दुर्लभ है। महाभारत महाकाव्य के बीच से आए पात्र अपने कालखंड से हमारे समय को रेखांकित कर रहे हैं और विवेचित भी। यही अंधा युग का रचनात्मक उत्स है।

धर्मवीर भारती ने पौराणिक कथा को समकालीन भावबोध के धरातल पर रूपांतरित किया है। आज के विघटित मूल्यों, अमानवीय युद्धोन्माद तथा मर्यादाहीन समस्याओं को नाटक में प्रमुखता से स्थान दिया गया है। नाटककार ने युद्ध की विभीषिका, उसके विध्वंसकारी परिणाम, धर्म-अधर्म, आदर्श-यथार्थ आदि जीवन सत्यों को बारीकी से मूल्यांकित किया है। इसमें मर्यादा की पतली डोर का टूट जाना लेखक की चिंता में शामिल है। अंधा युग को संस्थान के ऐसे विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किया जो पहली बार रंगमंच पर आए थे। अंत में प्राचार्य प्रोफेसर शिवकुमार गुप्ता जी द्वारा अध्यक्षीय उद्बोधन तथा डॉ. अरूणाभ सौरभ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ।

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एशियन गेम्स 2026 लाइव अपडेट्स: आर्चरी में कुमकुम की धमाकेदार शुरुआत, रिकर्व इंडिविजुअल इवेंट के सेमीफाइनल में पहुंची

एशियन गेम्स 2026, 15वां दिन लाइव अपडेट्स: एशियन गेम्स का आज 15वां दिन है. आज भारतीय एथलीट 10 अलग अलग स्पर्धाओं में उतरेंगे. दिन की शुरुआत आर्चरी से होगी. इसके बाद रेसलिंग के मुकाबले खेले जाएंगे. सुबह 10 बजे से भारत और पाकिस्तान की मेंस क्रिकेट टीमें गोल्ड मेडल मैच के लिए एक दूसरे से भिड़ेंगी वहीं दोपहर बाद भारत और मलेशिया की टीमें हॉकी फाइनल में टकराएंगी.भारत ने इस एशियन गेम्स में अभी तक 76 मेडल जीते हैं जिसमें 16 स्वर्ण पदक शामिल हैं. Sat, 3 Oct 2026 05:45:35 +0530

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