भारत-US Trade Deal पर तुरंत फैसले के आसार नहीं, Jamieson Greer ने बताई स्थिति
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, दो अक्टूबर अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर ने कहा है कि भारत के साथ व्यापार समझौते पर तुरंत किसी फैसले के आसार नहीं है, हालांकि दोनों पक्षों ने उन पेचीदा मुद्दों या बाधाओं की पहचान कर ली है जिन्हें सुलझाया जाना बाकी है। मिलवॉकी में बृहस्पतिवार को जी20 व्यापार मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ग्रीर ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व्यापार समझौते की प्रगति की समीक्षा के लिए ‘‘बहुत जल्द’’ एक बार फिर फोन पर बातचीत कर सकते हैं। ग्रीर ने बुधवार शाम जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक से इतर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की थी और आपसी हित वाले अंतरिम व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने पर ‘‘सार्थक चर्चा’’ की थी।
ग्रीर ने कहा, ‘‘मंत्री गोयल और मेरे बीच सार्थक बातचीत हुई है। चूंकि हमारी टीम इस समय यहीं देश में मौजूद हैं, इसलिए उनके बीच बैठकों का दौर जारी है।’’ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा, ‘‘हम भारत के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। अगर व्यावहारिक तौर पर कहूं तो हम इसके अंतिम चरण में हैं और मुझे लगता है कि हम इसके काफी करीब पहुंच चुके हैं।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बुधवार को बेहद सकारात्मक बातचीत हुई थी।
ग्रीर ने कहा, ‘‘इसके साथ ही, मुझे नहीं लगता कि तुरंत कोई फैसला होने वाला है, लेकिन हमने उन सभी मुद्दों की पहचान कर ली है जिन पर पेच फंसा हुआ है। हम उन्हें सुलझाने के लिए काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर प्रगति और मौजूदा स्थिति का आकलन करने के लिए बहुत जल्द एक और दौर की वार्ता कर सकते हैं।’’ मोदी और ट्रंप ने बुधवार को व्यापार, रक्षा, ऊर्जा, महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की थी।
Houthi विद्रोहियों की मदद के आरोप में US ऊर्जा विभाग का इंजीनियर गिरफ्तार, FBI ने पकड़ा
वाशिंगटन, दो अक्टूबर (एपी) अमेरिका में ऊर्जा विभाग के एक अभियंता को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। न्याय विभाग ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। वाशिंगटन के रिचलैंड निवासी 51 वर्षीय एश्टन हैमेड एलाबाउडी को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया और उसे शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
अदालती अभिलेखों में फिलहाल उसकी ओर से पैरवी करने वाले किसी वकील का नाम दर्ज नहीं है। संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) के अनुसार एलाबाउडी के खिलाफ जांच तब शुरू हुई, जब अधिकारियों को पता चला कि उसने विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाले एसीटोन और सोडियम बाइसल्फेट जैसे रसायन तथा ड्रोन में इस्तेमाल होने वाले पुर्जे खरीदे थे। एफबीआई के अनुसार, एलाबाउडी का उद्देश्य हूती विद्रोहियों की संचार क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करना था।
इसी सिलसिले में वह पिछले साल सितंबर में यमन गया था। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका लौटने पर एलाबाउडी ने सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा अधिकारियों से झूठ बोला कि वह आधिकारिक काम से ओमान की यात्रा करके लौटा है और मिसाइल रक्षा प्रणालियों का निरीक्षण करने वाले अमेरिकी सरकारी मिशन का हिस्सा था। हालांकि, एफबीआई के हलफनामे के अनुसार, जब जांचकर्ताओं ने एलाबाउडी के वरिष्ठों से पूछताछ की तो उन्होंने उसकी किसी अंतरराष्ट्रीय यात्रा या किसी मिसाइल निरीक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी होने से इनकार किया।
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