अमेरिका से 9000 सैनिक, तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर मिडिल ईस्ट रवाना:ईरान पर हमले की तैयारी, ट्रम्प ने चुनाव के बाद हमले की बात कही थी
अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी और बढ़ा रहा है। करीब 9 हजार अतिरिक्त सैनिकों के साथ अमेरिका अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर थियोडोर रूजवेल्ट भी क्षेत्र में भेज रहा है। अक्टूबर के आखिर तक मिडिल ईस्ट में तीन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हो सकते हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान पर नए हमलों की चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर हमले की बात की थी। इसके पहले उन्होंने ईरान के सीजफायर प्लान को भी ठुकरा दिया था। क्षेत्र में दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर ही बचे थे अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, अक्टूबर के अंत तक मिडिल ईस्ट में अमेरिका के 3 एयरक्राफ्ट कैरियर तैनात हो सकते हैं। फिलहाल USS जॉर्ज डब्ल्यू बुश और USS जॉर्ज वॉशिंगटन पहले से वहां मौजूद हैं। अगस्त में USS अब्राहम लिंकन की वापसी के बाद क्षेत्र में दो अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर बचे थे, अब थियोडोर रूजवेल्ट के पहुंचने पर इनकी संख्या फिर तीन हो सकती है। इसके अलावा USS बॉक्सर समेत कई अन्य युद्धपोत भी क्षेत्र में तैनात हैं। नई तैनाती के बाद पश्चिम एशिया में अमेरिकी नौसेना और मरीन कर्मियों की संख्या 20 हजार से ज्यादा हो सकती है। ट्रम्प ने ठुकराया ईरान का सीजफायर प्रस्ताव टाइम मैगजीन को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने ईरान के हालिया युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकरा दिया। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की पेशकश भी की थी, लेकिन ट्रम्प के मुताबिक पूरा प्रस्ताव अमेरिका के लिए काफी नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि 3 नवंबर के चुनाव के बाद ईरान पर बमबारी बढ़ाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। --------------------- ये खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- फ्लाईदुबई को-पायलट का ईरान कनेक्शन हो सकता है: ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई होगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि इजराइल जा रहे फ्लाईदुबई विमान के को-पायलट का ईरान से संबंध हो सकता है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
72825 शिक्षक भर्ती से 32000 बेरोजगारों की उम्मीद खत्म, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिका
उत्तर प्रदेश की परिषदीय प्राथमिक स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती में चले आ रहे विवाद को सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा के लिए बंद कर दिया। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति शील नागू की खंडपीठ ने अवमानना याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
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