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'छठी मैया' गाने की शूटिंग में इमोशनल हुईं तमन्ना:बोलीं- 4 साल पहले रोल मिलता तो नहीं कर पाती; थिएटर्स के बाहर जूते-चप्पल उतारकर जा रहे लोग

एक्ट्रेस तमन्ना भाटिया इन दिनों अपनी नई फिल्म 'द वन' को लेकर काफी सुर्खियों में हैं। फिल्म में उनका किरदार और खासतौर पर 'छठी मैया' गाना चर्चा में है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में तमन्ना ने छठ महापर्व से अपने भावनात्मक जुड़ाव, स्पिरिचुअलिटी और सनातन पर खुलकर बात की। तमन्ना ने बताया कि सिनेमाघरों में दर्शक इस फिल्म को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं, बल्कि एक पर्व की तरह देख रहे हैं; लोग थिएटर में पॉपकॉर्न छोड़कर ठेकुआ बांट रहे हैं और जूते-चप्पल बाहर उतारकर हॉल में जा रहे हैं। सवाल: 'द वन' की स्क्रिप्ट जब पहली बार आपके पास आई, तो आपने इसमें काम करने के लिए 'हां' क्यों कहा? जवाब: मुझे लगा कि यह बहुत ही दिलचस्प कॉन्सेप्ट है, जो लोककथा, फैंटेसी और आस्था को एक साथ लेकर आता है। हमारे देश में ऐसी कई कथाएं हैं जो अब तक आम लोगों तक नहीं पहुंची हैं। छठ महापर्व को करीब 30 से 40 करोड़ लोग मनाते हैं। हमने होली-दिवाली तो फिल्मों में बहुत देखी है, लेकिन छठ जैसे महापर्व को पहली बार इतने बड़े पैमाने पर बड़े पर्दे पर दिखाया गया है। साथ ही, इस एक्शन फिल्म के केंद्र में एक गहरा इमोशन है। मुझे बचपन से ही 'द ममी' जैसी फिल्में पसंद रही हैं, जिनमें मैजिक और फोकलोर होता है। इसलिए मुझे लगा कि यह एक ऐसी फिल्म है जिसे पूरी फैमिली साथ बैठकर देख सकती है। सवाल: फिल्म में 'छठी मैया' का गाना करते समय आप इमोशनल हो गईं थी। आपके अंदर क्या भावनात्मक और आध्यात्मिक बदलाव आए? जवाब: जब मैंने पहली बार विशाल मिश्रा की आवाज में यह गाना सुना, तो लगा कि यह हर भक्त की अंदरूनी भावना है। शूटिंग के दौरान जब मैं सूर्य देव को अर्घ्य देने का रिचुअल कर रही थी, तब मुझे एक बहुत बड़ी बात समझ में आई, जिस चीज का अस्त होता है, उसका उदय भी निश्चित है। हम जिंदगी में कई बार उतार-चढ़ाव देखकर निराश हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व हमें सिखाता है कि डूबते सूरज के बाद उगता सूरज जरूर आता है। इस गाने ने मुझे ग्रेटिट्यूड का गहरा भाव महसूस कराया। सवाल: थिएटर से दर्शकों का किस तरह का रिएक्शन मिल रहा है, क्या आपने इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद की थी? जवाब: सच कहूं तो हमने फिल्म बनाते समय ऐसा बिल्कुल नहीं सोचा था। लेकिन अब जब मैं रील्स और वीडियो देख रही हूं, तो लोग सिनेमाघर के बाहर अपने जूते-चप्पल उतारकर अंदर जा रहे हैं। लोग हॉल में पॉपकॉर्न छोड़ ठेकुआ बांट रहे हैं। बिहार, पटना और झारखंड से जिस तरह का प्यार मिल रहा है, वैसा मैंने लंबे समय से किसी फिल्म के लिए नहीं देखा। कई लोग थिएटर में भावुक होकर रो रहे हैं, क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा है। यह देखना मेरे लिए बहुत मैजिकल है। सवाल: आप खुद शिव भक्त हैं और स्पिरिचुअल हैं। क्या इस जुड़ाव ने आपको इस रोल को निभाने में मदद की? जवाब: बिल्कुल। करीब चार साल पहले जब मैं अपने गुरु से मिली, तब मेरी असल स्पिरिचुअल जर्नी शुरू हुई। मुझे लगता है कि अगर यह फिल्म मुझे 4 साल पहले ऑफर होती, तो शायद मैं इसे उस तरह नहीं कर पाती। क्योंकि भक्ति एक ऐसा भाव है जिसमें आप कोई मिलावट या झूठी एक्टिंग नहीं कर सकते। अगर आपके अंदर वह भाव सच्चा नहीं है, तो दर्शक तुरंत पकड़ लेते हैं। पटना में एक स्टूडेंट ने मुझसे कहा था कि आप यह गाना इसलिए कर पाईं क्योंकि ऊपर वाले ने आपको इसके लिए चुना है। सवाल: आजकल सनातन और भारतीय संस्कृति पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का काफी प्यार मिल रहा है। इस दौर को आप कैसे देखती हैं? जवाब: यह बहुत जरूरी दौर है, खासकर अर्बन इंडिया के लिए। हम हर चीज को लॉजिक और सबूत से तौलने की कोशिश करते हैं। सनातन संस्कृति में जो बातें कही गई हैं, वे जितनी स्पिरिचुअल हैं, उतनी ही साइंटिफिक भी हैं। स्पिरिचुअलिटी कहती है कि आप पहले विश्वास कीजिए, अनुभव अपने आप मिल जाएगा। आज लोग अपनी संस्कृति के बारे में और जानना चाहते हैं, इसलिए जब उन्हें ऐसी सच्ची कहानियां मिलती हैं, तो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बेहतरीन प्रदर्शन करती हैं। सवाल: फिल्मों में सिनेमैटिक लिबर्टी और कल्चरल ऑथेंटिसिटी के बीच संतुलन बनाना कितना मुश्किल होता है? जवाब: आपका इरादा सही होना चाहिए। जब हमने छठ का पूरा सीक्वेंस शूट किया, तो सभी नियमों और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा। हमारे डायरेक्टर दीपक यूपी-बिहार बेल्ट से हैं, इसलिए वे बहुत पर्टिकुलर थे। हम कोई डॉक्यूमेंट्री नहीं बना रहे थे, बल्कि एक कहानी के जरिए छठ की आस्था और इमोशन को लोगों तक पहुंचा रहे थे। उस इमोशन को फील कराने के लिए थोड़ी सिनेमैटिक लिबर्टी लेनी पड़ती है, ताकि दर्शक उस श्रद्धा को गहराई से महसूस कर सकें। 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन फिल्म 'वन - फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' ने अपनी रिलीज के छठे दिन 7,070 शो के जरिए ₹4.25 करोड़ का नेट कलेक्शन दर्ज किया है। इस कमाई के साथ भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन ₹49.10 करोड़ और कुल ग्रॉस कलेक्शन ₹58.42 करोड़ तक पहुंच गया है। ओवरसीज मार्केट की बात करें तो फिल्म ने छठे दिन ₹0.50 करोड़ की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन ₹5.00 करोड़ हो गया है। इन आंकड़ों को मिलाकर फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब ₹63.42 करोड़ हो चुका है। फिल्म 25 सितंबर को रिलीज हुई थी।

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IND vs PAK Preview: एशियन गेम्स फाइनल में भारत-पाकिस्तान आमने-सामने, टीम इंडिया के पास गोल्ड जीतने का मौका

स्पोर्ट्स डेस्क। क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की एक और हाई-वोल्टेज भिड़ंत के लिए मंच तैयार है। एशियन गेम्स के पुरुष टी20 क्रिकेट फाइनल में शनिवार सुबह दोनों टीमें आमने-सामने होंगी। दिलचस्प बात यह है कि पुरुष एशियन गेम्स में भारत और पाकिस्तान की टीमें इससे पहले कभी एक-दूसरे के खिलाफ नहीं खेली हैं।

टी20 इंटरनेशनल में दोनों टीमों के बीच अब तक 17 मुकाबले हुए हैं, जिसमें भारत ने 14 और पाकिस्तान ने 3 मैच जीते हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पिछले छह टी20 इंटरनेशनल मुकाबले भी अपने नाम किए हैं। ऐसे में शनिवार के फाइनल में भारतीय टीम मजबूत स्थिति में नजर आ रही है।

भारत ने सेमीफाइनल में श्रीलंका को सिर्फ 45 रन पर समेटकर शानदार जीत दर्ज की थी। टीम में वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और जसप्रीत बुमराह जैसे बड़े नाम मौजूद हैं। दूसरी ओर, पाकिस्तान ने सेमीफाइनल में बांग्लादेश को हराया, लेकिन उसकी बल्लेबाजी ज्यादा प्रभावशाली नहीं रही। छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए उसके बल्लेबाज लगातार विकेट गंवाते रहे। आखिर में अब्दुल समद ने 15 गेंदों पर 30 रन की तेज पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।

साहिबजादा फरहान पर पाकिस्तान की नजरें
पाकिस्तान को कप्तान साहिबजादा फरहान से बड़ी पारी की उम्मीद होगी। पिछले टी20 एशिया कप में भारत के खिलाफ उन्होंने 57, 58 और 40 रन बनाए थे। पाकिस्तान तीनों मैच हार गया था, लेकिन फरहान ने शुरुआती बल्लेबाजी में टीम को मजबूती दी थी। भारत के खिलाफ चार टी20 पारियों में उनके नाम दो अर्धशतक हैं और औसत 38.75 का है। उन्होंने भारत के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से सबसे ज्यादा नौ छक्के भी लगाए हैं।

संजू सैमसन के पास भी मौका
भारत की ओर से संजू सैमसन की नजरें बड़ी पारी पर होंगी। पाकिस्तान के खिलाफ उनका टी20 स्ट्राइक रेट 100 से कम है, हालांकि उन्होंने इस टीम के खिलाफ सिर्फ दो पारियां खेली हैं। सेमीफाइनल में वह 7 रन बनाकर बोल्ड हुए थे। सेमीफाइनल में वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला और सैमसन नंबर-3 पर उतरे। फाइनल में भी उनकी बल्लेबाजी क्रम में बदलाव संभव है।

भारत ने सेमीफाइनल में अर्शदीप सिंह को बाहर रखकर जसप्रीत बुमराह को एकमात्र प्रमुख तेज गेंदबाज के रूप में खिलाया था। संभव है कि फाइनल में अर्शदीप को मौका मिले, ताकि वह बिना गेंद डाले टूर्नामेंट से वापस न लौटें।

निसिन में शनिवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। बारिश की संभावना करीब 10 प्रतिशत है और तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। पिच से सेमीफाइनल की तरह टर्न और उछाल मिलने की उम्मीद है। पाकिस्तान चार स्पिनरों के साथ उतर सकता है।

Fri, 02 Oct 2026 16:38:50 +0530

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