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Anemia Risks: Hemoglobin और Iron बढ़ाने के लिए भीगी किशमिश के साथ Diet में शामिल करें Vitamin C

शरीर में खून की कमी यानी की एनीमिया होने एक बहुत आम समस्या है। वहीं इसका सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं होती हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 57% महिलाएं और लड़कियां एनीमिया की समस्या का शिकार हैं। खून में हीमोग्लोबिन का लेवल कम होने से एनीमिया होती है। हीमोग्लोबिन सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है, इसकी कमी होने पर शरीर के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है।

अगर आपको भी हर समय ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है, स्किन पीली हो रही है, सांस फूलने या सांस लेने में समस्या रहती है या चक्कर आता है। तो एक बार आपको डॉक्टर से इसकी जांच करानी चाहिए कि कहीं यह एनीमिया का संकेत तो नहीं है। एनीमिया होने पर लोगों को गुड़, चुकंदर और रोजाना सुबह भीगी हुई किशमिश खाने की सलाह दी जाती है। वहीं किशमिश को लेकर दावा इतना ज्यादा वायरल हो रहा है कि कई लोगों का मानना है कि रोजाना सुबह भीगी हुई किशमिश खाने से खून की कमी दूर होगी। तो आइए जानते हैं इसमें कितनी सच्चाई है।

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जानें एनीमिया में किशमिश खाने के फायदे

शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन बनाने में इस्तेमाल होने वाला खनिज आयरन किशमिश में पाया जाता है। यही वजह है कि इससे एनीमिया की समस्या ठीक हो सकती है।

अगर किसी में आयरन की कमी की वजह हल्का पोषण समस्या है, तो किशमिश और आयरन से भरपूर डाइट से फायदा मिल सकता है।

लेकिन अगर शरीर में हीमोग्लोबिन कम है या शरीर में आयरन ठीक से अवशोषित नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में सिर्फ किशमिश खाने से काम नहीं चलेगा।

भीगी किशमिश के लाभ

एनीमिया की वजह पता करना भी बेहद जरूरी है। महिलाओं में भोजन में आयरन की कमी, अधिक मासिक रक्तस्त्राव, आंतों से आयरन का कम अवशोषण या दूसरी बीमारियों की वजह से भी एनीमिया की समस्या हो सकती है। डाइट में गड़बड़ी होने से एनीमिया होने पर किशमिश से काफी हद तक सुधार हो सकता है।

भिगोकर किशमिश खाने से यह नरम हो जाती है और इसको पचाना भी आसान हो जाता है।

किशमिश के अलावा आयरन के अन्य स्त्रोत जैसे हरी बीन्स, दालें, मांस-मछली और कुछ सूखे फलों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

इन बातों का भी रखें खास ध्यान

बता दें कि एनीमिया में सिर्फ आयरन की मात्रा नहीं बल्कि इसका अवशोषण भी जरूरी है। पशु स्त्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में पौधों से मिलने वाले आयरन का अवशोषण कम होता है।

विटामिन सी भी इसके अवशोषण को बढ़ाने में सहायता करता है। यानी की आयरन वाली चीजों को खाने के साथ-साथ अपनी डाइट में विटामिन सी को भी शामिल करना जरूरी होता है।

हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो गंभीर लेवल की एनीमिया में सिर्फ खाने के माध्यम में शरीर में आयरन की जरूरत को पूरा कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो जाता है।

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Team India के ODI स्क्वाड में Rishabh Pant की वापसी मुश्किल, 2 साल से नहीं खेला मैच

ऋषभ पंत के टेस्ट क्रिकेट में लगातार मजबूत होते कद के बीच सीमित ओवरों की टीम में उनकी जगह को लेकर तस्वीर अब भी साफ नहीं है। भारतीय टीम के लिए पंत ने 2 साल से ज्यादा समय से कोई वनडे मुकाबला नहीं खेला है। वेस्टइंडीज के खिलाफ घोषित वनडे टीम में भी उन्हें जगह नहीं मिली है, जिससे 50 ओवर के क्रिकेट में उनकी वापसी को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार पंत ने भारत के लिए अब तक 31 वनडे मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने 33.50 की औसत से 871 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक निकले हैं। उनका सबसे बड़ा वनडे स्कोर 125 रन नाबाद है, जो उन्होंने 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था।

अब विकेटकीपर की दौड़ पहले से ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। ईशान किशन ने वनडे में सबसे तेज दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया है, लेकिन वह अभी तक 50 ओवर की टीम में अपनी जगह नियमित नहीं कर पाए हैं। वहीं ध्रुव जुरेल को भी वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में शामिल किया गया है। ऐसे में पंत के लिए वापसी का रास्ता आसान नहीं दिखता है।

खुद पंत भी मानते हैं कि टीम से बाहर होना तकलीफ देता है। उन्होंने खेल से जुड़े एक कार्यक्रम में कहा कि किसी खिलाड़ी को जब झटका लगता है तो वापसी की उम्मीद हमेशा बनी रहती है। उनके मुताबिक खिलाड़ी को रोजमर्रा के करियर में ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और अपने रास्ते पर ध्यान बनाए रखना जरूरी है।

पंत ने यह भी कहा कि बाहर से लोग अलग-अलग राय दे सकते हैं, लेकिन खिलाड़ी को पता होता है कि वह कितनी मेहनत कर रहा है। उनका कहना है कि मौके का इंतजार करने के साथ सही समय आने पर उसे अपने प्रदर्शन से अपने पक्ष में बदलना भी जरूरी है।

टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी पंत की स्थिति पूरी तरह मजबूत नहीं है। संजू सैमसन इस प्रारूप में भारत के प्रमुख विकेटकीपर बल्लेबाज बने हुए हैं। टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद सैमसन की स्थिति और मजबूत हुई है। ईशान किशन भी जरूरत पड़ने पर विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालते हैं।

गौरतलब है कि पंत के पिछले 2 आईपीएल सीजन भी बल्ले से बहुत प्रभावी नहीं रहे हैं। 2025 में उन्होंने 24.45 की औसत और 133.17 के स्ट्राइक रेट से 269 रन बनाए थे। हालांकि, सीजन के आखिरी लीग मुकाबले में उन्होंने शतक लगाया था। इसके अगले सीजन में पंत ने 28.36 की औसत और 138 के स्ट्राइक रेट से 312 रन बनाए हैं।

इसके बावजूद पंत ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय टीम में वापसी की कोशिश जारी रखेंगे। उनका मानना है कि उन्हें अब भी अपनी क्षमता दिखाने के पर्याप्त मौके नहीं मिले हैं। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लगातार बदल रहा है और ऐसे में खिलाड़ी को मौके का इंतजार करने के साथ मिले अवसर को प्रदर्शन में बदलना पड़ता है। यही कोशिश अब पंत की वापसी की राह तय करने वाली है।

Fri, 02 Oct 2026 22:27:00 +0530

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