CLAT 2027: परीक्षा केंद्रों की सूची से वेल्लोर और तिरुवारूर बाहर, उम्मीदवार 31 अक्टूबर तक बदलें अपना सेंटर
CLAT 2027: कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) 2027 में शामिल होने वाले छात्रों के लिए एक जरूरी अपडेट सामने आया है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के कंसोर्टियम ने परीक्षा केंद्रों की सूची में बड़ा बदलाव करते हुए वेल्लोर और तिरुवारूर शहरों को हटा दिया है। जिन उम्मीदवारों ने अपने परीक्षा केंद्र के रूप में इन दोनों में से किसी शहर का चयन किया था, उन्हें अब किसी अन्य वैकल्पिक शहर का चुनाव करने के लिए कहा गया है।
कंसोर्टियम ने इस संबंध में 3 सितंबर 2026 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत छात्रों को अपनी पसंद अपडेट करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 दी गई है।
परीक्षा केंद्र की पसंद बदलने की प्रक्रिया
वेल्लोर या तिरुवारूर को अपने परीक्षा शहर के रूप में चुनने वाले उम्मीदवारों को अपना सेंटर बदलने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना होगा:
- सबसे पहले अपने CLAT अकाउंट में लॉगिन करें।
- इसके बाद 'Edit Application Form' के विकल्प पर क्लिक करें।
- अब 'Test Centre Preference' टैब को ओपन करें।
- ड्रॉप-डाउन मेनू में से किसी अन्य वैकल्पिक परीक्षा केंद्र शहर का चयन करें।
- अपने बदले हुए विकल्प की पुष्टि के लिए 'Save/Submit' बटन पर क्लिक करें।
यह पूरी प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से पहले नहीं, बल्कि निर्धारित अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी कर लें।
उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि बदलाव सहेजने के बाद अपने नए विकल्प की सावधानीपूर्वक जांच अवश्य कर लें।
सहायता के लिए हेल्पडेस्क विवरण
यदि किसी उम्मीदवार को परीक्षा केंद्र की पसंद को अपडेट करने में किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो वे नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज के कंसोर्टियम से संपर्क कर सकते हैं। उम्मीदवार अपनी समस्याएं ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं या आधिकारिक हेल्पडेस्क नंबर 080-47162020 पर संपर्क कर सकते हैं। यह हेल्पडेस्क कार्य दिवसों (working days) पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच उपलब्ध रहेगी।
कंसोर्टियम ने प्रभावित छात्रों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए तय समय सीमा के भीतर अपने परीक्षा केंद्र को अपडेट कर लें।
West Bengal में स्कूली पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी, Shyama Prasad Mukherjee पर शामिल होगा पाठ
कोलकाता, एक अक्टूबर कल्याणी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर देबाशीष चटर्जी की अध्यक्षता वाली पश्चिम बंगाल सरकार की पाठ्यक्रम-सह-पाठ्यचर्या समिति ने स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इनमें श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और योगदान पर पाठ शामिल करना तथा आठवीं कक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम से सिंगूर आंदोलन के संदर्भ हटाना शामिल है। चटर्जी ने बुधवार को एक बांग्ला टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा कि पाठ्यक्रम और कक्षा एक से 12वीं तक की पाठ्यपुस्तकों में संशोधन की प्रक्रिया के तहत इन सिफारिशों को मंजूरी के लिए राज्य सरकार के पास भेजा गया है।
समिति का गठन जुलाई में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 और नवीनतम राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखाओं के अनुरूप मौजूदा पाठ्यक्रम की समीक्षा करने के लिए किया गया था। चटर्जी ने कहा कि सिफारिशों के तहत सभी कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में मुखर्जी के जीवन और योगदान पर एक खंड शामिल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस कवायद का उद्देश्य मौजूदा पाठ्यक्रम में पूरी तरह बदलाव करने के बजाय आवश्यक संशोधन और सुधार करना है।
समिति ने कक्षा आठवीं के इतिहास के पाठ्यक्रम से सिंगूर आंदोलन को हटाने का भी प्रस्ताव दिया है। यह आंदोलन तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार के दौरान पाठ्यक्रम में शामिल किया गया था। चटर्जी ने कहा कि बांग्ला साहित्य में रवींद्रनाथ टैगोर की कविता ‘अफ्रीका’ को हटाने और उसकी जगह ‘शिवाजी उत्सव’ को शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है।
चटर्जी के अनुसार, 2027 के शैक्षणिक सत्र के लिए संशोधित पुस्तकें दो जनवरी तक स्कूलों में पहुंचने की उम्मीद है।
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