Video: खुशबू पाटनी ने सेफ्टी के लिए लड़कियों को दी एयर पिस्टल रखने की सलाह, बोलीं- 'खुद की रक्षा करना सीखें'
Khushboo Patani: देश में लड़कियों से बदसलूकी के बढ़ते मामले को देखते हुए अब अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन और पूर्व भारतीय सेना अधिकारी खुशबू पाटनी ने महिलाओं-लड़कियों के लिए खास संदेश दिया है। बिहार के जमुई में एक लड़का-लड़की से हुए उत्पीड़न और हमले के मामले के बाद खुशबू ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने लड़कियों को सेल्फ डिफेंस के लिए एयर पिस्टल रखने की सलाह देते हुए कहा की वे खुद अपनी रक्षा करें।
खुशबू ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने एयर पिस्टल के काम करने के तरीके के बारे में बताया और इसके इस्तेमाल की ट्रेनिंग लेने की सलाह दी। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी किसी चीज का इस्तेमाल केवल आत्मरक्षा के लिए और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए।
लड़कियों को एयर पिस्टल की ट्रेनिंग लेने की सलाह
रविवार को खुशबू ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने एयर पिस्टल के इस्तेमाल के बारे में बताया और कहा कि लड़कियां अपनी सुरक्षा के लिए इसे चलाना सीख सकती हैं। खुशबू ने दिखाया कि पिस्टल कैसे काम करती है और बताया कि इसमें गोली चलाने के लिए बारूद या आम कारतूस के बजाय CO2 का इस्तेमाल होता है।
उन्होंने लड़कियों से पास की शूटिंग रेंज में सही ट्रेनिंग लेने को कहा और कहा, "आप इसे खरीद सकती हैं, अपने पास रख सकती हैं और अपनी सुरक्षा कर सकती हैं; किसी पर निर्भर न रहें। वरना, भारत में जो हो रहा है, वह कभी खत्म नहीं होगा। इसकी कीमत ₹60,000-70,000 है और यह अच्छी है। आप अपने पास की शूटिंग रेंज में इसे चलाने की ट्रेनिंग ले सकती हैं।" उन्होंने यह भी दिखाया कि यह कैसे काम करती है।
‘यह खिलौना नहीं है, जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें’
खुशबू ने अपने पोस्ट के साथ एक डिस्क्लेमर भी साझा किया। इसमें उन्होंने जोर दिया कि एयर पिस्टल को खिलौना नहीं समझना चाहिए और इसे केवल जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
उन्होंने एयर पिस्टल के इस्तेमाल से जुड़े कुछ नियम भी बताए और लिखा, "इसे कभी भी ऑनलाइन न खरीदें। हमेशा अपने इलाके के डीलर के पास जाएं और उनसे बात करें। उनके पास हर तरह की CO2 एयर पिस्टल होती है; वही खरीदें जिसे आप तेज़ी से संभाल सकें, इसलिए वज़न का ध्यान रखना ज़रूरी है। असली हो या नकली, इसे सिर्फ़ एक ज़िम्मेदार व्यक्ति को ही खरीदना चाहिए और वह भी सिर्फ़ अपनी सुरक्षा के लिए। किसी लोकल शूटिंग रेंज में पिस्टल चलाना सीखें; साथ ही, बिना एयर पिस्टल को देखे उसे तेज़ी से पर्स या जेब से निकालना भी सीखें।
‘कमजोर महसूस न करें, आत्मविश्वास जरूरी है’
खुशबू ने अपने संदेश में आत्मविश्वास को भी अहम बताया। उन्होंने लड़कियों से कहा कि उन्हें खुद को कमजोर नहीं समझना चाहिए और अपनी क्षमता पर भरोसा रखना चाहिए।
उन्होंने दोहराया कि उनका सुझाव केवल आत्मरक्षा के संदर्भ में है और किसी भी उपकरण का इस्तेमाल सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों को अपनी परिस्थितियों और क्षमता के अनुसार ही कोई फैसला लेने की सलाह दी।
क्या है जमुई का पूरा मामला?
बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर को कक्षा 10 के एक छात्र और छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न और मारपीट का मामला सामने आया था। बताया गया कि दोनों एक स्थानीय पर्यटन स्थल से लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों के समूह ने उन्हें कथित तौर पर रोक लिया और उनके साथ मारपीट व अभद्रता की।
लड़की के प्राइवेट पार्ट में हांथ डालकर यह गुंडा उसे जंगल की ओर लेकर भागने की कोशिश कर रहा है।
— Cockroach Janta Party (@Swatantrvoice) September 21, 2026
इस कुत्ते को फांसी होनी चाहिए कि नहीं?#Jamui pic.twitter.com/7rAJzRaQCv
मामले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद घटना को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और आरोपियों की पहचान के लिए SIT का गठन किया।
23 सितंबर तक पुलिस ने मामले में पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक, वीडियो के आधार पर करीब सात लोगों की पहचान की गई थी और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी थी।
उत्तराखंड सरकार का बड़ा ऐलान: 11 हजार स्टूडेंट्स को मिलेगी Free Coaching, UPSC समेत इन परीक्षाओं की होगी तैयारी
उत्तराखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार, 7 सितंबर को प्रदेश के स्टूडेंट्स के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग योजना का शुभारंभ किया। सरकार का लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर या महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा पाने वाले प्रतिभावान छात्रों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है।
इस योजना के जरिए छात्रों को देश के अनुभवी शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और प्रोफेशनल कोचिंग संस्थानों से ऑनलाइन पढ़ने का मौका मिलेगा। खास बात यह है कि योजना का दायरा केवल UPSC तक सीमित नहीं है। इसमें कई प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं को शामिल किया गया है।
11 हजार छात्रों को मिलेगा फ्री कोचिंग का लाभ
सरकार ने योजना के तहत कुल 11 हजार स्टूडेंट्स को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग देने का लक्ष्य रखा है। अलग-अलग परीक्षाओं के लिए सीटों का बंटवारा भी किया गया है।
UPSC और स्टेट PCS: 2,000 छात्र
SSC, रेलवे और बैंकिंग समेत समकक्ष परीक्षाएं: 5,000 छात्र
डिफेंस सर्विस परीक्षाएं: 2,000 छात्र
NET, GATE, CSIR और JRF: 1,000 छात्र
CAT/MAT जैसी मैनेजमेंट प्रवेश परीक्षाएं: 1,000 छात्र
इस तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की अलग-अलग कैटेगरी में छात्रों को उनकी जरूरत के मुताबिक तैयारी और मार्गदर्शन दिया जाएगा।
ऑनलाइन स्क्रीनिंग टेस्ट से होगा चयन
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को खुली ऑनलाइन स्क्रीनिंग परीक्षा में शामिल होना होगा। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित पोर्टल के जरिए आवेदन कर स्क्रीनिंग टेस्ट दे सकेंगे।
स्क्रीनिंग परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर छात्रों का चयन संबंधित परीक्षा की तैयारी के लिए किया जाएगा। चयन के दौरान छात्रों की योग्यता, परीक्षा में प्रदर्शन और तय पात्रता मानकों को ध्यान में रखा जाएगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि टॉपर और मेधावी छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। यानी योजना का फायदा उन छात्रों तक पहुंचाने पर जोर रहेगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर गंभीर हैं।
सिर्फ लाइव क्लास नहीं, डिजिटल स्टडी मटेरियल भी मिलेगा
फ्री कोचिंग योजना में छात्रों को केवल लाइव ऑनलाइन क्लास की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्हें पढ़ाई के लिए पूरा डिजिटल सपोर्ट उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके तहत छात्रों को रिकॉर्डेड लेक्चर, डिजिटल स्टडी मटेरियल, विषयवार प्रश्न बैंक, ऑनलाइन टेस्ट और मॉक टेस्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। परीक्षा के पैटर्न के अनुसार अभ्यास भी कराया जाएगा।
रिकॉर्डेड क्लास की सुविधा से छात्र अपनी जरूरत के मुताबिक किसी टॉपिक को दोबारा पढ़ सकेंगे। वहीं नियमित टेस्ट और मॉक टेस्ट से उन्हें अपनी तैयारी का स्तर समझने में मदद मिलेगी।
इन कोचिंग संस्थानों की ली जाएगी मदद
सरकार ने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए कुछ प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों का चयन किया है। इनमें Study IQ, Delhi, Mahendra Private Limited, Lucknow और Doon Dreamers, Dehradun शामिल हैं।
इन संस्थानों के शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के जरिए अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसके साथ देश के अनुभवी प्रोफेशनल ट्यूटर और विशेषज्ञ भी इस कार्यक्रम से जोड़े जाएंगे।
धामी बोले- आर्थिक स्थिति सपनों के बीच बाधा न बने
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि डिजिटल तकनीक के जरिए शिक्षा की पहुंच और अवसरों को बड़े स्तर तक ले जाया जा सकता है। सरकार का प्रयास है कि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सभी तक पहुंच—इन तीनों को एक साथ जोड़कर छात्रों को उनके लक्ष्य की दिशा में बेहतर मार्गदर्शन दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन मिल सके। आर्थिक स्थिति किसी प्रतिभावान छात्र की पढ़ाई और उसके सपनों के बीच रुकावट न बने, इसी सोच के साथ मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग योजना शुरू की गई है।
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