Numerology Prediction: 28 सितंबर 2026 को Numerology अनुसार मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए ऐसा रहेगा दिन
अंक ज्योतिष में जन्मतारीख से मिलने वाले मूलांक के आधार पर किसी भी व्यक्ति के जीवन से जुड़ी कई बातों के बारे में संकेत दिए जाते हैं। 28 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 1 से लेकर 9 तक के जातकों के लिए अलग-अलग प्रभाव लेकर आया है। किसी मूलांक के लिए आज के दिन करियर में नए मौके सामने आ सकते हैं, तो वहीं किसी मूलांक के लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी से काम करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं 28 सितंबर 2026 का दिन मूलांक 1 लेकर मूलांक 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है।
मूलांक 1
आज मूलंक 1 वाले जातकों को धन से जुड़े किसी मामले में घर-परिवार से तनाव हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें। बिजनेस में आपकी मेहनत रंग ला सकती है। अपनी जिम्मेदारियों को टालने की जगह उनको पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएं।
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मूलांक 2
आज मूलांक 2 वाले जातकों के प्रेम और वैवाहिक जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। जरूरी कामों पर ध्यान दें और बेवजह की बातचीत में अपना समय न गवाएं। जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर अनबन हो सकती है। मन को शांत रखने के लिए ध्यान करें।
मूलांक 3
मूलांक 3 वाले जातक किसी भी नए काम को शुरू करने से पहले अच्छे-बुरे दोनों पहलुओं पर विचार जरूर करें। कार्यक्षेत्र या नौकरी के कारण यात्रा करनी पड़ सकती है। आज कुछ काम आसानी से बन जाएंगे, तो वहीं कुछ कामों में रुकावट आ सकती है।
मूलांक 4
मूलांक 4 वाले जातकों के मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। हालांकि आय बढ़ने के साथ खर्चे भी बढ़ सकते हैं। नौकरी में किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से बहस करने से बचें।
मूलांक 5
इस मूलांक के जातकों के लिए आज का दिन व्यापार के लिए थोड़ा चुनौतीभरा रह सकता है। कुछ लोग आपके काम में कमियां निकालने या फिर रुकावट डालने की कोशिश करेंगे। हालांकि पुराने कार्य धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे। परिस्थितियों से परेशान होने की जगह धैर्य के साथ आगे बढ़ते रहें।
मूलांक 6
मूलांक 6 वाले जातकों को परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा। जीवनसाथी का साथ पाने से राहत महसूस करेंगे। किसी प्रिय व्यक्ति के साथ कहीं घूमने के लिए जा सकते हैं। धन लाभ के मौके मिल सकते हैं।
मूलांक 7
आज इस मूलांक के लोगों को अपना समय बर्बाद करने से बचना चाहिए। नौकरी में प्रमोशन या फिर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। अचानक यात्रा पर जा सकते हैं। ऑफिस में नया कॉन्ट्रैक्ट या फिर समझौता मिल सकता है। किसी भी कागज पर साइन करने से पहले इसको अच्छे से पढ़ लें।
मूलांक 8
मूलांक 8 वाले जातक आज अपनी सेहत को लेकर थोड़ा परेशान रह सकती हैं। पुरानी परेशानियों में फिर से उलझ सकते हैं, इसलिए अपनी दिनचर्या में लापरवाही न करें। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आ सकता है। ऑफिस में अपना व्यवहार संयम रखें।
मूलांक 9
मूलांक 9 वालों के लिए सलाह और योजनाएं तरक्की के नए रास्ते खोल सकती हैं। किसी जरूरी काम में आपकी रणनीति सही साबित होगी। अगर बैंक से लेन-देन की योजना बना रहे हैं, तो कोई और ऑप्शन देख सकते हैं। आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने से सफलता मिल सकती है।
Soul After Death: आत्मिक मूर्छा से होता है शरीर त्याग, परलोक विज्ञान ने बताए आत्मा के रोचक रहस्य
परलोक विज्ञान से जुड़े दो अहम तथ्यों पर विचार किया जा सकता है। पहला यह कि मरणासन्न अवस्था में या मृत्यु के बाद आत्मा अपने निकट के लोगों से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करती है और अपना संदेश देने की कोशिश करती है। यह संदेश भावों और विचारों में प्रकट होता है। वहीं दूसरा यह कि आत्मा के लिए काल और स्थान बाधक नहीं है। आत्मा एक ही समय में कई स्थानों पर उपस्थित रह सकती है।
आत्मा के विषय पर विस्तार से अध्ययन करने पर यह पता चलता है कि आत्मा, जिसको चेतना भी कहा जाता है, वह सूक्ष्मतम् तत्व है। इसके लिए स्थान और समय का अपना कोई भी महत्व नहीं होता है। आकाश में सर्वत्र एक समान रूप से एक विशेष तरह की सूक्ष्मतम वायु जिसको ईथर कहा जाता है, वह विद्यमान है। इसमें प्रवेश किए गए शब्द और ध्वनि के लिए स्थान और समय बाधक नहीं होता है।
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इसको उदाहरण के रूप में समझना चाहें, तो रेडियो, टेलीविजन और वायरलेस तरंगों की कार्यपद्धति इसी का उदाहरण है। इसी तरह आत्मा भी उस सूक्ष्मतम वायु, जिसको योगी गण सूक्ष्म प्राण कहते हैं, उससे संयुक्त होकर स्थान और समय से शून्य हो जाती है। इस स्थिति में आत्मा एक ही समय में कई स्थानों का दृश्य देख सकती है।
इसके अलावा आत्मा हजारों मीलों की दूरी को 1 सेकेंड के 100वें हिस्से में तय कर सकती है। आत्मा अपने विचारों और भावों को अपने संबंधी के दिमाग में प्रकट कर सकती है। आत्मा के लिए कुछ भी असंभव नहीं है। आत्मा किसी भी व्यक्ति की गति, विचारों और मति को फौरन समझ सकती है।
शरीर से अलग होते ही आत्मा को सूक्ष्मतम वायु अपनी ओर अट्रैक्ट कर लेती है। तमाम शोध यह बताते हैं कि इसी वजह से मृत व्यक्ति को हल्केपन का अनुभव होता है और उसको ऐसा लगता है, जैसे वह हवा में तैर रहा है।
मृत्यु और आत्मा के बारे में ज्यादा गहराई से जानने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि मूर्छा 3 तरह की होती है। जिसमें शारीरिक मूर्छा, मानसिक मूर्छा और आत्मिक मूर्छा है।
तीसरी तरह की मूर्छा को मृत्यु की मूर्छा कहा जाता है। क्योंकि आत्मिक मूर्छा में शरीर से आत्मा का संबंध टूटता है। आत्मिक मूर्छा में व्यक्ति शरीर का त्याग करता है। जैसे सोते समय व्यक्ति को यह पता नहीं चला पाता है कि वह कब सो गया है। ठीक उसी तरह से व्यक्ति कब मरा, उसको ज्ञात नहीं होता है। सोना और मरना दोनों ही अंजाने में या अज्ञान में घटित होते हैं।
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