ICC ने वनडे वर्ल्ड कप 2027 का शेड्यूल किया जारी, 10 अक्टूबर को होगा भारत-पाकिस्तान का मुकाबला, 3 बार आमने सामने हो सकती है दोनों टीमें
ICC वनडे वर्ल्ड कप 2027 में भारत और पाकिस्तान एक बार फिर आमने-सामने होंगे। दरअसल दोनों टीमों को ग्रुप-A में रखा गया है और इनके बीच 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में मुकाबला होगा। 2 अक्टूबर से शुरू होने वाला टूर्नामेंट 21 नवंबर तक चलेगा। इस बार 14 टीमें 57 मैच खेलेंगी और मुकाबले साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया के 12 वेन्यू पर होंगे। नए फॉर्मेट के कारण भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत सिर्फ एक मैच तक सीमित नहीं रह रहेगी।
दरअसल भारत अपना पहला मैच 7 अक्टूबर को केप टाउन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेलेगा। इसके तीन दिन बाद 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में पाकिस्तान से मुकाबला होगा। भारत और पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान और जिम्बाब्वे के साथ ग्रुप-A में रखा गया है।
भारत-पाकिस्तान मैच 10 अक्टूबर को जोहान्सबर्ग में
बता दें कि भारत पाकिस्तान का मुकाबला वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज के सबसे चर्चित मैचों में से एक रहेगा। दोनों टीमों को एक ही ग्रुप में रखा गया है इसलिए 10 अक्टूबर का मैच पहले से तय है। भारत के अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगी और उसके बाद पाकिस्तान से मुकाबला होगा। ग्रुप-A में दोनों टीमों के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और एक क्वालिफायर टीम होगी। ग्रुप स्टेज में हर टीम अपने ग्रुप की बाकी टीमों से खेलेगी। इसके बाद दोनों ग्रुप से टॉप-3 टीमें और बेहतर रिकॉर्ड वाली चौथे नंबर की टीम सुपर-7 में पहुंचेगी।
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— ICC (@ICC) October 1, 2026
वनडे वर्ल्ड कप में भारत का रिकॉर्ड
वहीं वनडे वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का पाकिस्तान के खिलाफ रिकॉर्ड भी इस मुकाबले को खास बनाता है। दोनों टीमों के बीच वनडे वर्ल्ड कप में अब तक 8 मुकाबले हुए हैं और हर बार भारत ने पाकिस्तान को हराया है। कुल मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप मुकाबलों की बात करें तो दोनों के बीच 23 मैच हुए हैं, जिनमें भारत ने 19 और पाकिस्तान ने 4 मैच जीते हैं। हालांकि 2027 में दोनों टीमों के बीच मुकाबला सिर्फ ग्रुप स्टेज तक सीमित रहने की गारंटी नहीं है क्योंकि नए फॉर्मेट में आगे भी आमना-सामना हो सकता है।
भारत-पाकिस्तान के बीच 3 मुकाबले हो सकते हैं
दरअसल 2027 वर्ल्ड कप के नए फॉर्मेट में भारत और पाकिस्तान के बीच अधिकतम तीन मुकाबले संभव हैं। पहला मुकाबला 10 अक्टूबर को ग्रुप स्टेज में तय है। इसके बाद अगर दोनों टीमें अगले चरण के लिए क्वालिफाई करती हैं तो सुपर-7 में भी आमना-सामना हो सकता है। आईसीसी के शेड्यूल में सुपर-7 चरण के दौरान भारत और पाकिस्तान का मुकाबला 7 नवंबर को केप टाउन में रखा गया है। यह मुकाबला दोनों टीमों के सुपर-7 में पहुंचने की स्थिति में होगा।
तीसरा मुकाबला सेमीफाइनल या फाइनल में संभव है। सुपर-7 की टॉप-4 टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी। नंबर-1 टीम का सामना नंबर-4 से और नंबर-2 टीम का सामना नंबर-3 से होगा। अगर भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में अलग-अलग पोजिशन के हिसाब से पहुंचते हैं और आमने-सामने आते हैं तो तीसरा मुकाबला सेमीफाइनल में होगा। अगर दोनों एक ही सेमीफाइनल में नहीं मिलते और दोनों फाइनल तक पहुंचते हैं तो खिताबी मुकाबले में तीसरी भिड़ंत हो सकती है। बता दें वर्ल्ड कप 2027 का फाइनल 21 नवंबर को जोहान्सबर्ग में खेला जाएगा।
सैलरी के आधार पर तय नहीं होगा OBC क्रीमी लेयर, MP हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अधिकारियों को निर्देश जारी
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए राहत की खबर सामने आई है। गुरुवार को क्रीमी लेयर पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है सिर्फ सैलरी के आधार पर ओबीसी की क्रीमी लेयर तय नहीं हो सकती।
नर्मदापुरम की याचिकाकर्ता रागिनी राठौर की ओर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने क्रीमी लेयर तय करने के लिए संबंधित व्यक्ति की सेवा श्रेणी, नियुक्ति के समय पद, प्रमोशन की उम्र और सामाजिक स्थिति पर भी विचार करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है मामला?
रागिनी के जिला जज पिता की सैलरी करीब 16 लाख रुपये सालाना थी। जिसे प्रशासन ने ओबीसी की क्रीमी लेयर में शामिल बताकर ओबीसी का जाति प्रमाण पत्र देने से मना कर दिया था। जिसके बाद रागिनी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और याचिका दायर की। सीनियर वकील आदित्य सांघी की दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है ।
हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के पिता को 40 साल की शासकीय सेवा के बाद प्रमोशन मिला था। जिसके बाद वो क्लास टू से क्लास वन अधिकारी बने। ऐसे में हाईकोर्ट ने कहा कि, “सिर्फ मौजूदा वेतन को क्रीमी लेयर तय के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।”
संबंधित अधिकारियों को 6 सप्ताह का समय दिया
हाईकोर्ट ने अशोकनगर के संबंधित अधिकारियों को याचिकाकर्ता के ओबीसी जाति प्रमाण पत्र के आवेदन पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया है। इस काम के लिए 6 सप्ताह का समय दिया गया है।
वंदना झा की रिपोर्ट
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