गंडक नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पार, Bihar में तटबंधों पर बढ़ा दबाव
पटना, एक अक्टूबर बिहार में नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद गंडक नदी बृहस्पतिवार को कई स्थानों पर अब तक दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से ऊपर पहुंच गई जिससे तटबंधों पर दबाव बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग (डब्ल्यूआरडी) ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राहत और बचाव अभियानों में सहायता के लिए भारतीय वायुसेना से भी मदद मांगी है। चौधरी ने जेपी गंगा पथ पर गंगा के जलस्तर का जायजा लेते हुए अधिकारियों को चौबीसों घंटे निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने राजधानी में सूखा राशन पैकेट तैयार करने के केंद्र का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का समय पर और उचित वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
अधिकारियों के अनुसार, राहत पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाले, ओआरएस घोल के पैकेट, माचिस, मोमबत्तियां और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दो वायुसेना हेलीकॉप्टर के जरिये राहत पैकेटों को हवाई मार्ग से पहुंचाया जाएगा। चौधरी ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल स्थित पैकेजिंग केंद्र में राहत पैकेटों की गुणवत्ता और उनमें शामिल सामग्री की समीक्षा की तथा अधिकारियों को खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं के वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नदियों में बढ़ते जलस्तर को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है और अगले 48 घंटे तक विशेष निगरानी रखी जाएगी। इस वर्ष गंगा, गंडक और सोन नदियों में रिकॉर्ड जलस्तर देखा गया है, जबकि बिहार में सामान्य से 32 प्रतिशत कम बारिश हुई है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है तथा प्रभावित लोगों के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक बयान के अनुसार, गोपालगंज के डुमरियाघाट में पिछले लगभग 36 घंटे से गंडक नदी का जलस्तर अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है।
वहीं, रेवा घाट और वैशाली के लालगंज में भी जलस्तर पिछले लगभग 21 घंटे से एचएफएल से करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। बयान के मुताबिक, इससे गंडक के बाएं और दाएं दोनों तटबंधों पर अत्यधिक दबाव पैदा हो गया है। इसमें कहा गया है कि बुधवार रात सारण जिले के पनापुर प्रखंड में दायां सारण तटबंध टूट गया।
वहीं, मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत मुख्य तटबंध के तहत आने वाला रिंग तटबंध भी टूट गया। बयान में कहा गया, ‘‘गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे गंडक में पानी का दबाव बन रहा है तथा स्थिति और गंभीर हो गई है। कई संवेदनशील स्थानों पर पानी पहुंचने की सूचना मिली है, जहां बाढ़ नियंत्रण के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं और चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।’’ डब्ल्यूआरडी ने कहा कि हालांकि गंडक का जलस्तर अब घट रहा है, लेकिन यह अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बना हुआ है और अगले 48 घंटे तक नदी में पानी का दबाव बने रहने की आशंका है।
विभाग ने कहा कि अन्य संवेदनशील स्थान फिलहाल सुरक्षित और नियंत्रण में हैं। डब्ल्यूआरडी के अनुसार, बिहार की कई अन्य नदियों का जलस्तर भी बृहस्पतिवार को बढ़ता रहा। कई निगरानी केंद्रों पर बागमती, बूढ़ी गंडक और घाघरा में जलस्तर बढ़ने का रुख दर्ज किया गया।
बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर 50.03 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 1.35 मीटर ऊपर है। वहीं, कटौझा में इसका जलस्तर घट रहा था। खगड़िया में बूढ़ी गंडक का जलस्तर 36.96 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.38 मीटर ऊपर है।
गंगा का जलस्तर पटना के दीघा, गांधी घाट और हथीदह तथा भागलपुर के कहलगांव में भी बढ़ रहा था। गांधी घाट पर जलस्तर 49.67 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 1.07 मीटर ऊपर है, जबकि हथीदह में यह 42.49 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.73 मीटर अधिक है। बैराजों पर सुबह आठ बजे वाल्मीकिनगर में गंडक नदी में पानी का प्रवाह 95,340 क्यूसेक रहा, जो बुधवार रात आठ बजे के 99,505 क्यूसेक से कम है।
इसी अवधि में बीरपुर में कोसी का पानी का प्रवाह 67,564 क्यूसेक से घटकर 46,743 क्यूसेक हो गया, जबकि इंद्रपुरी बैराज में सोन नदी का प्रवाह 1,14,000 क्यूसेक से घटकर 1,02,100 क्यूसेक हो गया। वाल्मीकिनगर में 28 सितंबर को गंडक नदी में 2026 का अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 5,43,500 क्यूसेक दर्ज किया गया था। वहीं, कोसी का इस वर्ष का अधिकतम जलप्रवाह 26 सितंबर को बीरपुर में 3,13,595 क्यूसेक दर्ज किया गया था।
विभिन्न नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का असर पड़ा है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सुपौल, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल शामिल हैं।
BJP को हटाने के लिए 2029 तक रुकने की जरूरत नहीं, बोलीं Mamata Banerjee
(तस्वीरों सहित) नयी दिल्ली, एक अक्टूबर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका मानना है कि भारतीय जनता पार्टी इस बार जाएगी और विपक्ष को 2029 के लोकसभा चुनाव तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने विपक्षी इंडिया गठबंधन से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया। बनर्जी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी गठबंधन ने एक दिन पहले दिल्ली में साढ़े तीन घंटे बैठक की और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग (ईसी) के खिलाफ संयुक्त कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया।
इसमें देशभर में लोकतंत्र बचाओ कार्यक्रम आयोजित करना, छह अक्टूबर को विपक्षी सांसदों द्वारा निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालना और राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगना शामिल है। बनर्जी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, हमें विश्वास है कि इस बार भाजपा जाएगी और हमें 2029 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है। देखिए क्या होता है।
खेल शुरू हो चुका है। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को फिलहाल निर्वाचन आयोग के कामकाज सहित तत्काल राजनीतिक लड़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा, वे निर्वाचन आयोग के जरिये ताकत के दम पर उपचुनाव जीत सकते हैं, लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं।
सबसे पहले ज्ञानेश कुमार (मुख्य निर्वाचन आयुक्त) को जाना चाहिए। वैनिश कुमार ने लोकतंत्र को गायब कर दिया है। दूसरा, चुनाव प्रणाली में सुधार किया जाना चाहिए।
सभी को मिलकर लड़ना चाहिए। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों के बारे में टीएमसी प्रमुख ने कहा, पिछली बार भी उन्होंने (भाजपा ने) हेरफेर करके जीत हासिल की। उन्हें बहुमत नहीं मिला था।
इसके बाद उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य जल्द बदल सकता है, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह कोई निश्चित समयसीमा नहीं बता रही हैं। बनर्जी ने कहा, देखिए यह कितने समय तक चलेगा। दो महीने, तीन महीने, छह महीने।
मैं ज्योतिषी नहीं हूं। लेकिन मुझे लगता है कि बहुत जल्द आपको अच्छी खबर मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि विपक्ष की रणनीति पर फैसले सामूहिक रूप से लिए जाएंगे और टीएमसी इंडिया गठबंधन में बनी रहेगी।
उन्होंने कहा, हम इंडिया गठबंधन के साथ हैं और गठबंधन जो भी फैसले करेगा, हम परिवार की तरह उनका सम्मान करेंगे और एकजुट होकर मिलकर काम करेंगे।
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