सतना से 18 KM दूर जंगल वाला पार्क, 10 हजार पौधे, वॉच टावर और इलेक्ट्रिक साइकिल, 10 रुपये में घूमिए नरों हिल्स
Biodiversity Park in Satna: अगर आप मध्य प्रदेश के सतना शहर की भीड़भाड़ से दूर कुछ घंटे प्रकृति के बीच बिताना चाहते हैं, तो बरहटा का नरों हिल्स बायोडायवर्सिटी पार्क आपके लिए खास जगह हो सकती है. यहां पहुंचते ही आपको आम शहर वाले पार्क जैसा माहौल नहीं बल्कि पहाड़ी, जंगल, हरियाली और नेचर ट्रेक का अलग ही अनुभव मिलेगा. सबसे खास बात यह है कि इस जगह को सिर्फ घूमने-फिरने के लिए नहीं बनाया गया है बल्कि वन क्षेत्र में कम होती जा रही पेड़-पौधों की प्रजातियों को बचाकर रखने के लिए इसे बायोडायवर्सिटी सेंटर के रूप में विकसित किया गया है. यहां घूमते हुए आपको ऐसी कई प्रजातियों के पेड़-पौधे भी देखने को मिल सकते हैं, जो आम जंगलों में अब आसानी से नजर नहीं आते. पार्क में नेचर ट्रेल, बटरफ्लाई गार्डन, बच्चों के लिए प्ले एरिया, वॉच टावर, बैठने के लिए शेड और बेंच जैसी सुविधाएं भी हैं. वहीं पहाड़ी से आसपास का हरियाली भरा नजारा इस जगह की खूबसूरती को और बढ़ा देता है.
खेत खाली होने वाला है तो करें इन 3 फसलों की खेती! 30 से 90 दिन में तैयार, सर्दियों की मांग से बढ़ेगी कमाई
बरसात के मौसम खत्म होने को है और विंध्य-बघेलखंड के गांवों में खेतों की मेड़, खाली जमीन, नमी वाली जगहों और रास्तों के किनारे अपने आप उगने वाली रानभाजियां अब लोगों की रसोई में पहुंचने लगी हैं. इन्हीं पारंपरिक भाजियों में कनकौआ भी शामिल है. गांवों में इसे आज भी बड़े चाव से खाया जाता है. खास बात यह है कि इसे उगाने के लिए न तो खेत तैयार करना पड़ता है और न ही अलग से बीज बोने की जरूरत होती है. बारिश के दिनों में यह प्राकृतिक रूप से बहुतायत में दिखाई देती है.
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