Hyundai Motor India की कुल Sales 10.8 Percent बढ़ी, जुलाई का रिकॉर्ड भी तोड़ा
त्योहारी मौसम शुरू होने के साथ ही वाहन बाजार में हलचल बढ़ती दिख रही है। इसी बीच हुंडई मोटर इंडिया ने सितंबर 2026 में बिक्री का नया रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी ने घरेलू बिक्री और निर्यात को मिलाकर कुल 77,916 वाहन बेचे हैं। यह कंपनी की अब तक की सबसे ज्यादा मासिक कुल बिक्री है और पिछले साल सितंबर के मुकाबले इसमें 10.8% की बढ़ोतरी हुई है।
बता दें कि हुंडई मोटर इंडिया की सितंबर में घरेलू बिक्री 57,166 वाहन रही है। पिछले साल इसी महीने कंपनी ने जितने वाहन बेचे थे, उसके मुकाबले इस बार घरेलू बिक्री में 10.9% की वृद्धि दर्ज हुई है। वहीं, सितंबर में कंपनी ने 20,750 वाहनों का निर्यात किया है, जो सालाना आधार पर 10.4% ज्यादा है।
हुंडई मोटर इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि कंपनी ने सितंबर में 77,916 वाहनों की कुल बिक्री के साथ दोहरे अंक में वृद्धि दर्ज की है। उन्होंने बताया कि सितंबर का आंकड़ा जुलाई 2026 में बनाए गए कंपनी के पिछले मासिक बिक्री रिकॉर्ड से भी आगे निकल गया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, जुलाई 2026 तक कंपनी की सबसे ज्यादा मासिक कुल बिक्री का रिकॉर्ड दर्ज था। सितंबर में घरेलू बाजार के साथ निर्यात में भी अच्छी बढ़ोतरी होने से हुंडई ने यह पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है। इससे कंपनी को त्योहारी मौसम के दौरान बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि भारत में त्योहारी मौसम वाहन कंपनियों के लिए काफी अहम माना जाता है। इस दौरान कार खरीदने की मांग बढ़ने से कंपनियां नए मॉडल और आकर्षक विकल्पों के जरिए ग्राहकों को जोड़ने की कोशिश करती हैं। हुंडई भी इसी माहौल में अपने वाहनों की बिक्री को और बढ़ाने की तैयारी में है।
कंपनी की योजना भारत में अपने वाहन पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की है। इसी कड़ी में हुंडई बेयॉन को भारतीय बाजार में पेश करने की तैयारी है। कंपनी को उम्मीद है कि नया मॉडल ग्राहकों के लिए एक और विकल्प उपलब्ध कराएगा और त्योहारी मौसम में बिक्री बढ़ाने में मदद करेगा।
सितंबर के आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि कंपनी के लिए घरेलू बाजार के साथ निर्यात भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कुल बिक्री में 20,750 वाहनों का निर्यात शामिल है। वहीं, 57,166 वाहनों की घरेलू बिक्री ने कुल आंकड़े में सबसे बड़ा योगदान दिया है।
कुल मिलाकर, सितंबर हुंडई मोटर इंडिया के लिए बिक्री के लिहाज से बेहद अहम महीना रहा है। कंपनी ने न केवल पिछले साल के मुकाबले दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की है, बल्कि जुलाई 2026 के अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर नई ऊंचाई बनाई है।
Bihar में नए उद्योगों के 25 प्रतिशत उत्पाद खरीदेगी राज्य सरकार: Samrat Choudhary
पटना, एक अक्टूबर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बृहस्पतिवार को निवेशकों से राज्य में निवेश करने का आह्वान करते हुए कहा कि बिहार में स्थापित होने वाले उद्योगों के मानक के अनुरूप उत्पादों की सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी और राज्य सरकार 25 प्रतिशत उत्पाद खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ पटना में ‘राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट-2026’ का उद्घाटन किया।
निवेशकों को संबोधित करते हुए चौधरी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उन्हें हरसंभव सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार की खरीद नीति को उद्योगों के लिए अधिक उपयोगी बनाने के उद्देश्य से उसमें संशोधन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में होटल, पर्यटन और ‘ईको-टूरिज्म’ के क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
पटना और गया समेत विभिन्न स्थानों पर होटल तथा अन्य पर्यटन परियोजनाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, चौधरी ने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी को कमजोरी के बजाय आर्थिक शक्ति के रूप में देखा जाना चाहिए।
करीब 14 करोड़ की आबादी वाला बिहार देश के लिए एक बड़ा बाजार है। सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है, ताकि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। चौधरी ने कहा कि उद्योगों के लिए सड़क, बिजली और पानी की उपलब्धता बेहद जरूरी है।
राज्य में सड़क नेटवर्क का विस्तार किया गया है तथा राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे के विकास पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि बिहार में बिजली की उपलब्धता और खपत में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2005 में राज्य में बिजली की उपलब्धता करीब 500 मेगावाट थी, जो अब बढ़कर 10,000 मेगावाट से अधिक हो गई है।
राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में बिजली की उपलब्धता बढ़ाकर 20,000 मेगावाट करने का है। मुख्यमंत्री ने बिहार की बाढ़ और जल प्रबंधन की समस्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेपाल और पड़ोसी राज्यों से आने वाले पानी के कारण बिहार को हर वर्ष बाढ़ की चुनौती का सामना करना पड़ता है।
गंगा, कोसी और गंडक समेत प्रमुख नदियों के जल प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने की आवश्यकता है। चौधरी ने कहा कि पहले बिहार में करीब 8,000 किलोमीटर सड़कों का नेटवर्क था, जो अब बढ़कर लगभग 1.5 लाख किलोमीटर हो गया है। ग्रामीण सड़कों की स्थिति में भी पहले की तुलना में काफी सुधार हुआ है।
उन्होंने कहा कि राज्य में रोपवे और जल परिवहन जैसी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। पटना से गंगा नदी के ऊपर से सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर तक रोपवे परियोजना शुरू करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए सरकार आधारभूत संरचना, उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बिहार में रोजगार के पर्याप्त अवसर पैदा करना सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले वर्षों में रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करने वाले लोगों को राज्य में ही रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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