नीमच मंडी में आढ़त प्रथा की आड़ में किसान से ठगी, बिचौलिया लाखों रुपये लेकर फरार, FIR दर्ज
एशिया की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में शुमार नीमच मंडी में आढ़त और बिचौलिया प्रथा के चलते किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामले लगातार देखने को मिल रहे हैं। रतलाम जिले के एक किसान के साथ आढ़त प्रथा की आड़ में फ्रॉड का मामला सामने आया है। जहां विश्वास में लेकर बिचौलिए ने किसान की सोयाबीन फसल बिकवाई और करीब एक लाख रुपये की रकम लेकर फरार हो गया।
पीड़ित किसान ने नीमच कैंट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। रतलाम जिले के ग्राम नामली निवासी किसान अक्षय राठौर पिता दिनेश चन्द राठौर ने नीमच कैंट थाने में दिए आवेदन में बताया कि आरोपी पुष्कर पाटीदार से उसका संपर्क दो-तीन महीने पहले हुआ था। शुरुआती दौर में आरोपी ने किसान की करीब 1.50 लाख रुपये मूल्य की सोयाबीन बिकवाई और पूरी राशि दिलवाकर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद ठगी को अंजाम दिया।
1 लाख 9 हजार रूपये की ठगी, FIR दर्ज
शिकायत के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को किसान ने किराए के वाहन से अपने ड्राइवर बबलू जाट के जरिए सोयाबीन की फसल नीमच मंडी भेजी थी। मंडी पहुंचते ही आरोपी पुष्कर पाटीदार ड्राइवर के साथ लग गया और हम्मालों की मदद से सोयाबीन के चार ढेर करवाए। तीन ढेरों की राशि किसान को प्राप्त हो गई, लेकिन चौथे ढेर की सोयाबीन जो करीब 1,09,000 रुपये में बिकी थी, उसमें से व्यापारी द्वारा 80 हजार रुपये आरोपी के बताए भारतीय स्टेट बैंक खाते में एनईएफटी (NEFT) के जरिए ट्रांसफर किए गए और बाकी रकम आरोपी नगद लेकर फरार हो गया।
इस बात को लेकर जब किसान ने संपर्क करने की कोशिश की तो बिचौलिया बहानेबाजी करने लगा और अब उससे संपर्क भी नहीं हो पा रहा है। पीड़ित किसान ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ 420 व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर राशि बरामद कराने की गुहार लगाई है।
मंडी प्रशासन पर उठे सवाल
नीमच मंडी में बिना अनुमति या अवैध रूप से किसानों को झांसे में लेने वाले बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय है। दूर-दराज से आने वाले किसान उपज के सही दाम और सहूलियत के चक्कर में इन अनाधिकृत आढ़तियों के जाल में फंस जाते हैं। किसानों का कहना है कि मंडी प्रशासन को परिसर में सक्रिय ऐसे संदिग्ध व अनाधिकृत व्यक्तियों को चिन्हित कर तुरंत बाहर करना चाहिए। रोजाना उपज बेचने आने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भुगतान व्यवस्था केवल किसान के खुद के पंजीकृत बैंक खाते में ही अनिवार्य होनी चाहियव। ऐसे मामलों पर तत्काल काबू पाना जरूरी है।
नीमच से कमलेश सरडा की रिपोर्ट
MP News : “सरकार आपके द्वार अभियान” में नागरिकों को तत्काल मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभ, 3 और 4 अक्टूबर को लगेंगे शिविर
मध्य प्रदेश के नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने , योजनों की हकीकत जानने, लोगो की परेशानी समझने, उनकी समस्याओं का निपटारा करने अब सरकार उनके पास पहुंच रही है, उनके गाँव उनके वार्ड तक अब सरकार के अधिकारी कर्मचारी पहुंचेंगे और उनकी हर समस्या का निराकरण करेंगे, इस अभियान को नाम दिया गया है “सरकार आपके द्वार अभियान”। इसके तहत 3 और 4 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में शिवर लगाये जायेंगे।
मध्य प्रदेश में इन दिनों 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक “सेवा संकल्प अभियान” चल रहा है और ये “सरकार आपके द्वार अभियान” भी उसी का एक हिस्सा है, ये अभियान का अत्यंत महत्वपूर्ण एवं केंद्रीय घटक है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टर, कमिश्नर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, आयुक्त नगर पालिका / नगर निगम / नगर पालिका परिषद को निर्देश जारी किए है।
शासन के मुताबिक सरकार आपके द्वार अभियान का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ नागरिकों को मिले खासकर किसान, ग्रामीण, महिला, वंचितों तक पहुंचाना है सरकार आपके द्वार अभियान को “जन विश्वास अभियान” के साथ भी जोड़ा गया है। अंतर-विभागीय समन्वय एवं हितग्राहीमूलक योजनाओं की ऑन-स्पॉट डिलीवरी के अंतर्गत शिविर में राज्य विभाग नोडल की भूमिका निभाते हुए अन्य प्रमुख विभागों के समन्वय से योजनाओं के लाभ मौके पर प्रदान कराएगा।
विकासखंडों में 3 और नगरीय क्षेत्र में 4 को लगेंगे शिविर
अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों के सभी विकासखण्डों में 3 अक्टूबर को शिविर आयोजित किए जाएंगे वहीं नगरीय क्षेत्र में 4 अक्टूबर को शिविर लगाये जायेंगे ये शिविर नगर पालिका निगम में जोनवार, नगर पालिका तथा नगर परिषद में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि शिविर उत्कृष्ट विद्यालय प्रांगण, जनपद पंचायत परिसर, सामुदायिक भवन या खेल मैदान जहाँ पर्याप्त खुली जगह, पेयजल, छाया तथा आवागमन की सुगम सुविधा हो वहां आयोजित किये जाएँ जिसे लोगों को पहुँचने में कोई परेशानी ना हो। शिविरों के लिए लोक सेवा प्रबंधन, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सहयोगी विभाग होंगे।
कलेक्टर को दी ये जिम्मेदारी
शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर जिला स्तर पर एक नोडल अधिकारी एवं सहायक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करेंगे जो जिला स्तर पर अभियान का समन्वय करेंगे। कैंप के प्रभारी अधिकारी की सहायता के लिये सहायक अधिकारी की नियुक्ति जिला स्तर से की जायेगी। विकासखण्ड स्तर पर कैम्प के लिए प्रभारी अधिकारी पदेन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत और नगर पंचायत/परिषद तथा नगर पालिका के लिए प्रभारी अधिकारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं नगर निगम जोनल कार्यालय के लिए जोनल अधिकारी नगर निगम होंगे।
शिविरों में इन कार्यों पर रहेगा फोकस
सरकार आपके द्वार अभियान के तहत लगाये जा रहे शिविर में पूर्व से योजना का लाभ प्राप्त किये जाने वाले हितग्राहियों की जानकारी इकट्ठी की जाएगी, शेष पात्र हितग्राहियों की लिस्ट बनाई जाएगी तथा शेष पात्र हितग्राहियों को शासन द्वारा दिये गए वार्षिक लक्ष्य अनुसार कैंप में ही लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा लक्षित योजनाओं में वार्षिक लक्ष्य-प्राप्ति से शेष रहे हितग्राहियों को क्रमबद्ध तरीके से लाभ प्रदाय किया जायेगा।
इस अभियान अंतर्गत कैंप में आने वाले हितग्राहियों का रजिस्ट्रेशन किया जायेगा। पंजीयन के लिए अलग से 3 स्टॉल लगाये जाएंगे। स्टॉल पर अधिकारी/कर्मचारी तैनात रहेंगे। कैंप प्रभारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित विभाग के अधिकारी/कर्मचारी स्टॉल पर उपस्थित रहें। यदि ब्लॉक स्तर पर विभागीय अधिकारी पदस्थ नहीं है तब कलेक्टर अपने स्तर से अधिकारी को कैंप के लिए नियुक्त करेंगे।
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