Gen-Z Trend के जरिए Akhilesh Yadav का तंज, बोले- एक कचौड़ी दो समोसा, BJP पर नहीं भरोसा
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि भारत और उत्तर प्रदेश में सामाजिक न्याय बीजेपी-शैली की इमरजेंसी से गुज़र रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाशिए पर मौजूद वर्गों के ख़िलाफ़ अत्याचार हो रहे हैं और आवाज़ उठाने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जा रही है। अखिलेश यादव ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे एक 'कचौड़ी, दो समोसा...' राइम का इस्तेमाल सत्ताधारी दल पर तंज कसने के लिए किया।
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सोशल मीडिया के ट्रेंड हो रहे पंक्ति को लेकर अखिलेश यादव ने नया नारा दिया। "एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा।" उन्होंने इस अनोखे अंदाज़ के ज़रिए भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और शासन पर निशाना साधा। यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि भाजपा सरकार में हर वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। सब लोग भाजपा को हटाने में सपा की मदद करें। आने वाले समय में पीडीए और जेन जी भाजपा का सफाया कर देंगे। जनता को भाजपा पर भरोसा नहीं है। नई पीढ़ी के लोग भाजपा से बहुत नाराज हैं, समाजवादी पार्टी नई पीढ़ी के नौकरी, रोजगार के लिए अपने घोषणा पत्र में कई चीजें शामिल करेगी। समाजवादी सरकार ने लैपटाप बांटा, आईटी सिटी बनाया, डायल 100 और अन्य सेवाओं की शुरुआत की। आने वाले समय में भी इसी तरह के काम होंगे। भविष्य में टेक्नालॉजी को जोड़कर किसान, गरीब और नई पीढ़ी के लिए काम करेंगे।
यादव ने कहा कि विकास का पैसा भाजपाइयों की जेब में जा रहा है। भ्रष्टाचार चरम पर है। नदियां नहीं साफ हुई, बजट का पैसा साफ हो गया। हालत यह है कि मुख्यमंत्री जी गोरखपुर की सड़क को ही ठीक नहीं बना पाए। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे में 45 किलोमीटर में 74 गड्ढे हो गए हैं। 91 किलोमीटर का एक्सप्रेस-वे सात हजार करोड़ में बनी है, इसमें बजट की लूट हो गयी। जमकर गोरखधंधा हुआ। सपा सरकार में बना आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे आज भी बिना मेंटेनेंस के उसी तरह से चल रहा है। कहीं कोई गड्ढा नहीं है।
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अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था को बर्बाद कर दिया है। इस सरकार में एक भी यूनिट नई बिजली नहीं बनी। जब बिजली नहीं बनायी है तो मुख्यमंत्री और उनके मंत्री जहां जाएंगे, उन्हें जनता के सवालों को सुनना ही पड़ेगा। एक सवाल के जवाब में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा को बड़े-बड़े कार्यालय बनाने की क्या जरूरत थी, भाजपा को चुनाव आयोग में ही एक फ्लोर ले लेना चाहिए। भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद कर दिया है, लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया। मीरापुर में महिलाओं पर पुलिस द्वारा रिवाल्वर तानने वाली तस्वीर कोई नहीं भूल सकता है। उत्तर प्रदेश में हुए सभी उपचुनाव रामपुर, मीरापुर, कुन्दरकी, बीकापुर, कटेहरी में भाजपा ने चुनाव आयोग से मिलकर बेईमानी और धांधली की। भाजपा ने टारगेट करके वोट काटा। उन्होंने कहा कि भाजपा हटेगी, तभी लोकतंत्र बचेगा। समाजवादी पार्टी पहले दिन से चुनाव आयोग की नियुक्ति के तरीके के खिलाफ हैं।
"एक कचौड़ी, दो समोसा, बीजेपी पर नहीं है भरोसा।"
• माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी pic.twitter.com/oGwhij2DTA— Samajwadi Party (@samajwadiparty) October 1, 2026
Punjab में Drugs के मुद्दे को वोट का सौदा न बनाए BJP, Mundra Port का जिक्र कर बोले Bajwa
पंजाब में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर निशाना साधा जिसमें उन्होंने राज्य से ड्रग्स खत्म करने के लिए 2029 की समय-सीमा तय की थी। बाजवा ने ड्रग सप्लाई चेन को तोड़ने और इसके कथित सरगनाओं (किंगपिन) पर कार्रवाई करने में केंद्र की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने ड्रग्स की समस्या से निपटने में बीजेपी के ट्रैक रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुंद्रा पोर्ट और लक्षद्वीप के पास पकड़ी गई ड्रग्स का ज़िक्र करते हुए पूछा कि पार्टी पंजाब में इस समस्या को खत्म करने के लिए तीन साल का समय कैसे मांग सकती है। चंडीगढ़ में ANI से बात करते हुए बाजवा ने कहा अमित शाह जी ने कहा कि अगर लोग भारतीय जनता पार्टी को वोट देते हैं, तो वे 31 दिसंबर 2029 तक ड्रग्स की समस्या को खत्म कर देंगे। मैं गृह मंत्री से यह पूछना चाहता हूं: क्या इसका मतलब यह है कि जब तक पंजाब में आपकी सरकार सत्ता में नहीं आती, तब तक आप इस मामले से पल्ला झाड़ लेंगे और कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेंगे? इस सीमावर्ती राज्य की सुरक्षा कौन करेगा? ड्रग्स की इस चेन को कौन तोड़ेगा? बड़े ड्रग सिंडिकेट के सरगनाओं—यानी 'बड़े मगरमच्छों'—को कौन गिरफ्तार करेगा? यह आपकी ज़िम्मेदारी है—राज्य सरकार के साथ मिलकर निभाई जाने वाली ज़िम्मेदारी, भले ही राज्य सरकार सहयोग न कर रही हो। आप बस इतना कह सकते हैं कि राज्य सरकार आपके साथ सहयोग नहीं करती है।
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उन्होंने ड्रग्स से निपटने के मामले में बीजेपी के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। उन्होंने बॉर्डर पार करके आने वाले ड्रोन का ज़िक्र किया और पार्टी से पूछा कि वे किसी ऐसे बीजेपी-शासित राज्य का नाम बताएं जिसे उन्होंने ड्रग-फ़्री बनाया हो। उन्होंने कहा, "लेकिन हम पूछ रहे हैं। बॉर्डर पार से इतने सारे ड्रोन आ रहे हैं, और वहां बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) काम करती है; इसके अलावा, हमारे बॉर्डर वाले ज़िले—जिन्हें ड्रग्स के कारोबार के लिहाज़ से 'बेहद संवेदनशील' घोषित किया गया है—आपके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इसलिए, इसे वोट का सौदा न बनाएं। पंजाबियों से यह न कहें कि 'हमें वोट दें, और हम बदले में यह करके दिखाएंगे।' ऐसा नहीं होता है। बस हमें यह बताएं: भारत में भारतीय जनता पार्टी द्वारा शासित कौन सा राज्य ड्रग-फ़्री है? किसी एक ऐसे राज्य का नाम बताएं जिसे आपने ड्रग-फ़्री बनाया हो।" उन्होंने आगे कहा तभी हम मान सकते हैं कि आपका ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है। असल में आपके शासन वाले राज्यों में ही सबसे ज़्यादा मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए जा रहे हैं। मुंद्रा पोर्ट पर तीन हज़ार किलोग्राम हेरोइन ज़ब्त की गई; लक्षद्वीप के पास पांच सौ छब्बीस किलोग्राम ज़ब्त की गई। आप इन राज्यों में शासन करते हैं। तो फिर, आप पंजाबियों से ड्रग्स की समस्या को खत्म करने के लिए तीन साल का समय कैसे मांग सकते हैं? अगर आपकी नीयत साफ़ हो, तो सब कुछ मुमकिन है। लेकिन असल में, आपकी नीयत साफ़ नहीं है।
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