चीन विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्रों के निर्माण को उच्च स्तर पर आगे बढ़ाएगा
बीजिंग, 28 जनवरी (आईएएनएस)। साल 2026 में, चीन उच्च स्तर पर तीन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्रों के निर्माण को आगे बढ़ाएगा, क्षेत्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्रों के विकास में तेजी लाएगा, उच्च गुणवत्ता वाले क्षेत्रीय विकास को प्रेरित और संचालित करने वाले नवाचार विकास केंद्र स्थापित करेगा, ताकि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नई उत्पादक शक्तियों का निर्माण और विस्तार किया जा सके।
26 और 27 जनवरी को चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी सम्मेलन में यह जानकारी दी गई। रिपोर्टों के अनुसार, वर्ष 2025 तक चीन ने वैज्ञानिक और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त कीं और उसकी वैज्ञानिक क्षमता नई ऊंचाइयों पर पहुंची।
वर्ष 2026 चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना का प्रथम वर्ष है। इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री यिन हेजुन ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के 20वें पूर्ण अधिवेशन में लिए गए रणनीतिक निर्णयों के अनुरूप और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सशक्त देश के निर्माण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए, मंत्रालय विज्ञान और प्रौद्योगिकी नवाचार के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना की समग्र रूपरेखा तैयार करेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन मूलभूत अनुसंधान और प्रमुख कोर प्रौद्योगिकियों में नवाचार को सुदृढ़ करेगा, प्रमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परियोजनाओं के संगठन और क्रियान्वयन में तेजी लाएगा तथा राष्ट्रीय रणनीतिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी शक्ति को और अधिक संगठित एवं सक्षम बनाएगा।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
एबीएम/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
ग्रीनलैंड को लेकर बढ़ता तनाव यूरोप के लिए रणनीतिक चेतावनी: फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों
पेरिस, 28 जनवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को कहा कि ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के साथ बढ़ता तनाव पूरे यूरोप के लिए एक रणनीतिक ‘वेक-अप कॉल’ है। उन्होंने इस मुद्दे पर डेनमार्क और ग्रीनलैंड के प्रति फ्रांस की एकजुटता दोहराई।
पेरिस में डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में मैक्रों ने कहा, “हालिया घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि ग्रीनलैंड की स्थिति पूरे यूरोप के लिए रणनीतिक चेतावनी है- यूरोपीय संप्रभुता को मजबूत करने, आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा में योगदान, विदेशी हस्तक्षेप और दुष्प्रचार से मुकाबला, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई और सतत विकास व रणनीतिक निर्भरता कम करने के लिए विशेष साझेदारी के संदर्भ में।”
मैक्रों ने कहा कि फ्रांस यूरोपीय संघ के सभी साझेदारों के साथ संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोड़ा कि फ्रांस संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुरूप इन सिद्धांतों की रक्षा करता रहेगा।
इस अवसर पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने कहा कि नाटो को इस क्षेत्र, विशेष रूप से ग्रीनलैंड और हाई नॉर्थ में, कहीं अधिक सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।
इससे पहले 22 जनवरी को ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन ने स्पष्ट किया था कि संप्रभुता उनकी सरकार के लिए एक रेड लाइन है, भले ही अमेरिका की ओर से कितना भी दबाव क्यों न हो। नूक (ग्रीनलैंड की राजधानी) में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा था, “हमारी क्षेत्रीय अखंडता और सीमाएं ऐसी लाल रेखाएं हैं जिन्हें पार नहीं किया जा सकता। ग्रीनलैंड वही ग्रीनलैंड चुनेगा जिसे हम आज जानते हैं- डेनमार्क साम्राज्य का हिस्सा।”
बता दें कि दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासी क्षेत्र है, जहां रक्षा और विदेश नीति का नियंत्रण कोपेनहेगन के पास है। वर्ष 2025 में दोबारा पदभार संभालने के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई बार ग्रीनलैंड को “हासिल करने” की इच्छा जता चुके हैं, जिसे यूरोप लगातार खारिज करता रहा है।
--आईएएनएस
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