Responsive Scrollable Menu

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में घर के दरवाजे पर दिखें ये 4 जीव तो न भगाएं, माना जाता है पितरों का शुभ संकेत

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का समय माना जाता है। इस दौरान पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं में कुछ जीवों को भी पितृ पक्ष से जोड़कर देखा गया है। मान्यता है कि इस दौरान कौवा, गाय, कुत्ता और चींटी को भोजन कराने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इसलिए अगर पितृ पक्ष के दौरान इनमें से कोई जीव घर के दरवाजे, आंगन या आसपास दिखाई दे तो उसे भगाने के बजाय अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन कराने की परंपरा है।

1. कौवा
पितृ पक्ष में कौवे को भोजन कराने की परंपरा सबसे अधिक प्रचलित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कौवे को पितरों का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि श्राद्ध के दौरान कौवे के लिए भोजन का एक हिस्सा अलग निकालकर रखा जाता है। यदि कौवा उस भोजन को ग्रहण कर ले तो इसे पितरों के तृप्त होने का शुभ संकेत माना जाता है। इसी मान्यता के चलते पितृ पक्ष में घर की छत या मुंडेर पर कौवे के लिए भोजन रखने की परंपरा कई स्थानों पर आज भी देखने को मिलती है।

2. गाय
सनातन परंपरा में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं में गाय को देवी-देवताओं से भी जोड़ा गया है।

पितृ पक्ष के दौरान यदि घर के बाहर गाय आ जाए तो उसे रोटी, गुड़ या अपनी सामर्थ्य के अनुसार भोजन कराने की परंपरा है। मान्यता है कि गाय को भोजन कराने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पितरों की शांति के लिए किया गया धार्मिक कार्य फलदायी होता है।

3. कुत्ता
धार्मिक परंपराओं में कुत्ते को क्षेत्रपाल से जोड़कर देखा जाता है। पितृ पक्ष के दौरान घर के दरवाजे पर अचानक कुत्ता आ जाए तो इसे भी कुछ परंपराओं में शुभ संकेत माना जाता है।

ऐसी मान्यता है कि इस दौरान कुत्ते को भोजन कराने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इसलिए यदि घर के आसपास कुत्ता दिखाई दे तो उसे भगाने के बजाय सुरक्षित तरीके से भोजन कराया जा सकता है।

4. चींटी
पितृ पक्ष में चींटियों को भोजन कराने की भी परंपरा बताई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार चींटियों को आटा, शक्कर या उनके लिए उपयुक्त भोजन देने से पुण्य की प्राप्ति होती है।

मान्यता है कि पितृ पक्ष के दौरान चींटियों को भोजन कराना पितरों के प्रति श्रद्धा और सेवा का एक माध्यम है। इसलिए अगर घर में चींटियां दिखाई दें तो उन्हें मारने या नुकसान पहुंचाने के बजाय उनके लिए सुरक्षित स्थान पर भोजन रखा जा सकता है।

पितृ पक्ष में जीवों को भोजन कराने का क्या महत्व है?
धार्मिक परंपराओं में जीव-जंतुओं को भोजन कराना सेवा, दया और दान से जोड़कर देखा जाता है। पितृ पक्ष में विशेष रूप से कौवे, गाय, कुत्ते और चींटियों को भोजन कराने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है।

मान्यता है कि इन जीवों के माध्यम से पितरों तक अर्पित भोजन पहुंचता है। हालांकि, यह धार्मिक विश्वास का विषय है और अलग-अलग क्षेत्रों तथा परंपराओं में इसके नियम और मान्यताएं अलग हो सकती हैं।

नोट: इस लेख में दी गई बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। जीवों को भोजन कराते समय उनकी सुरक्षा और स्वच्छता का भी ध्यान रखें।

Continue reading on the app

Vastu Tips: सीढ़ियों के नीचे भूलकर भी न बनाएं ये 4 जगहें, वास्तु के अनुसार घर में बढ़ सकती है परेशानी

वास्तु शास्त्र में घर के अलग-अलग हिस्सों की दिशा, स्थान और बनावट को लेकर कई मान्यताएं बताई गई हैं। माना जाता है कि वास्तु के अनुरूप घर की संरचना होने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और घर में सुख-शांति का माहौल रहता है।

इसी तरह घर में बनी सीढ़ियों को भी वास्तु की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। सीढ़ियां घर की भारी संरचना का हिस्सा होती हैं, इसलिए इनके निर्माण की दिशा और स्थान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे हर तरह की जगह बनाना उचित नहीं माना जाता। खासतौर पर कुछ स्थानों के निर्माण से बचने की सलाह दी जाती है।

सीढ़ियों के नीचे क्या नहीं बनाना चाहिए?
1. सीढ़ियों के नीचे शौचालय बनाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, सीढ़ियों के नीचे शौचालय का निर्माण नहीं करना चाहिए। वास्तु में सीढ़ियों को घर की भारी संरचना माना जाता है, जबकि शौचालय को अपशिष्ट और निकासी से जुड़ा स्थान माना जाता है।

इसी वजह से दोनों को एक ही स्थान पर रखना वास्तु की दृष्टि से अनुकूल नहीं माना जाता। मान्यता है कि इससे घर के वातावरण और सुख-समृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

2. सीढ़ियों के नीचे पूजा घर न बनाएं
सीढ़ियों के नीचे पूजा घर या पूजा स्थल बनाने से भी बचने की सलाह दी जाती है। वास्तु के अनुसार पूजा स्थल के लिए शांत, स्वच्छ और पवित्र स्थान होना चाहिए।

वहीं सीढ़ियों पर दिनभर लोगों की आवाजाही होती रहती है। ऐसे में सीढ़ियों के नीचे पूजा स्थल होने को वास्तु की दृष्टि से अनुकूल नहीं माना जाता। पूजा घर के लिए घर में शांत और उचित स्थान चुनने की सलाह दी जाती है।

3. सीढ़ियों के नीचे रसोई बनाने से बचें
वास्तु शास्त्र में रसोई को अग्नि तत्व से जोड़कर देखा जाता है। वहीं सीढ़ियां भारी संरचना और आवाजाही वाले हिस्से का प्रतिनिधित्व करती हैं।

वास्तु मान्यताओं के अनुसार सीढ़ियों के नीचे रसोई बनाने से बचना चाहिए। कुछ वास्तु मान्यताएं इसे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और पारिवारिक वातावरण से भी जोड़ती हैं। हालांकि, ऐसे दावे धार्मिक/वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।

4. ईशान कोण में सीढ़ियां बनाने से बचें
वास्तु शास्त्र में ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को घर का महत्वपूर्ण और अपेक्षाकृत हल्का क्षेत्र माना जाता है। दूसरी ओर, सीढ़ियों को भारी संरचना माना जाता है।

इसी कारण वास्तु मान्यताओं में उत्तर-पूर्व दिशा में सीढ़ियों का निर्माण करने से बचने की सलाह दी जाती है। इसके बजाय दक्षिण, पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा को सीढ़ियों के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता है।

सीढ़ियों की जगह तय करते समय क्या ध्यान रखें?
अगर घर में सीढ़ियों का निर्माण कराया जा रहा है तो वास्तु मान्यताओं के साथ-साथ घर का नक्शा, सुरक्षा, रोशनी, वेंटिलेशन और संरचनात्मक मजबूती भी ध्यान में रखना जरूरी है। सीढ़ियों की सही चौड़ाई, ऊंचाई और रेलिंग जैसी चीजें घर की सुरक्षा के लिए व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण होती हैं।

नोट: ऊपर बताए गए नियम वास्तु शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित हैं। इनका पालन धार्मिक या पारंपरिक विश्वास के रूप में किया जाता है; इनके आधार पर होने वाले सकारात्मक या नकारात्मक प्रभावों के वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

Continue reading on the app

  Sports

Tonk News: एशियन गेम्स में टोंक के धर्मवीर ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, जापान से लौटते ही जयपुर से हाड़ीखुर्द तक हुआ भव्य स्वागत

Tonk Dharmveer Win Bronze At Asian Games: टोंक के धर्मवीर चौधरी ने एशियन गेम्स में 400 मीटर रिले में कांस्य पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया. किसान के बेटे धर्मवीर का जयपुर से टोंक तक भव्य स्वागत हुआ. धर्मवीर के साथ फोटो लेने और उन्हें बधाई देने के लिए लोग भी आगे आए. गांव पहुंचने तक उनके स्वागत को लेकर उत्साह देखने को मिला. Fri, 2 Oct 2026 22:39:25 +0530

  Videos
See all

8th Pay Commission Update : केंद्रीय कर्मचारियों को मिली बड़ी खुशखबरी? | DA Hike | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T19:30:15+00:00

Hero pilot tells India PM Narendra Modi about alleged hijack and other stories | Global News Podcast #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-02T19:30:13+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers