Mokama विधायक Anant Singh ने Jan Suraaj प्रत्याशी के नामांकन में लिया हिस्सा, Neeraj Kumar का विरोध
पटना, एक अक्टूबर बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के विधायक अनंत कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को पार्टी के रुख से अलग जाते हुए विधान परिषद चुनाव के लिए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह के नामांकन में हिस्सा लिया। मोकामा से विधायक सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ रहे जदयू के विधान पार्षद नीरज कुमार को हराने का अपना इरादा पहले ही स्पष्ट कर दिया था। उन्होंने जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थन में एक जुलूस भी निकाला।
सिंह ने इस दौरान संवाददाताओं से बातचीत में बगावती तेवर दिखाते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि इस मामले में पार्टी का क्या रुख है। सच्चाई यह है कि उन्होंने (नीरज कुमार ने) कई मौकों पर मेरा विरोध किया है। अब मुझे भी उन्हें उसी तरह जवाब देना है।’’ वह वर्ष 2015 के विधानसभा चुनाव से ही नीरज कुमार से नाराज हैं।
उस समय जदयू से नाता तोड़ने के बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। जदयू ने उनके खिलाफ कुमार को मैदान में उतारा था। हालांकि, सिंह ने बड़े अंतर से अपनी सीट बरकरार रखी थी।
कई बार विधायक रह चुके अनंत सिंह जब जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के नामांकन के लिए पहुंचे, तो उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी मौजूद थे। समर्थकों ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के समर्थन में नारे लगाए। ललन सिंह मुंगेर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसके अंतर्गत मोकामा विधानसभा क्षेत्र आता है।
घटनाक्रम पर जदयू के पदाधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि, पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा, ‘‘हमारी पार्टी पूरी तरह राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ है। उन्हें (अनंत सिंह को) अपने कदम के बारे में खुद जवाब देना चाहिए।
हम गठबंधन के सभी आठ उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ इस महीने के अंत में होने वाले विधान परिषद चुनाव में जदयू चार सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि शेष चार सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। रजक ने यह भी कहा, ‘‘अनंत सिंह से संबंधित घटनाक्रम की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को दे दी गई है। उचित समय पर उचित कार्रवाई की जा सकती है।
flydubai विमान में कैप्टन पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी सह पायलट का मकसद अब भी स्पष्ट नहीं
यरुशलम, एक अक्टूबर (एपी) इजराइल जा रही उड़ान में अपने कैप्टन पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी सह-पायलट की पहचान और उसके हमले के मकसद का बृहस्पतिवार को भी पता नहीं चल सका। इस घटना के बाद विमान खतरनाक तरीके से नीचे गिरने लगा था और उसे आपात स्थिति में सऊदी अरब में उतारना पड़ा था। जांचकर्ता मामले की अधिक जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।
संयुक्त अरब अमीरात से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 यात्रियों में शामिल इजराइली यात्रियों ने बताया कि खून से लथपथ भारतीय कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला जिसके बााद वे अंदर गए। इसके बाद उन्होंने सह-पायलट से भिड़कर विमान को संभालने में मदद की। विमान इतनी तेजी से नीचे उतर रहा था कि उसका दिशा नियंत्रित करने वाला ‘रडर’ तक टूट गया था।
इजराइल के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक नए बयान के अनुसार इस घटना में मदद करने वाले यात्रियों में से एक आसफ रजुआन ने बताया, ‘‘हम खुद को असहाय महसूस कर रहे थे, हवा में लटके हुए थे और मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मदद के लिए किसकी ओर रुख करूं। उस समय हम बस जीवित बचने की स्वाभाविक कोशिश कर रहे थे।’’ सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से बहुत कम जानकारी दी है। उन्होंने केवल इतना बताया है कि घटना की जांच की जा रही है।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस उड़ान के नायक के रूप में व्यापक रूप से सराहे जा रहे कैप्टन स्मित मच्छार की हालत स्थिर बताई गई है। सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने बुधवार रात यह जानकारी दी।
गिरफ्तार सह-पायलट की स्थिति के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है। बुधवार शाम प्रसारित सीएनएन के एक साक्षात्कार में नेतन्याहू ने कहा कि हमलावर ओमान का नागरिक है और सऊदी अरब में उससे पूछताछ की जा रही है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने और नेतन्याहू ने फोन पर इस घटना के बारे में ‘‘विस्तार से’’ चर्चा की और ऐसा प्रतीत होता है कि सह-पायलट ‘‘शायद आतंकवादी था या शायद कोई सनकी व्यक्ति।’’ नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की है और वह इस बात पर सहमत हुए हैं कि इजराइल संदिग्ध से पूछताछ में शामिल होगा।
इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि विमान में सवार लोग इजराइल, भारत और संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक थे। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि चार यात्रियों के पास अमेरिकी नागरिकता थी। फ्लाईदुबई ने कहा है कि जांच पूरी होने तक इजराइल से आने-जाने वाली उसकी उड़ानें निलंबित रहेंगी।
नेतन्याहू ने हाल के दिनों में सुरक्षा संबंधी कुछ अज्ञात और बढ़े हुए खतरों को लेकर चेतावनी दी थी। इजराइल पर हमास के नेतृत्व में सात अक्टूबर 2023 को हुए हमले की बरसी में अब एक सप्ताह बाकी है। दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद पैदा हुई अफरातफरी के दौरान विमान करीब एक मिनट में 33,000 फुट से 17,000 फुट नीचे आ गया था।
इसके बाद उसने जॉर्डन की सीमा के पास अनियमित तरीके से चक्कर लगाया और करीब एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबूक शहर में उतरा। ‘फ्लाइटरडार24’ के अनुसार विमान बोइंग 737 मैक्स 8 था। विमान और हवाई यातायात नियंत्रण के बीच हुई बातचीत सुनने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि विमान को अंततः तबूक में उतरने से पहले सऊदी अरब और जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र से दूर कर दिया था।
इस दौरान पृष्ठभूमि में यात्रियों की चीखें सुनाई दे रही थीं। पायलट की आवाज कांप रही थी और उसने ‘‘मे डे’’ कहते हुए बताया कि विमान का अपहरण किया जा रहा है। हवाई यातायात नियंत्रण के अधिकारियों ने विमान को उतरने की अनुमति नहीं देने का कोई कारण नहीं बताया।
विमान और हवाई यातायात नियंत्रण के बीच हुई बातचीत सुनने वाले व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी।
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