Supreme Court JCA Recruitment 2026: सुप्रीम कोर्ट में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 7 अक्टूबर से करें आवेदन
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने जूनियर कोर्ट असिस्टेंट (JCA) के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
जारी अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ लेना चाहिए, ताकि योग्यता और अन्य शर्तों को लेकर कोई भ्रम न रहे।
कौन कर सकता है आवेदन?
जूनियर कोर्ट असिस्टेंट भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। इसके साथ ही उम्मीदवार को कंप्यूटर का ज्ञान होना चाहिए और कंप्यूटर पर कम से कम 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड होनी चाहिए।
आयु सीमा
उम्मीदवार की आयु 1 सितंबर 2026 को न्यूनतम: 18 वर्ष और अधिकतम: 30 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
कैसे होगा चयन?
जूनियर कोर्ट असिस्टेंट के पद पर चयन के लिए उम्मीदवारों को कई चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले ऑब्जेक्टिव टाइप टेस्ट आयोजित किया जाएगा।
यह परीक्षा 100 अंकों की होगी। इसमें सफल होने के लिए उम्मीदवार को न्यूनतम 50 अंक प्राप्त करना जरूरी होगा।
ऑब्जेक्टिव टेस्ट में सफल उम्मीदवारों को आगे टाइपिंग टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार इंटरव्यू होगा। सभी चरणों में प्रदर्शन के आधार पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।
कितना मिलेगा वेतन?
सुप्रीम कोर्ट में जूनियर कोर्ट असिस्टेंट पद पर चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-6 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। पद का शुरुआती बेसिक वेतन 35,400 रुपये प्रतिमाह होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार पात्र भत्ते भी दिए जाएंगे।
कब से कब तक होंगे आवेदन?
विवरण तारीख/जानकारी
पद Junior Court Assistant
आवेदन शुरू 7 अक्टूबर 2026
आवेदन की अंतिम तारीख 28 अक्टूबर 2026
न्यूनतम आयु 18 वर्ष
अधिकतम आयु 30 वर्ष
शैक्षणिक योग्यता स्नातक
टाइपिंग स्पीड 35 शब्द प्रति मिनट
पे लेवल Level-6
शुरुआती बेसिक वेतन ₹35,400
कहां से करें आवेदन?
योग्य उम्मीदवार निर्धारित तारीख से सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने से पहले उम्मीदवार नोटिफिकेशन में दिए गए सभी नियम, पात्रता, दस्तावेज, आवेदन शुल्क और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लें।
Captain Smit Machchhar: पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मछार के परिवार से की बात, बहादुरी को सराहा; बोले- भारत को आप पर गर्व
फ्लाईदुबई की फ्लाइट में साथी पायलट के हमले में घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को उनके परिवार से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की पत्नी और माता-पिता से बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि भारतीय मिशन हरसंभव मदद पहुंचा रहे हैं।
कैप्टन स्मित फिलहाल सऊदी अरब के तबुक स्थित अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को बुधवार को दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरने के बाद आपात स्थिति में तबुक डायवर्ट किया गया था।
हवा में क्या हुआ था?
बुधवार को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 ने दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भरी थी। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे भी शामिल थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार और उनके साथी पायलट के बीच गंभीर झड़प हुई।
रिपोर्टों के मुताबिक, साथी पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया और विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। हमले में कैप्टन गंभीर रूप से घायल हुए। इसी दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा और आपात स्थिति घोषित की गई।
घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबई पायलटों ने भी विमान को नियंत्रित करने में मदद की।
इसके बाद विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित रूप से उतारा गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बताया गया और बाद में उन्हें दूसरी उड़ान से तेल अवीव पहुंचाया गया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर भी की तारीफ
परिवार से बातचीत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की तारीफ की थी। पीएम ने उन्हें “हीरो” बताते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए साहस और दृढ़ संकल्प दिखाया।
पीएम मोदी ने कहा कि कैप्टन की बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और बड़ी त्रासदी टल गई। उन्होंने कैप्टन के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
नेतन्याहू ने भी किया सलाम
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने मुकाबला किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों व क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की।
नेतन्याहू के मुताबिक, इस कार्रवाई से विमान में सवार 174 लोगों की जान बची, जिनमें इजरायली नागरिक और दूसरे देशों के नागरिक भी शामिल थे।
सऊदी अरब में चल रहा इलाज
फ्लाइट की आपात लैंडिंग के बाद कैप्टन स्मित को तबुक के अस्पताल में भर्ती कराया गया। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, उनका इलाज चल रहा है। इस बीच भारतीय मिशन परिवार और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हैं।
पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। साथी पायलट के हमले के पीछे की वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। इसलिए घटना के मकसद से जुड़ी किसी भी अटकल को जांच पूरी होने तक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
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