प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी की मौत, वृंदावन में नए CCTV फुटेज से गहराया खुदकुशी का रहस्य
Premanand Maharaj, Rasik Dulari Death, Vrindavan suicide case, CCTV footage, CBI investigation, Ashram rules, प्रेमानंद महाराज शिष्य, रसिक दुलारी मौत, वृंदावन खुदकुशी, CCTV फुटेज
Prabhasakshi NewsRoom: Smit Machchhar की बहादुरी के कायल हुए Modi, Trump और Netanyahu, दुनियाभर के अखबारों ने की Indian Captain की जमकर तारीफ
एक भारतीय ने आसमान में आतंक के खिलाफ ऐसी लड़ाई लड़ी कि उसकी बहादुरी की सराहना करने के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत तमाम वैश्विक नेता तुरंत सामने आए। हम आपको बता दें कि जब हजारों फीट ऊपर मौत विमान को निगलने के लिए तेजी से नीचे खींच रही थी, कॉकपिट में खून बह रहा था और सामने 174 जिंदगियां थीं। तब भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी जान से पहले उन 174 लोगों की जिंदगी को चुना। यही वजह है कि आज दुनिया उन्हें केवल एक पायलट नहीं, बल्कि एक ऐसे इंसान के रूप में देख रही है जिसने मौत के सामने खड़े होकर जिंदगी का दरवाजा खोल दिया।
हम आपको बता दें कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में उड़ान के दौरान कॉकपिट में अचानक हिंसक संघर्ष शुरू हुआ। भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर सह-पायलट ने चाकू से हमला किया। हमले के बाद विमान करीब 14,000 फीट तक तेजी से नीचे आया। कुछ ही सेकंड में एक सामान्य यात्री विमान एक संभावित महाविनाश के कगार पर पहुंच गया। कल्पना कीजिए उस दृश्य की। कॉकपिट में एक पायलट गंभीर रूप से घायल पड़ा है। विमान नीचे जा रहा है। यात्रियों को पता तक नहीं कि अगले कुछ सेकंड में क्या होने वाला है। लेकिन इसी हालत में कैप्टन स्मित मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। यह छोटा-सा कदम वास्तव में पूरी उड़ान की जिंदगी बन गया।
दरवाजा खुला तो यात्रियों और चालक दल के दूसरे सदस्यों को कॉकपिट में पहुंचने का मौका मिला। हमलावर को काबू किया गया। विमान में मौजूद दूसरे प्रशिक्षित पायलटों ने नियंत्रण संभाला और आखिरकार विमान सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतार लिया गया। विमान में मौजूद सभी 174 लोग बच गए। यानी जिस पायलट की अपनी जिंदगी खतरे में थी, उसी ने दूसरों की जिंदगी बचाने का रास्ता खोला। भारत में जैसे ही इस घटना की खबर पहुंची, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम किया। मोदी ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने असाधारण साहस और दूसरों की जिंदगी बचाने का दृढ़ संकल्प दिखाया। प्रधानमंत्री ने उनकी पत्नी और माता-पिता से भी बातचीत की। देखा जाये तो यह केवल एक पायलट की तारीफ नहीं थी। यह उस साहस को सलाम था जिसने हवा में मंडराती एक बड़ी त्रासदी को टालने में निर्णायक भूमिका निभाई। यह घटना यह भी दर्शाती है कि जमीन हो या आसमान, आतंक से भिड़ने में भारतीय अपनी जान की परवाह नहीं करते और मानवता को बचाने के लिए सब कुछ न्यौछावर कर देते हैं।
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन मच्छार की बहादुरी की प्रशंसा की और उन्हें हीरो बताया। ट्रंप ने इस घटना को लेकर इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत का भी उल्लेख किया। वहीं इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की खुलकर प्रशंसा की। नेतन्याहू ने कहा कि घायल होने के बावजूद भारतीय पायलट ने प्रतिरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा चालक दल को हमलावर पर काबू पाने का अवसर दिया। इजराइली प्रधानमंत्री ने इस घटना में शामिल लोगों की बहादुरी को असाधारण बताया।
दूसरी ओर, आज दुनिया भर के अखबार और टीवी समाचार चैनल कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते नहीं थक रहे। अमेरिका की रॉयटर्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने घटनाक्रम में इस बात को प्रमुखता दी है कि घायल होने के बावजूद मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे और इसके बाद यात्रियों तथा दूसरे पायलटों को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। ब्रिटेन के द गार्जियन ने भी भारतीय पायलट की त्वरित कार्रवाई को विमान में मौजूद लोगों की जान बचाने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में रेखांकित किया।
सऊदी और खाड़ी क्षेत्र के समाचार माध्यमों ने भी घटना की गंभीरता तथा भारतीय कप्तान की बहादुरी को प्रमुखता दी। अरब न्यूज ने भारतीय पायलट को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा और उनकी स्थिर हालत की जानकारी प्रकाशित की है। वहीं इजराइली मीडिया ने इसे संभावित आतंकवादी घटना के नजरिये से भी देखा, लेकिन साथ-साथ इस बात को सामने रखा कि भारतीय पायलट की बहादुरी, विमान के भीतर मौजूद यात्रियों और चालक दल की त्वरित प्रतिक्रिया ने जान बचाने में बड़ी भूमिका निभाई। अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या इस घटनाक्रम में ईरान का हाथ था? इस सवाल पर इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने खुद जल्दबाजी से बचने का संकेत दिया है। जब ईरान की संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाया गया, तो उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इसके पीछे ईरान था। जांच आगे बढ़ने पर ही हमलावर की मंशा और संभावित संपर्कों की तस्वीर साफ होगी। यानी इजराइल इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है, लेकिन अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहा है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
prabhasakshi










