ATF Price Hike: जेट फ्यूल की कीमतों में करीब 16 रुपये प्रति लीटर का इजाफा, क्या महंगी होगी हवाई यात्रा?
ATF Price Hike: अक्टूबर के पहले ही दिन देशवासियों को महंगाई का झटका लग गया. कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के साथ विमानन टरबाइन ईंधन (FTA) यानी जेट ईंधन की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला. जिससे घरेलू एयरलाइनों की परिचालन लागत पर नया दबाव पड़ रहा है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों के मुताबिक, एटीएफ की दरों में लगभग 16 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है.
जबकि 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में 62.59 रुपये की वृद्धि हुई है. ये बदलवा मासिक संशोधन अंतरराष्ट्रीय मानक कीमतों और रुपये-डॉलर विनिमय दर में बदलाव के बीच किया गया है. बता दें कि एटीएफ एयरलाइनों के लिए एक बड़ा खर्च है और उनकी परिचालन लागत का 40 प्रतिशत तक होता है.
बढ़कर करीब 137 रुपये प्रति लीटर हुई एटीएफ की कीमत
बता दें कि गुरुवार को घरेलू एयरलाइनों के लिए, एटीएफ की कीमतें 121 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर लगभग 137 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं. यह पिछले महीने की तुलना में लगभग 16 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि है. यह नई वृद्धि एटीएफ की कीमतों में लगातार दो बढ़ोतरी के बाद हुई है. इससे पहले सितंबर में, विमानन ईंधन 6.28 रुपये प्रति लीटर या 5.46 प्रतिशत महंगा हो गया था.
जबकि अगस्त में इसमें 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी. बता दें कि जेट ईंधन एयरलाइन के परिचालन खर्चों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, इसलिए एटीएफ की कीमतों में लगातार वृद्धि से उड़ानों के संचालन की लागत बढ़ सकती है. एयरलाइनों पर वास्तविक प्रभाव ईंधन की खपत, मार्ग की लंबाई, बेड़े की दक्षता और अन्य परिचालन खर्चों के आधार पर भिन्न हो सकता है.
क्या महंगी होगी हवाई यात्रा?
बता दें कि भारत में एयरलाइन के कुल परिचालन व्यय का लगभग 35-40 प्रतिशत हिस्सा एटीएफ (अल्ट्रा-फ्यूल) पर खर्च होता है, जिससे घरेलू एयरलाइनों के लिए जेट ईंधन की कीमतें एक महत्वपूर्ण लागत बन जाती हैं. एटीएफ की ऊंची कीमतों से एयरलाइनों की परिचालन लागत बढ़ने की आशंका है. ईंधन की ऊंची कीमतों से हवाई किराए में भी वृद्धि हो सकती है. हालांकि, हवाई टिकट की कीमतें यात्रियों की मांग, एयरलाइनों के बीच प्रतिस्पर्धा और सीटों की उपलब्धता जैसी परिस्थितियों पर भी निर्भर करती हैं.
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बुजुर्गों के लिए योग है संजीवनी, आयुष मंत्रालय ने गिनाए नियमित अभ्यास के फायदे
नई दिल्ली, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। आयुष मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर बुजुर्गों के लिए स्वस्थ और गरिमापूर्ण जीवन पर जोर दिया है। मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बताया कि उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन योग, संतुलित आहार और सही देखभाल से इसे बेहतर बनाया जा सकता है।
मंत्रालय ने अपने पोस्ट में कहा, उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जिसमें शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आध्यात्मिक बदलाव आते हैं। योग, संतुलित आहार, सही आराम और देखभाल से बुजुर्ग अपनी सेहत, आत्मनिर्भरता और खुशहाली बनाए रख सकते हैं।
हर साल 1 अक्टूबर को बुजुर्गों के लिए अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बुजुर्गों के अधिकारों, उनकी देखभाल और समाज में उनकी भूमिका के प्रति जागरूकता फैलाना है। आयुष मंत्रालय ने इस मौके पर योग को स्वस्थ एजिंग का सबसे बड़ा आधार बताया है।
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आते हैं। ऐसे में योग संतुलन, सेहत और खुशहाली को बढ़ावा देता है। मंत्रालय ने अपील की है कि बुजुर्ग योग से खुद को फिट रखें। हल्की-फुल्की गतिविधियां भी स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने में मदद करती हैं।
मंत्रालय ने बताया कि नियमित योग अभ्यास से कई फायदे हो सकते हैं। इससे लचीलापन और संतुलन में सुधार होता है। यह शारीरिक आत्मनिर्भरता बनाए रखने में मदद करता है और ताकत व चलने-फिरने की क्षमता को बढ़ावा देता है। बुजुर्गों के लिए यह बेहद जरूरी है कि अपने रोजमर्रा के काम खुद कर सकें।
शरीर और मन को पोषण देना भी उतना ही जरूरी है। पौष्टिक भोजन, संतुलित मात्रा में खाना और शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखने से ताकत बनी रहती है। इससे स्वस्थ रूप से उम्र बढ़ने में मदद मिलती है और पोषण की कमी से बचाव होता है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि सेहत समग्र होती है। योग केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक खुशहाली में भी मदद करता है।
--आईएएनएस
पीआईएम/एबीएम
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