जयपुर- पैसेंजर्स से भरे एयर इंडिया प्लेन की लैंडिंग फेल:रनवे को टच कर फिर उड़ा, फ्लाइट में थे कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर रंधावा
दिल्ली से जयपुर पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट AI - 1719 की लैंडिंग फेल होने से दहशत फैल गई। बुधवार दोपहर को विमान रनवे को टच करते ही वापस उड़ गया। जानकारी के अनुसार फ्लाइट में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी थे। हालांकि, करीब 10 मिनट बाद दूसरे प्रयास में विमान की सुरक्षित लैंडिंग करा ली गई। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहले भी लैंडिंग फेल होने की घटनाएं सामने आई हैं। पायलट ने आखिरी मिनटों में क्यों बदला फैसला? दरअसल, फ्लाइट AI - 1719 ने दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर जयपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग का प्रयास किया था। इस दौरान पायलट ने रनवे को छूते ही विमान को दोबारा हवा में उठा लिया। अस्थिर अप्रोच के कारण पायलट ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘गो-अराउंड’ का फैसला लिया। पहले प्रयास के बाद विमान ने एयरपोर्ट के ऊपर कुछ देर तक गोल चक्कर लगाया। करीब 10 मिनट बाद पायलट ने सफल लैंडिंग की। इस फ्लाइट में 135 पैसेंजर्स थे। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सवार थे सूत्रों के मुताबिक, इस फ्लाइट में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा भी सवार थे। घटना के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों में कुछ समय के लिए चिंता जरूर रही। एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि उड़ानों के संचालन में इस तरह की स्थिति पूरी तरह सुरक्षा मानकों के तहत आती है। ऐसे में पायलट को किसी भी स्तर पर लैंडिंग सुरक्षित नहीं लगती, तो वह विमान को दोबारा हवा में उठाने का निर्णय ले सकता है। एयरबस 320 फैमिली का प्लेन बुधवार को एयर इंडिया की जिस फ्लाइट की लैंडिंग फेल हुई, वो A- 320 नियो है। इस फैमिली को लेकर कुछ महीने पहले भी सवाल उठे थे। इंडिया में इस फैमिली के 330 से ज्यादा एयरक्राफ्ट हैं। जो अलग-अलग एयरलाइंस इस्तेमाल कर रही हैं।
कंक्रीट के जंगल में हरियाली की सांस, तेलंगाना को मिले 6 नए नगर वन
शहरीकरण और कंक्रीट के बढ़ते जंगलों के बीच तेलंगाना को बड़ी पर्यावरणीय राहत मिली है. केंद्र सरकार ने नगर वन योजना के तहत राज्य के तीन प्रमुख जिलों में 6 नए शहरी वनों को मंजूरी दी है. इन नगर वनों का उद्देश्य शहरों के भीतर हरित क्षेत्र बढ़ाकर तापमान में कमी लाना और लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना है. मेडचल-मलकाजगिरी जिले में सबसे अधिक तीन नगर वन विकसित किए जाएंगे, जबकि आदिलाबाद और मंचिर्याल जिलों में भी हरियाली को बढ़ावा मिलेगा. ये नगर वन इको-पार्क के रूप में विकसित होंगे, जहाँ मनोरंजन, व्यायाम और जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा.
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