वैभव सूर्यवंशी टाइम मैग्जीन के 100 राइजिंग स्टार्स में शामिल:इस लिस्ट में सबसे युवा, 7 एथलीट्स में इकलौते भारतीय खिलाड़ी हैं
टाइम मैगजीन की TIME 100 Next लिस्ट में भारतीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को जगह मिली है। यह दुनिया के उभरते सितारों की सालाना लिस्ट है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में तेजी से पहचान बना रहे लोगों को शामिल किया जाता है। 15 साल के वैभव इस लिस्ट में शामिल इकलौते भारतीय एथलीट और सबसे कम उम्र के सदस्य हैं। टाइम ने उन्हें खेल जगत के तेजी से उभरते सितारों की कैटेगरी में रखा है। इस साल की लिस्ट में कुल 7 एथलीट शामिल हैं। लिस्ट में उनके साथ अमेरिकी फुटबॉल क्वार्टरबैक आर्च मैनिंग, NBA खिलाड़ी टाइरिस मैक्सी, फुटबॉलर नाओमी गिरमा और फोलारिन बालोगन, टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा ईला और बास्केटबॉल खिलाड़ी ओलिविया माइल्स भी हैं 12 साल की उम्र में रणजी डेब्यू वैभव ने 2024 में बिहार की ओर से रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था। तब उनकी उम्र 12 साल थी। वे कम उम्र में फर्स्ट-क्लास क्रिकेट खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हुए। 2024 में ही राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें IPL ऑक्शन में 1 करोड़ रुपए में खरीदा। तब वे 13 साल के थे। वे IPL ऑक्शन में खरीदे जाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने थे। 35 गेंदों में लगाया शतक वैभव ने IPL 2025 में 7 पारियों में 252 रन बनाए। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाया। यह उस समय किसी भारतीय बल्लेबाज का IPL में सबसे तेज शतक था। 2026 IPL में 776 रन और 72 छक्के अपने दूसरे IPL सीजन में वैभव ने 16 मैचों में 776 रन बनाए। इसमें एक शतक और 5 अर्धशतक शामिल रहे। वे राजस्थान रॉयल्स के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने सीजन में 72 छक्के लगाए। यह क्रिस गेल के पिछले रिकॉर्ड से 20 छक्के ज्यादा थे। सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। मैनचेस्टर में खेले गए मैच में वे भारत के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष क्रिकेटर बने। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। वैभव अब तक 6 टी20 इंटरनेशनल खेल चुके हैं। उनके नाम 193 रन हैं। उनका सबसे बड़ा स्कोर 81 रन है। 11 गेंदों में लिस्ट-ए फिफ्टी जून में कोलंबो में श्रीलंका ए के खिलाफ इंडिया ए की ओर से खेलते हुए वैभव ने 11 गेंदों में अर्धशतक लगाया। यह लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इसके बाद उन्हें दलीप ट्रॉफी में विजेता ईस्ट जोन टीम का उप-कप्तान बनाया गया। वे जापान में चल रहे एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम का भी हिस्सा हैं।
देश में 13वां सबसे सूखा मानसून:11 साल बाद सबसे कम बारिश, राजस्थान में 21% की कमी; 10 अक्टूबर तक देशभर से जाएगा मासनून
देशभर में इस बार का मानसून 13वां सबसे सूखा सीजन रहा। पिछले 11 सालों में यह सबसे कम बारिश वाला मानसून रहा है। हालांकि, सीजन खत्म होने से पहले हुई तेज बारिश के कारण बारिश की कमी में 2.5% का सुधार हुआ। मानसून-2026 सीजन सामान्य से 12.6% कम बारिश के साथ खत्म हुआ। देश के 43% जिलों में 20 से 72% तक कम बारिश हुई। राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत के पांचों राज्यों में बारिश की कमी रही। पूर्वी भारत में ओडिशा में सामान्य से 30% ज्यादा बारिश हुई, जबकि बारिश के लिए प्रसिद्ध पूर्वोत्तर राज्यों में इस साल 1901 के बाद सबसे कम बारिश दर्ज की गई। मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो चुकी थी। अगले दो दिनों में राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों के अलावा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों से मानसून लौटने लगेगा। बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी इसकी वापसी होगी। हालांकि, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश जारी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, 10 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश से विदा हो जाएगा। 15 अक्टूबर के बाद दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों में उत्तर-पूर्व मानसून दस्तक दे सकता है। आखिरी हफ्ते की बारिश से 2.5% कमी पूरी हुई मानसून की विदाई से पहले सितंबर के आखिरी हफ्ते में सामान्य से 50% ज्यादा बारिश हुई। एक हफ्ते पहले मानसून की बारिश सामान्य से 15% कम थी, लेकिन सीजन खत्म होते समय यह कमी घटकर 12.6% रह गई। मानसून के 122 दिनों में से 77 दिन कोई न कोई मौसमी सिस्टम बना रहा। इससे बारिश होती रही और सीजन के अंत में कमी 12.6% पर सीमित रही। अल नीनो के कारण सीजन शुरू होने से पहले सूखे की आशंका जताई गई थी, लेकिन एक-दो राज्यों को छोड़कर स्थिति उतनी खराब नहीं रही। 282 जिलों में कम बारिश देश के 38% हिस्से यानी 282 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई। अत्यधिक बारिश के लिए प्रसिद्ध मेघालय में भी सामान्य से 60% कम बारिश दर्ज की गई। 24 सितंबर तक देश के 150 प्रमुख जलाशयों में 130 अरब घन मीटर (BCM) पानी उपलब्ध था। इनकी कुल भंडारण क्षमता 182.4 BCM है। यानी जलाशय अपनी क्षमता के करीब 71% तक भरे हैं। हालांकि, पानी का भंडार पिछले साल की तुलना में कम है। अल नीनो के असर की कुछ भरपाई संभव ICICI बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) इंडेक्स 0.76 के साथ पॉजिटिव जोन में पहुंच गया है। इससे आने वाले दिनों में मजबूत हो रहे अल नीनो के प्रतिकूल असर की कुछ हद तक भरपाई हो सकती है। हालांकि, अल नीनो अभी भी मानसून के लिए प्रमुख जोखिम बना हुआ है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी के उन्नाव में गंगा खतरे के निशान पर पहुंची, बिहार के सारण में बांध टूटा मध्य प्रदेश से इसी हफ्ते मानसून की विदाई शुरू होगी। यह सबसे पहले उज्जैन और ग्वालियर संभाग के जिलों से लौटेगा। फिर इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर से वापसी होगी। इससे पहले 3 दिन बूंदाबांदी का दौर चलेगा। पूरी खबर पढ़ें…
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