केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनभोगियों को मिलेगी गुड न्यूज! जुलाई 2026 से लागू होने वाले DA/DR पर जल्द फैसला लेने की उठी मांग
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जल्द गुड न्यूज मिल सकती है। दिवाली से पहले महंगाई भत्ते की नई दरों का ऐलान हो सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर 1 जुलाई से देय महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का ऐलान जल्द करने का आग्रह किया है।
संघ के महासचिव एम. एस. वेंकटेशन द्वारा 24 सितंबर 2026 को लिखे गए पत्र में सरकार से अनुरोध किया गया है संबंधित CPI डेटा और निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर DA/DR की नई दर तय होने के बाद इसे सक्षम अधिकारी के समक्ष जल्द रखा जाए और आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए इस प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए जनवरी 2026 से DA/DR की मौजूदा दर 60% है। इस बार जुलाई 2026 से 3 या 4 फीसदी डीए बढ़ोतरी संभव है, जिसके बाद DA/DR की दर 63% से 64% तक पहुंच सकती है।
संघ ने आगे लिखा है कि यह किसी अग्रिम या अतिरिक्त लाभ की मांग नहीं है। यह केंद्रीय कर्मचारियों का एक कानूनी अधिकार है जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुका है। संगठन ने अनुरोध किया है कि जैसे ही सीपीआई डेटा (CPI Data) और तय फॉर्मूले के आधार पर गणना पूरी हो, इस प्रस्ताव को जल्द से जल्द सक्षम प्राधिकारी के सामने मंजूरी के लिए रखा जाए ताकि कर्मचारियों को एरियर के साथ बिना किसी देरी के बढ़ा हुआ वेतन मिल सके। इस पत्र की प्रतियां वित्त सचिव, कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) के सचिव और जेसीएम (NC-JCM) के स्टाफ साइड के महासचिव को भी उचित कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं। पत्र में शिक्षा, घरेलू जरूरतों, यात्रा और त्योहारों के दौरान बढ़ने वाले पारिवारिक खर्च का भी उल्लेख किया गया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा साल में 2 बार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते की दरों में संशोधन किया जाता है। यह दरें श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के छमाही (जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर) आंकड़ों पर निर्भर करती हैं। जनवरी 2026 से केंद्र सरकार ने 2% DA में वृद्धि की थी, जिसका ऐलान अप्रैल 2026 में किया गया। अब जुलाई 2026 से बढ़ने वाली दरों का इंतजार है। इस बार मंहगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। चुंकी नई दरें जुलाई 2026 से लागू होंगी, ऐसे में जुलाई, अगस्त, सितंबर 2026 का एरियर भी मिलेगा। इसका लाभ 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन (DR) पर पड़ेगा।
पिछले कुछ वर्षों में दरों में हुए बदलाव
- जुलाई 2023: 46%
- जनवरी 2024: 50%
- जुलाई 2024: 53%
- जनवरी 2025: 55%
- जुलाई 2025: 58%
- जनवरी 2026: 60%
AICPI इंडेक्स और DA गणना के मुख्य आंकड़े:
- जून 2026 AICPI-IW इंडेक्स: 151.9
- 12 महीनों का औसत AICPI-IW: 148.65
- गणना के अनुसार कुल DA: 63.76% (राउंड ऑफ होकर 63%)
- वर्तमान DA दर (जनवरी 2026 से): 60%
- संभावित वृद्धि: 3%
- प्रभावी तिथि: 1 जुलाई 2026
शेयर बाजार में इस हफ्ते गिरावट की उम्मीद:US-ईरान तनाव और बॉन्ड यील्ड जैसे 7 फैक्टर तय करेंगे बाजार की चाल
28 सितंबर से शुरू होने वाले कारोबारी हफ्ते में गिरावट दिख सकती है। बाजार की चाल काफी हद तक ग्लोबल संकेतों से तय होगी। अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़े कच्चे तेल के दाम और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे फैक्टर्स मार्केट को प्रभावित करेंगे। NSE के ट्रेडिंग कैलेंडर के मुताबिक, महात्मा गांधी जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर, शुक्रवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे। बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में पिछले छह सालों की सबसे लंबी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई थी। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बॉन्ड यील्ड और महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस हफ्ते 7 फैक्टर्स बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. क्रूड ऑयल 105 डॉलर पार, अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ा खतरा ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव भारतीय बाजार की सेहत बिगाड़ रहा है। दुनिया के मुख्य तेल सप्लाई रूट 'होर्मुज को लेकर जारी विवाद से ब्रेंट क्रूड 105-106 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है। अगर दोनों देशों में बातचीत से सुलह होती है तो तेल सस्ता होगा, जिससे भारत का इंपोर्ट बिल घटेगा और रुपए व शेयर बाजार को राहत मिलेगी। लेकिन अगर तनाव जारी रहा, तो कच्चे तेल की महंगाई से भारत में महंगाई का दबाव बढ़ेगा और बाजार में उथल-पुथल बनी रहेगी। 2. FII एक्टिविटी: विदेशी निवेशकों ने ₹26 हजार करोड़ के शेयर बेचे विदेशी निवेशक यानी FIIs ने 25 अगस्त तक कैश मार्केट में करीब ₹26 हजार करोड़ की बिकवाली की है। हालांकि, FIIs का IPO में भरोसा बना हुआ है और उन्होंने इस दौरान प्राइमरी मार्केट में ₹8,551 करोड़ का निवेश किया है। नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। IIP और फिस्कल डेफिसिट डेटा: आर्थिक सेहत तय करेगी बाजार की चाल इस हफ्ते जारी होने वाले अगस्त के इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और फिस्कल डेफिसिट यानी राजकोषीय घाटा के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी। इसके अलावा, HSBC इंडिया मैन्युफैक्चरिंग PMI के आंकड़े भी आने हैं। IIP से देश के मैन्युफैक्चरिंग और माइनिंग सेक्टर की वास्तविक रफ्तार का पता चलेगा, जिससे इंडस्ट्रियल और कैपिटल गुड्स के शेयरों की चाल तय होगी। वहीं अगर सरकार का राजकोषीय घाटा नियंत्रण में रहता है, तो विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। इससे भारतीय बाजार में पूंजी प्रवाह को सहारा मिल सकता है। यूएस बॉन्ड यील्ड 5.2% के पास: विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल सकते हैं भारतीय शेयर बाजार के लिए अमेरिकी बॉन्ड मार्केट की चाल भी चिंता का कारण है। अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड बढ़कर 5.2% के करीब पहुंच गई है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर मजबूत होने का मतलब है कि विदेशी निवेशकों को बिना जोखिम के अमेरिका में ही बेहतर रिटर्न मिलेगा। ऐसे में वे भारत जैसे उभरते बाजारों से अपना पैसा निकाल सकते हैं। इसी बिकवाली के कारण भारतीय शेयर बाजार पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। 5. रुपए की चाल: डॉलर के मुकाबले 95.75 पर बंद हुआ था रुपया पिछले कारोबारी सेशन में रुपया 24 पैसे मजबूत होकर 95.75 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ था। एक्सपर्ट्स के अनुसार, तेल कंपनियों की ओर से डॉलर की मांग और FII बिकवाली से रुपए पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि, RBI के दखल से अस्थिरता को कंट्रोल करने में मदद मिली है। 6. US इकोनॉमिक डेटा: कंज्यूमर कॉन्फिडेंस और जॉब्स डेटा ग्लोबल मार्केट सेंटिमेंट के लिए अमेरिका से आने वाले इकोनॉमिक डेटा अहम होंगे। इस हफ्ते यूएस कंज्यूमर कॉन्फिडेंस, JOLTS जॉब ओपनिंग्स और यूरोजोन के सितंबर इन्फ्लेशन के डेटा जारी होंगे। ये डेटा ग्लोबल इंटरेस्ट रेट की दिशा तय करने में मदद करेंगे। 7. IPO मार्केट: 20 कंपनियां जुटाएंगी ₹1,292 करोड़ प्राइमरी मार्केट में इस हफ्ते कुल 20 IPO ओपन होंगे, जो टोटल ₹1,292 करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं। मेनबोर्ड सेगमेंट में SRIT इंडिया, विशाल निर्मिति, नित्यास जेम्स एंड ज्वैलरी और शाह इन्वेस्टर्स होम मिलकर ₹595 करोड़ जुटाएंगी। वहीं SME सेगमेंट में 16 SME कंपनियां का बाजार से लगभग ₹697 करोड़ जुटाने का प्लान है। शुक्रवार को सेंसेक्स 315 अंक चढ़कर 73896 पर बंद हुआ था पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन, 25 सितंबर शुक्रवार को शेयर बाजार में तेजी रही थी। सेंसेक्स 315 अंक चढ़कर 73,896 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 77 अंक की बढ़त रही, ये 23,141 पर बंद हुआ था।
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