जयपुर से जगन्नाथ पूरी 1300 KM का सफर, इस दिन लॉन्च होगी ये कार
नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच, टाटा मोटर्स (Tata Motors) अपनी पॉपुलर इलेक्ट्रिक एसयूवी—Tata Punch EV पर जून 2026 के महीने में शानदार डीलरशिप डिस्काउंट लेकर आई है। इस दौरान नई पंच ईवी खरीदने वाले ग्राहक सीधे कैश डिस्काउंट और अन्य एक्सचेंज बेनिफिट्स ...
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High Blood Pressure: 5 खराब आदतें कम उम्र में ही बना सकती हैं बीपी का मरीज, भूलकर भी न करें ये गलती
High Blood Pressure: कभी बुजुर्गों की बीमारी मानी जाने वाली 'हाइपरटेंशन' यानी हाई ब्लड प्रेशर (High Blood Pressure) अब तेजी से 20 और 30 साल के युवाओं को अपनी चपेट में ले रही है। अक्सर बिना किसी स्पष्ट चेतावनी या बड़े लक्षणों के शरीर के भीतर पनपने वाली यह समस्या स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा रही है। जब तक लोगों को इसका अहसास होता है, तब तक यह धमनी, हृदय और गुर्दों (किडनी) को गंभीर नुकसान पहुंचा चुकी होती है।
हमारी रोज़मर्रा की कुछ ऐसी आदते हैं, जिन्हें हम बहुत सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आदतें नसों पर दबाव बढ़ाकर कम उम्र में ही हाइपरटेंशन का मरीज बना देती हैं। यदि समय रहते इन जीवनशैली से जुड़ी आदतों में सुधार न किया जाए, तो जवानी में ही दवाओं पर निर्भर रहने की नौबत आ सकती है।
5 खराब आदतें बना सकती हैं हाई बीपी का मरीज
प्रोसेस्ड फूड और अत्यधिक नमक का सेवन
जंक फूड, पैक्ड स्नैक्स, प्रोसेस्ड मीट और रेस्टोरेंट के खाने में सोडियम (नमक) का स्तर बहुत अधिक होता है। शरीर में अत्यधिक सोडियम जमा होने से पानी रुकने लगता है, जिससे धमनियों पर सीधा दबाव बढ़ता है और बीपी का स्तर हाई हो जाता है।
देर रात तक जगना और नींद की कमी
गैजेट्स की लत और देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत के कारण पर्याप्त नींद न मिलना आम हो गया है। जब शरीर को 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं मिलती, तो तनाव हार्मोन (जैसे कोर्टिसोल) का स्तर बढ़ता है, जो धमनियों को सिकोड़कर ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है।
सिडेंटरी लाइफस्टाइल (शारीरिक निष्क्रियता)
दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम करना और किसी भी तरह की शारीरिक गतिविधि न करना दिल के स्वास्थ्य के लिए घातक है। फिजिकल एक्टिविटी की कमी से नसें सख्त होने लगती हैं और वजन बढ़ता है, जिससे हृदय को खून पंप करने में ज्यादा जोर लगाना पड़ता है।
अत्यधिक वर्क-स्ट्रेस और मानसिक तनाव
ऑफिस डेडलाइन और अनिश्चित भविष्य की चिंता नसों को लगातार तनाव में रखती है। पुराना या क्रोनिक स्ट्रेस एड्रीनलीन और कोर्टिसोल हार्मोन का स्राव बढ़ाता है, जो धमनियों को संकुचित करके रक्तचाप को खतरनाक स्तर तक ले जाता है।
धूम्रपान और शराब का बढ़ता चलन
सिगरेट में मौजूद निकोटीन धमनियों की अंदरूनी दीवारों को तुरंत नुकसान पहुंचाता है और उन्हें सख्त बनाता है। वहीं शराब का नियमित और अत्यधिक सेवन भी ब्लड प्रेशर को लगातार ऊंचा बनाए रखता है, जिससे हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ जाता है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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