‘हनुमान अंश’ की पार्वती बोलीं- चाहती हूं, PM फिल्म देखें:आस्था को अंधविश्वास मानने से इनकार; बताया बुंदेली भाषा से कैसे मिला फिल्म में रोल
चर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में माता पार्वती का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री नेहा परांजपे रविवार को खंडवा पहुंचीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने फिल्म की कहानी, अपने किरदार के चयन, बुंदेली भाषा से जुड़े दिलचस्प किस्से, नीम करौली बाबा से प्रेरणा और फिल्म को लेकर अंधविश्वास जैसे सवालों पर खुलकर बात की। नेहा ने कहा कि फिल्म को दो साल के बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक पसंद कर रहे हैं। उनका कहना था कि जिस दौर में ओटीटी और फिल्मों में अश्लील एवं वल्गर कंटेंट को लेकर चर्चा होती है, उस समय परिवार के साथ देखी जा सकने वाली धार्मिक और भावनात्मक कहानी को दर्शकों का पसंद करना खास बात है। PM मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार ‘हनुमान अंश’ को मिल रहे प्यार पर अभिनेत्री नेहा परांजपे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि फिल्म की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचना टीम के लिए उत्साह की बात है। उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री खुद यह फिल्म देखें और इसके गीत भी सुनें। नेहा ने कहा कि फिल्म को लेकर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पूरी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य ऐसी कहानी दर्शकों तक पहुंचाना है, जिसे परिवार के लोग साथ बैठकर देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें। बुंदेली भाषा ने दिलाया ‘पार्वती’ का किरदार फिल्म में नेहा और उनके बेटे विहान के चयन का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। जबलपुर की रहने वाली नेहा ने बताया कि फिल्म में काम मिलने की शुरुआत एक एड शूट के दौरान हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात लखनऊ के फिल्म मेकर विशाल से हुई। बातचीत के दौरान नेहा ने उनसे बुंदेली भाषा में संवाद किया। यह छोटा-सा बुंदेली टेस्ट ही उनके लिए फिल्म तक पहुंचने का जरिया बन गया। नेहा ने बताया कि उस समय उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि सफर के दौरान हुई यह सामान्य बातचीत आगे चलकर उन्हें इतनी बड़ी फिल्म में भूमिका दिला देगी। उन्होंने बताया कि भाषा और स्थानीय संवाद शैली से उनकी पकड़ ने मेकर्स को प्रभावित किया और इसके बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला। नीम करौली बाबा के विचारों से प्रेरित कहानी फिल्म की कहानी और इसकी लोकप्रियता पर बात करते हुए नेहा ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ किसी असाधारण या काल्पनिक चमत्कार को दिखाने के बजाय एक सामान्य इंसान की कहानी कहती है, जिसके पास दिव्य शक्तियां हैं, लेकिन उसके भीतर अहंकार नहीं है। अभिनेत्री के मुताबिक, फिल्म की कल्पना महान संत नीम करौली बाबा के विचारों और उनके आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि फिल्म में सादगी, आस्था और मानवीय भावनाओं को प्रमुखता दी गई है। नेहा ने इसे आम आदमी से जुड़ी कहानी बताते हुए कहा कि फिल्म का किरदार अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करने के बजाय उन्हें सहजता से स्वीकार करता है। यही बात कहानी को बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अभी कैंची धाम नहीं गई, लेकिन अब जाएंगी। ‘अंधविश्वास नहीं, सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास है’ फिल्म के धार्मिक कंटेंट को लेकर अंधविश्वास फैलाने के सवाल पर नेहा ने कहा कि इसे अंधविश्वास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था और अंधविश्वास के बीच अंतर होता है। अभिनेत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति राम या गणेश जी को उसी रूप में माने, लेकिन हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास जरूर होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुश्किल समय में होता है और मन से यह कहता है कि ‘सब अच्छा हो जाए’, तो वह भी उसी सर्वोच्च शक्ति पर भरोसे का एक रूप है। नेहा के मुताबिक फिल्म किसी पर किसी विशेष धार्मिक विश्वास को थोपने की कोशिश नहीं करती, बल्कि आस्था, विश्वास और सकारात्मक सोच को कहानी के माध्यम से सामने रखती है। परिवार के साथ देखे जाने वाले कंटेंट की चर्चा नेहा ने ओटीटी और मनोरंजन के मौजूदा दौर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज दर्शकों के सामने कंटेंट के कई विकल्प हैं। ऐसे समय में एक ऐसी फिल्म को दर्शकों का प्यार मिलना, जिसमें धार्मिक भावनाओं के साथ पारिवारिक जुड़ाव और सादगी है, पूरी टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ केवल धार्मिक कहानी के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे आम इंसान की कहानी के रूप में दर्शकों तक पहुंच रही है, जिसके पास असाधारण क्षमताएं होने के बावजूद वह सामान्य जीवन और मानवीय मूल्यों से जुड़ा रहता है।
Paneer Bhurji Recipe: होटल जैसी पनीर भुर्जी घर पर बनाएं, इन खास चीजों से आएगा गजब का स्वाद
Paneer Bhurji Recipe: पनीर की सब्जी में कुछ अलग और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं तो पनीर भुर्जी एक बेहतरीन विकल्प है। नरम पनीर, मसालेदार ग्रेवी और प्याज-टमाटर का शानदार स्वाद इसे खास बनाता है। अगर इसे होटल या रेस्टोरेंट जैसी बनाना चाहते हैं तो सिर्फ मसाले डालना काफी नहीं है, बल्कि पनीर की सही टेक्सचर और मसालों का संतुलन भी जरूरी है।
घर पर अक्सर पनीर भुर्जी बनाते समय यह शिकायत रहती है कि इसमें होटल जैसा स्वाद और खुशबू नहीं आती। इसकी वजह मसालों को सही तरीके से न भूनना और पनीर को जरूरत से ज्यादा पकाना हो सकती है। कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर आप घर पर ही ऐसी पनीर भुर्जी बना सकते हैं, जो स्वाद में रेस्टोरेंट की डिश को टक्कर देगी।
पनीर भुर्जी बनाने के लिए सामग्री
- 250 ग्राम पनीर
- 2 मध्यम आकार के प्याज
- 2 मध्यम आकार के टमाटर
- 1 शिमला मिर्च
- 1-2 हरी मिर्च
- 1 चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट
- 2 बड़े चम्मच मक्खन
- 1 बड़ा चम्मच तेल
- 1/2 चम्मच जीरा
- 1/2 चम्मच हल्दी
- 1 चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1 चम्मच धनिया पाउडर
- 1/2 चम्मच गरम मसाला
- 1/2 चम्मच कसूरी मेथी
- नमक स्वादानुसार
- 2 बड़े चम्मच ताजा क्रीम
- थोड़ा हरा धनिया
पनीर भुर्जी बनाने का तरीका
पनीर को इस तरह करें तैयार
सबसे पहले पनीर को कद्दूकस कर लें। होटल जैसी भुर्जी के लिए पनीर को बहुत बारीक पीसने के बजाय हल्का दरदरा रखें। इससे खाने के दौरान पनीर की अच्छी टेक्सचर महसूस होगी। अगर पनीर थोड़ा सख्त है तो उसे कुछ मिनट गुनगुने पानी में रख सकते हैं।
मसालों को अच्छी तरह भूनना जरूरी
कड़ाही में तेल और मक्खन डालकर गर्म करें। इसमें जीरा डालें। जीरा चटकने लगे तो बारीक कटा प्याज डालकर हल्का सुनहरा होने तक भूनें। अब अदरक-लहसुन का पेस्ट और हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड पकाएं।
इसके बाद बारीक कटे टमाटर और शिमला मिर्च डालें। हल्दी, लाल मिर्च और धनिया पाउडर डालकर मसाले को तब तक भूनें, जब तक टमाटर अच्छी तरह गल न जाएं और मिश्रण से तेल अलग दिखाई देने लगे। यही स्टेप भुर्जी के स्वाद को काफी हद तक तय करता है।
अब डालें पनीर और खास मसाले
मसाला अच्छी तरह भुन जाने के बाद कद्दूकस किया हुआ पनीर डालें। इसे तेज आंच पर लगातार चलाते हुए ज्यादा देर तक न पकाएं, वरना पनीर सूखा और सख्त हो सकता है। करीब 2-3 मिनट तक पकाना पर्याप्त है।
अब कसूरी मेथी को हथेलियों के बीच हल्का मसलकर डालें। गरम मसाला और स्वादानुसार नमक मिलाएं। आखिर में ताजा क्रीम डालकर अच्छी तरह मिलाएं और गैस बंद कर दें। ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया डालें।
होटल जैसा स्वाद लाने की छोटी ट्रिक
रेस्टोरेंट जैसी पनीर भुर्जी के लिए मक्खन और कसूरी मेथी का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाता है। अगर थोड़ी स्मोकी खुशबू पसंद है तो तैयार भुर्जी को कुछ मिनट ढककर रखें। इसे गरमा-गरम रोटी, नान, पराठे या तंदूरी रोटी के साथ परोस सकते हैं।
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लेखक: (कीर्ति)
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