जम्मू और कश्मीर के गांदरबल ज़िले में सोनमर्ग टूरिस्ट रिज़ॉर्ट में मंगलवार देर रात एक बड़ा हिमस्खलन हुआ, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में दहशत फैल गई। हालांकि, अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब तक किसी के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। हिमस्खलन रात करीब 10.12 बजे हुआ और यह कई CCTV कैमरों में कैद हो गया, जिसके नाटकीय विज़ुअल सोशल मीडिया पर सामने आए हैं, जो मौजूदा खराब मौसम की गंभीरता को दिखाते हैं।
टूरिस्ट रिज़ॉर्ट में भारी हिमस्खलन, वीडियो में नाटकीय पल कैद हुआ
फुटेज में बर्फ की एक शक्तिशाली दीवार पहाड़ों से नीचे गिरती हुई और कुछ ही सेकंड में इमारतों को अपनी चपेट में लेती हुई दिखाई दे रही है, जो इस क्षेत्र में खराब मौसम की गंभीरता को दिखाती है। सोनमर्ग और उसके आसपास लगे तीन अलग-अलग CCTV कैमरों में रिकॉर्ड किए गए वीडियो में बर्फ के खिसकने की ज़बरदस्त ताकत और गति दिखाई देती है। एक क्लिप में, घनी बर्फ को पास की इमारतों तक पहुंचने से पहले खुले मैदान में तेज़ी से फैलते हुए देखा जा सकता है। एक दूसरे एंगल से पता चलता है कि बर्फ के बादल लगभग तुरंत इमारतों को घेर लेते हैं, जिससे विज़िबिलिटी लगभग शून्य हो जाती है। एक तीसरा वीडियो हिमस्खलन के बड़े पैमाने को दिखाता है, जिसमें बर्फ के घूमते हुए गुबार छतों और सड़कों को घेरे हुए हैं।
सड़क यातायात और हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप
भारी हिमपात के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के अवरूद्ध होने और श्रीनगर हवाई अड्डे से सभी उड़ानों को रद्द किये जाने से मंगलवार को सड़क यातायात और हवाई सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। इससे आपातकालीन सेवाओं और सशस्त्र बलों की आवाजाही में भी बाधा उत्पन्न हुई। इस बीच, बचाव कार्य और सड़कों से बर्फ हटाने का अभियान लगातार जारी रहा। श्रीनगर हवाई अड्डे पर सभी 58 निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें 29 आगमन और 29 प्रस्थान की थीं, जिससे सैकड़ों पर्यटक फंस गए।
रनवे परिचालन के लिए असुरक्षित
अधिकारियों ने बताया कि लगातार हिमपात के कारण रनवे परिचालन के लिए असुरक्षित हो गया था। श्रीनगर समेत घाटी में हल्का से मध्यम हिमपात हुआ, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात हुआ, जिससे सोनमर्ग, गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थलों पर बर्फ की मोटी परत जमा हो गई। अधिकारियों ने बताया कि काजीगुंड और बनिहाल के बीच बर्फ जमा होने के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया गया है और बर्फ हटाने का अभियान जारी रहने के बावजूद राजमार्ग पर किसी भी वाहन को परिचालन की अनुमति नहीं दी जा रही है। रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिसके चलते बनिहाल और बडगाम के बीच चलने वाली कुछ ट्रेन दिन में पहले रद्द कर दी गईं।
हिमपात का पूर्वानुमान
हालांकि, अधिकारियों ने बताया कि पटरियों को साफ किए जाने के बाद कुछ ही घंटों में परिचालन फिर से शुरू हो गया। जिला प्रशासन और पुलिस ने जनता की सहायता के लिए नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन नंबर स्थापित किए हैं। बर्फ से ढके इलाकों में जहां सड़कें अवरुद्ध थीं, वहां पुलिसकर्मी मरीजों को स्ट्रेचर पर उठाकर चिकित्सा केंदों तक पहुंचाते हुए देखे गए। मौसम विभाग ने अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या हिमपात का पूर्वानुमान लगाया है, साथ ही कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश होने या तेज हवाएं चलने की संभावना है।
हल्की बारिश
बुधवार को भी हल्की बारिश होने का अनुमान है। जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (जेकेयूटीडीएमए) ने कश्मीर के गांदरबल, अनंतनाग, बांदीपोरा, बारामूला, कुलगाम और कुपवारा सहित ग्यारह जिलों और जम्मू क्षेत्र के डोडा, किश्तवार, पुंछ, राजौरी और रामबन के लिए हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी मंगलवार शाम तक प्रभावी रहेगी। इस बीच, मंगलवार देर रात जम्मू कश्मीर के सोनमर्ग पर्यटक स्थल पर हिमस्खलन हुआ, लेकिन इसमें किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात 10.12 बजे मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित सोनमर्ग रिसॉर्ट में हिमस्खलन हुआ।
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झारखंड उच्च न्यायालय ने महापौर के पदों के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती देने वाली याचिका को मंगलवार को खारिज कर दिया, जिससे राज्य में इन चुनावों का मार्ग प्रशस्त हो गया।
मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने शांतनु कुमार चंद्र द्वारा दायर याचिका की सुनवाई करते हुए पाया कि इसमें कोई ठोस तथ्य नहीं है।
याचिकाकर्ता ने धनबाद और गिरिडीह में महापौर के पद पर नियुक्ति के लिए सरकार की आरक्षण नीति को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता ने यह दलील दी थी कि सरकार ने दो शहरी स्थानीय निकायों में पदों पर नियुक्ति के लिए एक त्रुटिपूर्ण आरक्षण नीति बनाई है।
उन्होंने दलील दी कि महापौर पद के लिए आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है, जो कि बहुत पुरानी जनगणना है।
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