जब अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा के शरीर पर लिपट गया काला सांप... मां बोलीं- मुझे तुम पे बहुत गर्व है बेटा, सदा पशुपति नाथ... VIDEO VIRAL
नागपंचमी के पावन पर्व पर भाजपा नेता अपर्णा यादव की बेटी प्रथमा ने जीव-दया और पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश की। त्यौहार के अवसर पर जब एक सपेरा विषधर सांपों को लेकर आया, तो प्रथमा ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उन सभी सांपों को सपेरे से मुक्त करा लिया।
Mumbai Real Estate: 711 करोड़ में पूरा टावर खरीदने का करार, जानिए कौन हैं एंजल वन के दिनेश ठक्कर?
मुंबई। शेयर बाजार और वित्तीय सेवाओं की दुनिया में एंजल वन (Angel One) को खड़ा करने वाले दिनेश ठक्कर इन दिनों अपनी एक बेहद महंगी रियल एस्टेट डील को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने मुंबई के पॉश जुहू इलाके में स्थित एम्बेसी टेराजा परियोजना का पूरा रिहायशी टावर खरीदने के लिए करीब 711 करोड़ रुपये का समझौता ज्ञापन (MOU) किया है।
एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने 22 सितंबर 2026 को इस सौदे की घोषणा की। कंपनी के अनुसार, यह देश का सबसे बड़ा एकल रिहायशी इकाई लेनदेन है। हालांकि, फिलहाल यह एमओयू है और अंतिम बिक्री से जुड़ी कानूनी एवं पंजीकरण प्रक्रियाएं पूरी होना बाकी हैं।
एक फ्लैट नहीं, पूरा रिहायशी टावर खरीदा
इस सौदे की सबसे खास बात यह है कि दिनेश ठक्कर ने कोई एक फ्लैट या पेंटहाउस नहीं खरीदा है। उन्होंने पूरा रिहायशी टावर खरीदने का करार किया है।
एम्बेसी डेवलपमेंट्स के अनुसार, यह ग्राउंड फ्लोर के साथ सात मंजिल यानी जी+7 टावर है। इसका रेरा के तहत कार्पेट क्षेत्रफल करीब 63,000 वर्गफुट है और सौदे का मूल्य लगभग 711 करोड़ रुपये है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह कीमत करीब 1.13 लाख रुपये प्रति वर्गफुट के स्तर पर बैठती है। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में कुल लेनदेन राशि में कर, पंजीकरण शुल्क और अन्य खर्चों को शामिल किए जाने की जानकारी अलग हो सकती है। टाइम्स ऑफ इंडिया ने 711 करोड़ रुपये की राशि में कर, पंजीकरण और अन्य संबंधित खर्च शामिल होने की बात कही है।
जुहू के एम्बेसी टेराजा में है पूरा टावर
एम्बेसी टेराजा मुंबई के जुहू तारा रोड पर विकसित की जा रही एक बेहद आलीशान और कम घनत्व वाली आवासीय परियोजना है।
एम्बेसी डेवलपमेंट्स के मुताबिक, यह परियोजना 2 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली है। इसमें करीब 50 रिहायशी घर प्रस्तावित हैं और परियोजना का अनुमानित सकल विकास मूल्य यानी जीडीवी 3,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
कंपनी के अनुसार, दिनेश ठक्कर लंबे समय से ऐसे घर की तलाश में थे, जहां परिवार के लिए पर्याप्त जगह, निजता और समुद्र का बेहतर नजारा मिल सके। इसी वजह से उन्होंने पूरे टावर को अपने परिवार के लिए लंबे समय के घर और निजी आलीशान आवास के रूप में चुना है।
परियोजना के पूरा होने की संभावित समयसीमा दिसंबर 2031 बताई गई है।
कौन हैं दिनेश ठक्कर?
दिनेश ठक्कर एंजल वन लिमिटेड के संस्थापक, चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हैं। एंजल वन की आधिकारिक जानकारी में भी उनका पद चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक दर्ज है।
उन्होंने 1996 में एंजल की शुरुआत की थी। कंपनी ने पारंपरिक शेयर ब्रोकिंग कारोबार से आगे बढ़कर तकनीक आधारित वित्तीय सेवाओं के मंच के रूप में अपना विस्तार किया।
मुंबई में हुआ जन्म, परिवार के कारोबार से शुरुआत
दिनेश ठक्कर का जन्म मुंबई के मुलुंड में हुआ था। उनका परिवार कपड़ा कारोबार से जुड़ा था। शुरुआती दौर में उन्हें पारिवारिक कारोबार का अनुभव मिला।
बाद में उन्होंने शेयर बाजार और ब्रोकिंग के क्षेत्र में कदम रखा। एंजल वन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कारोबार शुरू करने के पीछे पारदर्शिता, तकनीक और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं पर जोर देने की सोच महत्वपूर्ण रही।
1996 में शुरू हुआ सफर
दिनेश ठक्कर ने 1996 में एंजल के साथ अपने कारोबारी सफर की शुरुआत की। समय के साथ कंपनी ने पारंपरिक ब्रोकिंग सेवाओं से आगे बढ़कर तकनीक आधारित निवेश और वित्तीय सेवाओं का विस्तार किया।
कंपनी ने 2019 के बाद डिजिटल बदलाव पर विशेष जोर दिया। इसके बाद कारोबार, निवेश और अन्य वित्तीय सेवाओं से जुड़े डिजिटल उत्पादों का विस्तार हुआ।
आज एंजल वन भारत की प्रमुख खुदरा शेयर ब्रोकिंग और वित्तीय सेवा कंपनियों में शामिल है। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर दिनेश ठक्कर को चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बताया गया है।
2020 में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हुई कंपनी
एंजल वन के लिए साल 2020 भी महत्वपूर्ण रहा। कंपनी के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, इसके शेयर अक्टूबर 2020 में बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हुए।
इसके बाद कंपनी ने खुद को तकनीक आधारित वित्तीय सेवा कारोबार के रूप में और मजबूत किया।
महंगी कारों और फिटनेस में भी रुचि
दिनेश ठक्कर की कारोबारी सफलता के साथ उनकी निजी जीवनशैली भी समय-समय पर चर्चा में रहती है। मीडिया रिपोर्टों में उनकी महंगी कारों और फिटनेस में रुचि का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, उनकी निजी संपत्ति और जीवनशैली से जुड़े कई आंकड़े मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इसलिए ऐसे आंकड़ों को आधिकारिक वित्तीय आंकड़ों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
711 करोड़ की यह डील क्यों है खास?
इस सौदे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी एक फ्लैट की खरीद नहीं हुई है, बल्कि एक पूरा रिहायशी टावर एक ही खरीदार को बेचने का एमओयू हुआ है।
एम्बेसी डेवलपमेंट्स के अनुसार, टावर में 63,000 वर्गफुट का रेरा कार्पेट क्षेत्रफल है और यह ग्राउंड फ्लोर समेत सात मंजिल का है। सौदे का मूल्य करीब 711 करोड़ रुपये है। कंपनी ने इसे भारत का सबसे बड़ा एकल रिहायशी इकाई लेनदेन बताया है।
फिलहाल यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) है। इसलिए अंतिम लेनदेन और उससे जुड़ी कानूनी एवं पंजीकरण प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही सौदे की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
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