साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया:टी-20 सीरीज में 1-0 की बढ़त; ऐडन मार्करम ने नाबाद 86 रन बनाए
तीन मैचों की टी-20 सीरीज के पहले मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हरा दिया। कप्तान ऐडन मार्करम की नाबाद 86 रन की पारी की बदौलत टीम ने 174 रन का लक्ष्य 13 गेंद शेष रहते हासिल कर लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 174 रन बनाए थे। जवाब में साउथ अफ्रीका ने केवल 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। वर्ल्ड कप मुकाबलों को छोड़ दें, तो पिछले 8 टी-20 मैचों में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह साउथ अफ्रीका की पहली जीत है। 18 महीने बाद टी-20 इंटरनेशनल में मार्करम का सबसे बड़ा स्कोर पिछले डेढ़ साल से टी-20 फॉर्मेट में संघर्ष कर रहे ऐडन मार्करम इस मैच में पुरानी लय में नजर आए। उन्होंने 9 चौके और 3 छक्कों की मदद से 86 रन की नाबाद पारी खेली। यह उनका टी-20 इंटरनेशनल करियर का सर्वोच्च स्कोर है। पहले विकेट के लिए 83 रन की साझेदारी लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका को मार्करम और लुहान-ड्रे प्रिटोरियस (23 रन) ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 83 रन की साझेदारी हुई। इसके बाद नंबर-3 पर उतरे रयान रिकेलटन ने 40 रन की नाबाद पारी खेली। मार्करम और रिकेलटन के बीच दूसरे विकेट के लिए 93 रन की अटूट साझेदारी रही। वेस्टइंडीज की पारी: हेटमायर-पॉवेल की वापसी कोशिश वेस्टइंडीज की ओर से ब्रैंडन किंग ने 14 गेंदों में 23 रन बनाए, लेकिन केशव महाराज ने जॉनसन चार्ल्स और किंग को आउट कर टीम को दबाव में डाल दिया। एक समय टीम ने 95 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद शिमरोन हेटमायर (48 रन) और रोवमैन पॉवेल ने छठे विकेट के लिए 74 रन जोड़कर स्कोर 174 तक पहुंचाया। 102 मीटर का छक्का मैच के 14वें ओवर में हेटमायर ने केशव महाराज के ओवर में 102 मीटर लंबा छक्का जड़ा। इस ओवर में 16 रन आए। महाराज ने अपने 4 ओवर में 44 रन दिए, जो उनके टी-20 करियर का सबसे महंगा स्पेल रहा। रिकेलटन का नया रोल इस सीरीज में नंबर-3 पर आजमाए गए रयान रिकेलटन ने 40 रन की नाबाद पारी खेली। यह उनके पिछले 6 टी-20 इंटरनेशनल मैचों में सबसे बड़ा स्कोर है। टॉप ऑर्डर के प्रदर्शन के चलते साउथ अफ्रीका के मिडिल ऑर्डर को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला।
ट्रम्प बोले- दूसरा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा:ईरान को समझौता करने की धमकी दी; एक जंगी बेड़ा पहले ही पहुंच चुका है
ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ अपनी धमकी तेज कर दी है। अमेरिका ईरान के आस-पास अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी में है। मंगलवार को दिए एक भाषण में ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका का एक और नौसैनिक बेड़ा ईरान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हालांकि ट्रम्प ने ज्यादा जानकारी नहीं दी। उन्होंने उम्मीद जताया है कि ईरान को नए समझौते पर सहमत किया जा सकता है। एक हफ्ते पहले भी ट्रम्प ने इसी तरह का बयान देते हुए कहा था कि एक बड़ा अमेरिकी सैन्य बेड़ा ईरान की तरफ बढ़ रहा है। बीबीसी फारसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी युद्धपोत ‘USS अब्राहम लिंकन’ मिडिल ईस्ट में पहुंच चुका है। USS अब्राहम लिंकन अमेरिकी नौसेना का एक न्यूक्लियर-पावर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर है। यह दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ताकतवर वॉरशिप में से एक माना जाता है। अमेरिका ने ईरान के आगे 4 शर्तें रखी ट्रम्प ने एक्सियोस को दिए एक अलग इंटरव्यू में कहा कि ईरान के साथ स्थिति अभी बदल रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। ट्रम्प ने कहा, "हमारे पास ईरान के पास एक बड़ा आर्मडा है, जो वेनेजुएला से भी बड़ा है।" उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के अधिकारी कई बार संपर्क कर चुके हैं और वे डील करना चाहते हैं। ट्रम्प का मानना है कि ईरान बात करने के लिए उत्सुक है। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है। अगर ईरान संपर्क करता है और शर्तों को मानता है, तो बात होगी। इस महीने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने समझौते के लिए शर्तें बताई हैं- ईरान पर पहले भी हमला कर चुका है अमेरिका ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई है, लेकिन इन शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमलों का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि तीन सुविधाओं पर हमले से ईरान की परमाणु क्षमता पूरी तरह नष्ट हो गई है। ये ठिकाने फोर्डो, नतांज और इस्फहान थे। उन्होंने कहा, "22 साल से लोग यह करना चाहते थे।" ट्रम्प ने अभी यह नहीं बताया कि ईरान पर और सैन्य कार्रवाई की जाएगी या नहीं। हालांकि उन्होंने पहले कहा था कि अगर ईरान प्रदर्शनकारियों की हत्या करता है तो कार्रवाई होगी। मिडिल ईस्ट में 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात मिडिल ईस्ट (CENTCOM) में अभी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी काफी मजबूत है। मिडिल ईस्ट और पर्शियन गल्फ में लगभग 30,000 से 40,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। फिलहाल मिडिल ईस्ट में करीब 6 नौसैनिक जहाज मौजूद हैं, जिनमें 3 गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर शामिल हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और अन्य ऑपरेशन के लिए सक्षम हैं। अमेरिका के USS अब्राहम लिंकन को जानिए… ईरान के कई शहर USS अब्राहम लिंकन के स्ट्राइक रेंज में राष्ट्रपति ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी जंगी जहाज USS अब्राहम लिंकन अरब सागर में ईरान पहुंच चुका है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अरब सागर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENCOM) की जोन में आ चुका है। साथ ही अमेरिका का C 37-B एयरक्राफ्ट भी ईरान के उत्तर में तुर्कमेनिस्तान के अशगाबाद बेस पहुंच गया है। USS अब्राहम लिंकन पहले साउथ चाइना सी में तैनात था। 18 जनवरी को यह मलक्का स्ट्रेट पार कर हिंद महासागर में दाखिल हुआ। ईरान ने भी अमेरिका को पलटवार की चेतावनी दी अमेरिका की धमकी के बाद एक वरिष्ठ ईरानी सैन्य अधिकारी जनरल अली अब्दोल्लाही अलीअबादी ने चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने हमला किया तो मिडिल ईस्ट में उसके सभी सैन्य अड्डे और इजराल के केंद्र ईरान के निशाने पर होंगे। दूसरी तरफ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के कमांडर मोहम्मद पाकपुर ने कहा कि उनकी सेना की उंगली ट्रिगर पर है। गुरुवार को एक लिखित बयान में पाकपुर ने कहा कि ईरान की सेना पहले से ज्यादा तैयार है। इजराइली मंत्री बोले- ईरान को 7 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देंगे इजराइल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकात ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने इजराइल के खिलाफ फिर से कोई हमला किया, तो उसे पहले से “सात गुना ज्यादा ताकत” से जवाब दिया जाएगा। स्विट्जरलैंड के दावोस में मीडिया से बात करते हुए बरकात ने कहा कि इजराइल पहले भी ईरान को निशाना बना चुका है और आगे किसी भी उकसावे पर जवाब और ज्यादा कठोर होगा। उन्होंने दावा किया कि पिछली सैन्य कार्रवाई में इजराइल ने ईरान की सैन्य कमजोरी को उजागर कर दिया है। ईरान में सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं ट्रम्प डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान में सत्ता परिवर्तन की खुलकर वकालत की है। उन्होंने पिछले हफ्ते पोलिटिको से कहा, “ईरान में नए नेतृत्व के बारे में सोचने का वक्त आ गया है।” उन्होंने ईरानी नागरिकों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने और संस्थानों पर कब्जा करने की अपील भी की थी। हालांकि अगले दिन ट्रम्प ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि बंदियों को फांसी देने की योजना फिलहाल रोकी गई है। दूसरी ओर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रम्प पर ईरान में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ईरानी जनता को हुए नुकसान और मौतों के लिए जिम्मेदार हैं। इसके जवाब में ट्रम्प ने खामेनेई पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान की तबाही के लिए वही जिम्मेदार हैं और वहां डर और हिंसा के जरिए शासन चलाया जा रहा है। ईरान में 19 दिन प्रदर्शन हुए, 5000 प्रदर्शनकारियों की मौत ईरान में 28 दिसंबर से शुरू हुई हिंसा 15 जनवरी तक चली थी। यह कई कारणों से भड़की। ये प्रदर्शन अब तक के सबसे बड़े प्रदर्शनों में से एक माने जा रहे हैं। इनमें 5000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी।
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