Akhilesh Yadav On BJP | “BJP को बड़ा कार्यालय नहीं बनाना चाहिए था, ECI में ही एक फ्लोर ले लेते”
Akhilesh Yadav On BJP | “BJP को बड़ा कार्यालय नहीं बनाना चाहिए था, ECI में ही एक फ्लोर ले लेते” #ytshorts #shorts #bjp #upnews #akhileshyadav #bjp #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
S&P Global का दावा, FY27 में 7% रहेगी भारत की विकास दर, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरी
S&P ग्लोबल की एक रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में 7.8 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ के बाद, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था के लगभग 7.0 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। ग्रोथ का अगला चरण इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, गहरे कैपिटल मार्केट और मजबूत फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन पर निर्भर करेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका के ऊंचे टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। इसमें कहा गया है कि यह मजबूत ग्रोथ घरेलू आर्थिक कारकों की मजबूती और लगातार अनिश्चित होते वैश्विक माहौल में आगे बढ़ने की भारत की क्षमता को दिखाती है। हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रोथ के कम होकर लगभग 7.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है, वित्त वर्ष 2026-27 में ग्रोथ के कम होकर लगभग 7.0 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, क्योंकि भारत के विकास का अगला चरण इस बात पर निर्भर करेगा कि वह मैक्रो-इकोनॉमिक मजबूती को कितनी प्रभावी ढंग से लगातार बनी रहने वाली गति में बदलता है।
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S&P ग्लोबल रेटिंग्स के प्रेसिडेंट और क्रिसिल (Crisil) के बोर्ड चेयरमैन यान ले पैलेक ने कहा कि भारत के पास फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के अगले चरण को आगे बढ़ाकर अपनी आर्थिक मजबूती को और बढ़ाने का एक बड़ा मौका है। ले पैलेक ने कहा, "भारत के पास मैक्रो-इकोनॉमिक मजबूती को लगातार बनी रहने वाली आर्थिक गति में बदलने का एक बड़ा मौका है। हमारी रिसर्च बताती है कि देश फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के अगले चरण को आगे बढ़ाकर इस गति को और बढ़ा सकता है, जिसमें कॉम्पिटिटिव फेडरलिज्म, गहरे कैपिटल मार्केट और अधिक मजबूत फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन का सहयोग मिलेगा। रिपोर्ट में पिछले दशक में भारत के कैपिटल मार्केट के विस्तार पर ज़ोर दिया गया है। इसमें बताया गया है कि देश ने मज़बूत आर्थिक विकास के साथ-साथ लिस्टेड इक्विटी मार्केट को मज़बूत किया है और कई तरह की कंपनियाँ इसमें शामिल हुई हैं। 30 जून, 2026 तक, भारत के इक्विटी मार्केट का इन्वेस्ट करने लायक मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 2.03 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर था। साथ ही, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ज़्यादातर एक्टिव रूप से मैनेज किए जाने वाले भारतीय फंड्स ने अलग-अलग मार्केट साइकल और आर्थिक स्थितियों में अपने बेंचमार्क के मुकाबले खराब प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट भारत के अगले विकास चरण का एक अहम हिस्सा बना रहेगा।
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रिपोर्ट ने इसे लगातार आर्थिक तेज़ी को बनाए रखने के लिए गहरे कैपिटल मार्केट और मज़बूत फाइनेंशियल इंटरमीडिएशन की ज़रूरत से जोड़ा है। रिपोर्ट में भारत की एनर्जी सिक्योरिटी की भी समीक्षा की गई है, क्योंकि देश को अनिश्चित ग्लोबल माहौल का सामना करना पड़ रहा है। भारत का आधे से ज़्यादा कच्चा तेल आयात होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर आता है, जिससे देश इस अहम जलमार्ग में किसी भी तरह की रुकावट के प्रति संवेदनशील हो जाता है। S&P ग्लोबल ने कहा कि भारत की एनर्जी रेज़िलिएंस (ऊर्जा के मामले में मज़बूती) के लिए सिर्फ़ सप्लाई में आने वाली अलग-अलग रुकावटों को मैनेज करने से ज़्यादा कुछ करने की ज़रूरत होगी। इसने कच्चे तेल, रिफ़ाइंड उत्पादों और जहाँ संभव हो, गैस के लिए अलग-अलग सप्लाई सोर्स, इंटीग्रेटेड स्टोरेज और स्ट्रैटेजिक रिज़र्व की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।
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