Responsive Scrollable Menu

Explainer: सपा ने खोल दिए अपने पत्ते, भाजपा अब भी चुप क्यों? राज्यसभा की 10 सीटों पर 37 वोटों से तय होगी एक सीट...

UP Rajya Sabha Election 2026: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा की 10 सीटों के लिए होने वाला चुनाव सियासी हलचल की वजह बन गया है. 16 अक्टूबर को होने वाले इस चुनाव में समाजवादी पार्टी ने अपनी तरफ से पत्ते खोलते हुए दो उम्मीदवारों के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं, जबकि भाजपा खेमे में अभी तक खामोशी बनी हुई है.

सपा ने किसे मैदान में उतारा है?

समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी को अपना उम्मीदवार बनाया है और दोनों का नामांकन भी करा दिया गया है. पार्टी का यह कदम साफ दिखाता है कि वह इस चुनाव को लेकर पहले से पूरी तरह तैयार बैठी है.

भाजपा अभी तक चुप क्यों है?

भाजपा की तरफ से अब तक अपने उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक पार्टी के भीतर इस पर गहन मंथन चल रहा है और करीब 20 नामों पर विचार किया जा रहा है जिनमें से आखिरकार सिर्फ आठ चेहरों को ही मौका मिलना है. 

एक सीट जीतने के लिए कितने वोट चाहिए?

यूपी विधानसभा की मौजूदा प्रभावी सदस्य संख्या 397 है. इस हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 37 प्रथम वरीयता वोट चाहिए. अगर सीधा गणित लगाया जाए तो 9 सीटों के लिए 333 वोटों की जरूरत पड़ती है और बचे हुए वोट ही 10वीं सीट के लिए पूरा खेल दिलचस्प बना देते हैं.

भाजपा-NDA का वोट गणित क्या कहता है?

भाजपा के पास फिलहाल विधानसभा में 256 विधायक हैं. इसके अलावा सहयोगी दलों में अपना दल (एस) के 13, रालोद के 9, सुभासपा के 6 और निषाद पार्टी के 5 विधायक शामिल हैं. इस तरह NDA के मुख्य घटक दलों का कुल आंकड़ा 289 तक पहुंच जाता है. 37 वोट प्रति सीट के हिसाब से 7 सीटों के लिए 259 वोट चाहिए, यानी मौजूदा संख्या बल के आधार पर भाजपा-NDA के लिए सात सीटें लगभग तय मानी जा रही हैं. आठवीं सीट के लिए पार्टी को अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ करना होगा.

सपा के दो उम्मीदवारों के पीछे कितनी ताकत है?

समाजवादी पार्टी के पास विधानसभा में 101 विधायक हैं और कांग्रेस के दो विधायकों का समर्थन मिलने पर यह आंकड़ा 103 तक पहुंच सकता है. दो उम्मीदवारों को जिताने के लिए 74 वोट चाहिए जो सपा के पास आराम से मौजूद हैं. यही वजह है कि पार्टी ने बिना किसी हिचक के अपने दो नाम पहले ही सामने रख दिए.

क्या सपा तीसरा उम्मीदवार भी उतार सकती है?

फिलहाल इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन कुछ रिपोर्टों में तीसरे उम्मीदवार की संभावना जताई जा रही है. इसके लिए पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी जैसे नामों की चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है. अगर सपा वाकई तीसरा उम्मीदवार उतारती है तो पूरे चुनाव का नंबर गेम पूरी तरह बदल सकता है.

INDIA गठबंधन की बैठक से अखिलेश ने इसलिए बनाई दूरी, कांग्रेस से नाराजगी का दिया करारा जवाब

तो आखिर 10वीं सीट पर इतनी नजरें क्यों टिकी हैं?

मौजूदा संख्या बल के हिसाब से सात सीटें भाजपा-NDA और दो सीटें सपा के खाते में जाती दिख रही हैं. इसके बाद बची हुई एक सीट के लिए अतिरिक्त वोटों का समीकरण बनता है और यही वह मोड़ है जहां असली सियासी हलचल देखने को मिल सकती है. यहां प्रथम वरीयता वोटों का बंटवारा, सहयोगी दलों का रुख और किसी संभावित क्रॉस-वोटिंग का असर, सब कुछ मायने रखेगा. 

CEC ज्ञानेश कुमार का 'कांग्रेस कनेक्शन'? CWC में इस्तीफे की मांग के बीच सामने आया UPA से ओमन चांडी सरकार तक का पुराना रिकॉर्ड

Explainer: उज्जैन में आधी रात को बुलडोजर, मस्जिद के अंदर बैठ गए सैकड़ों लोग! शाही मस्जिद पर क्यों मचा है इतना बवाल...

 

भाजपा नाम तय करने में इतना वक्त क्यों ले रही है?

पार्टी की तरफ से इसकी कोई आधिकारिक वजह अब तक नहीं बताई गई है. लेकिन सूत्रों के मुताबिक उम्मीदवारों के चयन में जातीय, क्षेत्रीय और संगठनात्मक संतुलन को लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है. चूंकि अगले साल ही विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए यह चयन सिर्फ संसद भेजने भर का मामला नहीं रह गया बल्कि आने वाले चुनाव के लिए सामाजिक समीकरण साधने की बड़ी कवायद भी बन गया है.

Explainer:  ईरानी Dhow से पाकिस्तान तक..., समुद्र के रास्ते भारत में ड्रग्स कैसे पहुंचाते हैं तस्कर?

विवाद के बाद झुका चुनाव आयोग! फॉर्म-6 से हटाया वो कॉलम, जिसने मचाया था बवाल...

 

 

Continue reading on the app

भावांतर योजना: किसानों के लिए काम की खबर, सोयाबीन उपार्जन के लिए पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक, जानें प्रक्रिया-नियम

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। सोयाबीन उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी। भारत सरकार की प्राइस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत सोयाबीन फसल के लिए प्रदेश के किसानों के लिए पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू होंगे, जो 17 अक्टूबर 2026 तक चलेंगे।

खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में  किसान सोयाबीन के लिए ई-उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पंजीयन करा सकेंगे। इसके लिए जिले में निर्धारित पंजीयन केन्द्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं। ध्यान रहे पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। इसलिए किसान  पंजीयन के लिए अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर अपडेट करवा लें।

विगत खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जायेगा।  किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

किसान ऐसे करें पंजीयन

  • निशुल्क व्यवस्था: ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।
  • सशुल्क व्यवस्था: MP ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रुपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकॉर्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

भुगतान आधार लिंक बैंक खाते में

  • किसान द्वारा विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा।
  • किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा।
  • किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
  • अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे।

आधार नंबर का वेरिफिकेशन अनिवार्य

  • पंजीयन कराने और फसल विक्रय के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा।
  • वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा।
  • किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा।
  • भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही पंजीयन मान्य होगा।

जिला कलेक्टर्स को निर्देश

सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान आसानी से अपना मोबाईल नंबर/ बायोमेट्रिक अपडेट करा सके।  इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही 1 रुपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।

Continue reading on the app

  Sports

Shubman Gill: शुभमन गिल ने रचा इतिहास, 3500 वनडे रन बनाकर तोड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड

IND vs WI 2nd ODI: शुभमन गिल ने वनडे क्रिकेट में एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. वो इस फॉर्मेट में सबसे तेज 3500 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं. उन्होंने हाशिम अमला को पीछे छोड़ा है. Wed, 30 Sep 2026 19:49:51 +0530

  Videos
See all

PM Modi 25 Years : 7 अक्टूबर को PM मोदी के जनसेवा के 25 साल पूरे, BJP का बड़ा अभियान | #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T14:45:09+00:00

हिमालय का यह प्राचीन जीव क्या बच सकेगा [Can a Himalayan living fossil still be saved?] #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T14:40:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers