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526 किलो Drugs ज़ब्त होने पर बोले Amit Shah, गुजरात ATS और Coast Guard की तारीफ की

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को अरब सागर में एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम हेरोइन और मेथामफेटामाइन ज़ब्त किए जाने की तारीफ़ की और कहा कि केंद्र सरकार देश के युवाओं को ड्रग्स से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने बताया कि यह नशीला पदार्थ गुजरात एंटी-टेररिज़्म स्क्वाड (ATS), इंडियन कोस्ट गार्ड और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन में ज़ब्त किया गया। नाव पर सवार पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ़्तार किया गया। शाह ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "मोदी सरकार अपने युवाओं को ड्रग्स की बुराई से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। गुजरात ATS, इंडियन कोस्ट गार्ड और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के संयुक्त ऑपरेशन में, भारत के EEZ में - लक्षद्वीप से 160 नॉटिकल मील उत्तर-पश्चिम और मुंबई से 490 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में - एक ईरानी नाव से 526 किलोग्राम मेथामफेटामाइन और हेरोइन ज़ब्त की गई है। उन्होंने बताया कि पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और ड्रग्स की तस्करी के इस संदिग्ध मामले में शामिल बड़े नेटवर्क और इसे लेने वालों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। शाह ने इसमें शामिल एजेंसियों के बीच तालमेल पर भी ज़ोर दिया और कहा, "पांच पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है और बड़े नेटवर्क तथा इसे लेने वालों की पहचान के लिए आगे की जांच जारी है। एजेंसियों के बीच बेहतरीन तालमेल और सहयोग का उदाहरण पेश करते हुए, 16 दिनों तक चले इस ऑपरेशन में एक ईरानी नाव भी ज़ब्त की गई।

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अंतरराष्ट्रीय मार्केट में है 3000 करोड़ के करीब और अगर हम बात करें इस ऑपरेशन की बात करें तो काफी देर से एरियल सर्विलेंस रखा गया था। ह्यूमन इंटेलिजेंस प काम किया जा रहा था। जैसे ही उन्हें बोट नजर आती है ततक्षक और एटीएस जो गुजरात है उनकी टीम ने वहां पर उस बोट को रोक लिया और उसके बाद उन्होंने इन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पांच लोगों की गिरफ्तारी से ये पता चल पाएगा कि कौन सा कौन लोग हैं जो इसके साथ हैं जो ड्रग्स सिंडिकेट के पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे हैं। क्योंकि लगातार पाकिस्तान की कोशिश यही है कि यहां पर ड्रग्स बेचे जाए। अगर यह समुंदर के रास्ते से कभी बेचने की कोशिश करते हैं, कभी अंतरराष्ट्रीय सीमा से और कभी लाइन ऑफ़ कंट्रोल से भेजने की कोशिश करते हैं। क्योंकि उन्हें मालूम है कि यह ड्रग्स को बेचने के बाद जो भी पैसा इकट्ठा होता है वो आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हथियार खरीदने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और ये बहुत बड़ी कामयाबी है क्योंकि हमने देखा है कि अरब महासागर से कई बार उन्होंने ड्रग्स और हथियार भेजने की कोशिश की है पाकिस्तान ने और एक बार फिर से उनकी कोशिश को पूरी तरह से हमारे जो अलर्ट है जो कोस्टल कोस्ट गार्ड्स उन्होंने पूरी तरह से उसे नाकाम कर दिया।

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समुद्र में चलाए गए इस ऑपरेशन में लगभग 526 किलोग्राम उच्च-गुणवत्ता वाले नशीले पदार्थ (हेरोइन और मेथामफेटामाइन) ज़ब्त किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा है। साथ ही, नाव चला रहे पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी तुरंत पकड़ लिया गया। पकड़ी गई नाव, उसके चालक दल और ज़ब्त किए गए नशीले पदार्थों को हथियारबंद सुरक्षा के साथ मुंबई लाया गया है, ताकि संयुक्त पूछताछ और कई एजेंसियों द्वारा कानूनी कार्यवाही की जा सके। ऑपरेशन की यह सफलता भारतीय तटरक्षक बल के मज़बूत समुद्री दबदबे, निगरानी के पुख्ता तंत्र और भारत के समुद्री इलाकों में गैर-कानूनी गतिविधियों के प्रति 'ज़ीरो टॉलरेंस' (सख्त रवैये) की पक्की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दुश्मन विदेशी गिरोहों की आर्थिक कमर तोड़कर और ज़हरीले सिंथेटिक नशीले पदार्थों को मुख्य भूमि के तटों तक पहुँचने से पहले ही रोककर, यह मिशन केंद्र सरकार के 'नशा मुक्त भारत अभियान' के राष्ट्रीय विज़न को और मज़बूत बनाता है। भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की रक्षा करने, युवाओं को नशे की लत से बचाने और समुद्री क्षेत्र में पूरी सुरक्षा बनाए रखने के लिए हमेशा तैयार है।

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बैठक से पहले बिखरा विपक्ष, Shivraj Singh Chouhan का तंज, राहुल गांधी का नेतृत्व मानने को तैयार नहीं INDIA Alliance

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने I.N.D.I.A गठबंधन की प्रस्तावित बैठक को लेकर उस पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने में मुश्किल महसूस कर रहा है। चौहान ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता भी गांधी का नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। चौहान ने कहा कि I.N.D.I.A गठबंधन राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी, यहां तक ​​कि कांग्रेस नेता भी, राहुल गांधी को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है। अगर कांग्रेस के नेता ही उन्हें स्वीकार नहीं कर रहे हैं, तो देश उन्हें अपना नेता कैसे स्वीकार करेगा?

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केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि बैठक में गठबंधन सहयोगियों का शामिल न होना यह दिखाता है कि वे राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व को स्वीकार नहीं किया जा रहा है, इसीलिए सहयोगी बैठक में शामिल नहीं हो रहे हैं। गांधी पर तंज कसते हुए चौहान ने दावा किया कि कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के दौरान गांधी खुद पार्टी नेताओं से खुद को स्वीकार किए जाने की मांग कर रहे थे। चौहान ने कहा कि राहुल गांधी खुद कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में कह रहे हैं, 'मुझे अपना नेता मानें, मुझ पर भरोसा करें'।

चौहान ने यह भी दावा किया कि I.N.D.I.A गठबंधन बैठक से पहले ही बिखरने लगा था। उन्होंने कहा कि DMK बैठक में शामिल नहीं हो रही है, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव कहीं और व्यस्त हैं और आम आदमी पार्टी पहले ही बैठक में शामिल होने से इनकार कर चुकी है। चौहान ने कहा कि I.N.D.I गठबंधन बैठक से पहले ही बिखर चुका है। DMK बैठक में शामिल नहीं हो रही है। उन्होंने आगे कहा कि अखिलेश यादव कहीं और व्यस्त थे, जबकि AAP ने बैठक में शामिल होने से पहले ही इनकार कर दिया था। चौहान ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं होंगे, बल्कि वर्चुअली हिस्सा लेंगे।

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चौहान ने वोटर लिस्ट को साफ़-सुथरा रखने की अहमियत पर भी बात की और इसे लोकतंत्र के लिए ज़रूरी बताया। चौहान ने कहा कि एक सही वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आत्मा है। उन्होंने चेतावनी दी कि वोटर लिस्ट में गलत नामों के होने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अगर वोटर लिस्ट में गलत नाम जुड़ जाते हैं, तो लोकतंत्र ही खत्म हो जाएगा। चौहान ने उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने पर जताई जा रही आपत्तियों पर भी सवाल उठाए जो अब जीवित नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि अगर कोई व्यक्ति अब जीवित नहीं है, तो वोटर लिस्ट से उसका नाम हटाने पर आपत्ति क्यों है? 

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  Sports

एशियन गेम्स में भारत का एक दिन का रिकॉर्ड: 15 पदक सबसे ज्यादा, कई दिन खाली भी रहे

भोपाल। एशियन गेम्स में भारत के पदक सफर की चर्चा अक्सर पूरे टूर्नामेंट की मेडल टैली के आधार पर होती है, लेकिन एक दिन में सबसे ज्यादा और सबसे कम पदक जीतने का आंकड़ा भी दिलचस्प है। भारत का एक दिन में सर्वाधिक पदक जीतने का रिकॉर्ड 15 है, जो 1 अक्टूबर 2023 को हांगझोउ एशियन गेम्स में बना था। इसके उलट जिन दिनों भारतीय खिलाड़ियों के किसी पदक मुकाबले का फैसला नहीं हुआ, उन दिनों भारत का खाता शून्य पदक पर भी रहा है।

1 अक्टूबर 2023: एक दिन में 15 पदक का रिकॉर्ड

हांगझोउ एशियन गेम्स में 1 अक्टूबर 2023 भारत के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। प्रतियोगिता के आठवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में कुल 15 पदक जीते। इसमें 3 स्वर्ण, 7 रजत और 5 कांस्य शामिल थे। यह एशियन गेम्स के इतिहास में भारत का एक दिन का सबसे बड़ा पदक प्रदर्शन है। इस दिन एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे बड़ा पदक स्रोत रहा और अकेले एथलेटिक्स में 9 पदक आए।

रिकॉर्ड दिन पर किन खिलाड़ियों ने दिलाए पदक?

1 अक्टूबर 2023 को भारत के खाते में आए 15 पदकों में एथलेटिक्स, शूटिंग, गोल्फ और बैडमिंटन समेत कई खेलों का योगदान रहा।

स्वर्ण पदक

  • अविनाश साबले - पुरुष 3000 मीटर स्टीपलचेज
  • तजिंदरपाल सिंह तूर - पुरुष शॉटपुट
  • पुरुष ट्रैप टीम - शूटिंग

रजत पदक

  • मुरली श्रीशंकर - पुरुष लंबी कूद
  • अजय कुमार सरोज - पुरुष 1500 मीटर
  • हरमिलन बैंस - महिला 1500 मीटर
  • ज्योति याराजी - महिला 100 मीटर बाधा दौड़
  • अदिति अशोक - महिला गोल्फ
  • महिला ट्रैप टीम - शूटिंग
  • भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम

कांस्य पदक

  • निखत जरीन - बॉक्सिंग
  • नंदिनी अगासरा - हेप्टाथलॉन
  • जिंसन जॉनसन - पुरुष 1500 मीटर
  • सीमा पूनिया - डिस्कस थ्रो
  • कायनान डेरियस - पुरुष ट्रैप

इस तरह एक ही दिन में 3 गोल्ड, 7 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज मिलाकर कुल 15 पदक भारत के खाते में आए।

एथलेटिक्स बना रिकॉर्ड दिन का सबसे बड़ा आधार

इस रिकॉर्ड प्रदर्शन में एथलेटिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही। भारत ने ट्रैक एंड फील्ड में कुल 9 पदक जीते। अविनाश साबले ने पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण जीता, जबकि तजिंदरपाल सिंह तूर ने शॉटपुट में अपना खिताब बरकरार रखा। मुरली श्रीशंकर ने लंबी कूद में रजत, अजय कुमार सरोज और हरमिलन बैंस ने 1500 मीटर में रजत जीते। ज्योति याराजी ने 100 मीटर बाधा दौड़ में रजत हासिल किया। हेप्टाथलॉन में नंदिनी अगासरा और 1500 मीटर में जिंसन जॉनसन ने कांस्य जीता।

सबसे कम पदक: शून्य भी हो सकता है एक दिन का आंकड़ा

एक दिन में भारत के सबसे कम पदकों की बात करें तो इसका सीधा आंकड़ा 0 है। हालांकि, इसे किसी एक आधिकारिक “सबसे खराब दिन” के रिकॉर्ड के तौर पर देखना सही नहीं होगा। एशियन गेम्स में सभी खेलों के फाइनल रोज नहीं होते। कई दिन ऐसे होते हैं जब भारतीय खिलाड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा तो लेते हैं, लेकिन किसी पदक मुकाबले का फैसला उस दिन नहीं होता। ऐसी स्थिति में भारत की उस दिन की पदक संख्या शून्य रहती है। इसलिए 15 पदक एक स्पष्ट ऐतिहासिक एकदिनी रिकॉर्ड है, जबकि 0 पदक किसी एक विशिष्ट रिकॉर्ड वाले दिन के बजाय प्रतियोगिता की प्रकृति के कारण होने वाला न्यूनतम दैनिक आंकड़ा है।

2026 में 29 सितंबर को आए 8 पदक

जारी आइची-नागोया एशियन गेम्स में भी 29 सितंबर भारत के लिए पदकों से भरा दिन रहा। भारत ने उस दिन 8 पदक जीते। इनमें 2 स्वर्ण, 1 रजत और 5 कांस्य शामिल रहे। इसके साथ भारत ने 50 पदकों का आंकड़ा पार किया। 29 सितंबर को भारत के स्वर्ण पदक महिला 4x400 मीटर रिले टीम और निशानेबाज नीरू ढांडा ने जीते। नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण हासिल किया। इसके अलावा महिला ट्रैप टीम ने रजत पदक जीता। एथलेटिक्स में पूजा सिंह, मिश्रित 4x100 मीटर रिले टीम, गुलवीर सिंह और पुरुष 4x400 मीटर रिले टीम ने कांस्य पदक जीते। बॉक्सिंग में नरेंद्र बरवाल ने भी कांस्य हासिल किया।

2026 की स्थिति क्यों अलग है?

2026 के एशियन गेम्स अभी जारी हैं। 29 सितंबर के खेल खत्म होने के बाद भारत के खाते में 52 पदक—6 स्वर्ण, 21 रजत और 25 कांस्य थे। 30 सितंबर की अपडेट में अलग-अलग स्रोतों पर पदक संख्या आगे बढ़ चुकी है, इसलिए जारी प्रतियोगिता में आंकड़ा लगातार बदल रहा है। इस वजह से 2026 की तुलना 2023 के अंतिम 107 पदकों से अभी करना उचित नहीं होगा। 2023 का अभियान पूरा होने के बाद भारत ने 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य समेत 107 पदक जीते थे।

भारत के एक दिन के पदक प्रदर्शन को ऐसे समझें

स्थिति    पदक    उदाहरण

  • अब तक का सर्वाधिक एकदिनी प्रदर्शन    15    1 अक्टूबर 2023, हांगझोउ
  • 2026 में एक दिन का बड़ा प्रदर्शन    8    29 सितंबर 2026
  • न्यूनतम संभव दैनिक आंकड़ा    0    जब किसी भारतीय पदक मुकाबले का फैसला न हो
  • 2023 का कुल रिकॉर्ड    107    पूरे हांगझोउ एशियन गेम्स

15 पदक वाला दिन क्यों खास था?

  • 1 अक्टूबर 2023 का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि 15 पदक एक ही दिन के अलग-अलग खेलों से आए थे। इसमें एथलेटिक्स ने अकेले 9 पदक दिए, जबकि शूटिंग, गोल्फ और बैडमिंटन ने भी भारत की पदक संख्या बढ़ाई।
  • इस एक दिन के प्रदर्शन ने भारत को उस समय प्रतियोगिता में 50 से ज्यादा पदकों के आंकड़े तक पहुंचाने में भी अहम भूमिका निभाई थी। बाद में भारत ने हांगझोउ में कुल 107 पदकों के साथ अपना उस समय तक का सर्वश्रेष्ठ एशियन गेम्स प्रदर्शन पूरा किया।

2026 में 15 पदक के रिकॉर्ड पर नजर

आइची-नागोया एशियन गेम्स में भारत के पास अभी कई स्पर्धाओं में पदक जीतने के मौके हैं। 29 सितंबर को मिले 8 पदकों ने एक दिन में ज्यादा पदक जीतने की दौड़ को फिर चर्चा में ला दिया है, लेकिन 15 पदकों का 2023 वाला रिकॉर्ड अभी बरकरार है। एशियन गेम्स के बाकी दिनों में भारत कितने पदक जीतता है, यह अलग-अलग स्पर्धाओं के फाइनल और भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। प्रतियोगिता पूरी होने के बाद ही 2026 के कुल प्रदर्शन की 2023 के 107 पदकों से अंतिम तुलना की जा सकेगी।

Wed, 30 Sep 2026 14:55:13 +0530

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