पुराने बुखार के लिए काल है कालमेघी का पौधा, शुगर कंट्रोल करने में भी रामबाण
हमारी प्रकृति में एक से बढ़कर एक औषधीय पेड़. इनका उपयोग कर विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक दवाइयां तैयार की जाती है. इन्हीं में से एक है कालमेघा का प्लांट. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बॉटनी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विजय मलिक ने कालमेघ प्लांट के बारे में बताया है. प्रोफेसर विजय मलिक बताते हैं की बदलती खानपान शैली के कारण भी अब लोगों के लीवर में काफी इन्फेक्शन देखने को मिलता है. कुछ का लीवर भी बढ़ जाता है. जिसके बाद उन्हें विभिन्न प्रकार की दवाइयां का सेवन करना पड़ता है. ऐसे लोग भी अगर इसके काढ़े का उपयोग करेंगे. तो लीवर संबंधित जो भी समस्याएं हैं. उससे उन्हें काफी राहत मिलेगी. आइए विस्तार से बताते हैं.
भारत के इस मंदिर का प्रसाद है अनोखा! भक्तों को बांटा जाता है Pepper Chicken, देवी मां का है पसंदीदा
क्या आप जानते हैं कि भारत के केरल राज्य के कन्नूर में स्थित श्री थिरुवरक्कट्टू भगवती मंदिर में देवी को भोग के तौर पर पेपर चिकन चढ़ाया जाता है. माता को भोग लगाने के बाद इसे भक्तों के बीच प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है. मंदिर का ये प्रसाद अपने आप में अनोखा है क्यूंकि हिंदू धर्म के मुताबिक, नॉन वेज को पूजा पाठ से दूर रखा जाता है. हालांकि, ऐसे अन्य कई मंदिर हैं, जहां माता को नॉन वेज का भोग लगता है. इसमें वेस्ट बंगाल के कुछ मंदिर भी शामिल हैं, जिसमें मछली का भोग लगता है. सोशल मीडिया साइट इंस्टाग्राम पर @nischitha_deepak नाम से बने अकाउंट पर इन्फ़्लुएशनर ने इस भोग के साथ वीडियो शेयर कर लोगों को इसकी जानकारी दी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18















/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)






