बदायूं की 6 विधानसभा सीटों का क्या है चुनावी इतिहास? जानें किसका रहा दबदबा
UP Election 2027: यूपी में अगले साल चुनाव होने वाले हैं, जिसको लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी है. यूपी के प्रमुख जिलों में बदायूं भी शामिल है. यहां विधानसभा की बिसौली , सहसवान, बिल्सी, बदायूं, शेखूपुर और दातागंज समेत सात सीटें आती है. बदायूं में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और समाजवादी दोनों ही पार्टियों का दबदबा रहा है, हालांकि कोई एक पार्टी लंबे समय तक पूरी तरह हावी नहीं रही. आइए जानते हैं बदायूं विधानसभा के बारे में.
बिसौली विधानसभा सीट का इतिहास
बिसौली विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है और बदायूं लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यह अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित सीट है. बिसौली सीट 1956 के परिसीमन आदेश के बाद 1957 में यहां पहला चुनाव हुआ. शुरू में 1957 में दो-सदस्यीय SC सीट थी. 1962 से सामान्य बनी. 2008 के परिसीमन के बाद फिर से SC के लिए आरक्षित हो गई. वर्तमान में इस सीट से समाजवादी पार्टी के नेता आशुतोष मौर्य उर्फ राजू विधायक है.
किस पार्टी का दबदबा?
बिसौली सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) का सबसे ज्यादा दबदबा रहा है, खासकर 1990 के दशक के मध्य से. सपा ने कई बार जीत हासिल की है (1996, 2002, 2012, 2022). भाजपा ने 1993 और 2017 में जीत दर्ज की. शुरुआती दशकों में कांग्रेस और स्थानीय/स्वतंत्र उम्मीदवार प्रभावी रहे. सीट पर अक्सर सपा बनाम भाजपा/बसपा का कड़ा मुकाबला रहता है. 2022 में सपा ने भाजपा को महज 1,834 वोटों से हराया, जो बहुत नजदीकी मुकाबला था. कुल मिलाकर: सपा को “गढ़” माना जाता रहा है, लेकिन 2017 में भाजपा ने सेंध लगाई थी. कोई एक पार्टी लंबे समय तक पूरी तरह अजेय नहीं रही.
राजनीतिक समीकरण
बिसौली की इस सीट पर यादव, दलित (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग वोट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. सपा को यादव-मुस्लिम और कुछ दलित समर्थन मिलता रहा है, भाजपा ने 2017 में गैर-यादव OBC और दलित वोटों पर फोकस कर जीत हासिल की थी. बसपा कभी-कभी तीसरे नंबर पर प्रभावी रहती है. बिसौली पर सपा का सबसे मजबूत ऐतिहासिक और हालिया प्रभाव है, लेकिन मुकाबला हमेशा कड़ा रहता है. 2022 में सपा ने सीट वापस ली, जबकि 2017 में भाजपा ने जीती थी. ऐसे में इस सीट पर 2027 के विधानसभा में मुकाबला दिलचस्प होने वाला है.
| वर्ष | विधायक | पार्टी | टिप्पणी / मार्जिन |
|---|---|---|---|
| 2022 | आशुतोष मौर्य उर्फ राजू | सपा | भाजपा के कुशाग्र सागर को 1,834 वोटों से हराया |
| 2017 | कुशाग्र सागर | भाजपा | सपा के आशुतोष मौर्य को ~10,688 वोटों से हराया |
| 2012 | आशुतोष मौर्य उर्फ राजू | सपा | बसपा को बड़े अंतर (~42,990) से हराया |
| 2007 | उमलेश यादव | आरपीडी | सपा को हराया |
| 2002 | योगेंद्र कुमार | सपा | — |
| 1996 | योगेंद्र कुमार | सपा | — |
| 1993 | दया सिंधु शंखधर | भाजपा | — |
| 1991 | कृष्ण वीर सिंह | जनता दल | — |
| 1989 | योगेंद्र कुमार | कांग्रेस | — |
| 1985 | योगेंद्र कुमार | निर्दलीय | — |
| 1980 | बाबू बृज बल्लभ | कांग्रेस (I) | — |
| 1977 | बृज बल्लभ | निर्दलीय | — |
| 1974 | कृष्ण वीर सिंह | भारतीय क्रांति दल (BKD) | — |
| 1969 | शिव राज सिंह | भारतीय क्रांति दल | — |
| 1967 | एस. सिंह | जनसंघ | — |
| 1962 | शिव राज सिंह | कांग्रेस | — |
| 1957 | शिव राज सिंह + केशो राम | कांग्रेस (दो-सदस्यीय) | — |
सहसवान विधानसभा सीट का इतिहास
सहसवान विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है और बदायूं लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यह सामान्य (GEN) श्रेणी की सीट है. 1956 के परिसीमन आदेश के बाद इस सीट पर 1957 में पहला चुनाव हुआ. वर्तमान विधायक इस सीट समाजवादी पार्टी के बृजेश यादव विधायक है.
किस पार्टी का दबदबा?
सहसवान विधानसभा की इस सीट पर समाजवादी पार्टी (सपा) का सबसे मजबूत और लंबा दबदबा रहा है. 1993 के बाद से सपा ने लगभग सभी चुनाव जीते हैं (2007 को छोड़कर). भाजपा और बसपा ने अब तक इस सीट पर कभी जीत दर्ज नहीं की. यादव और मुस्लिम वोटरों का प्रभाव सपा के पक्ष में काम करता रहा है. 1996 में खुद मुलायम सिंह यादव ने इस सीट से चुनाव जीता था. इस सीट पर ओमकार सिंह यादव ने कई बार जीत हासिल की. 2022 में उनके बेटे बृजेश यादव ने सीट बरकरार रखी.
हालिया चुनावी परिणाम (संक्षेप)
2022: सपा 83,673 वोट (33.35%), बसपा 69,728 (27.79%), भाजपा 66,616 (26.55%)।
2017: सपा 77,543 (32.2%), बसपा 73,274 (30.43%), आरपीडी 23.89%, भाजपा सिर्फ 10%।
2012: सपा 72,946 (33%), बसपा 29.83%, आरपीडी 25.45%।
राजनीतिक समीकरण
यादव + मुस्लिम वोटर सपा के मुख्य आधार हैं. डी.पी. यादव (आरपीडी) का प्रभाव कभी-कभी सपा के वोट काटता रहा है (जैसे 2007 में). भाजपा ने हाल के चुनावों में वोट शेयर बढ़ाया है, लेकिन अभी तक जीत नहीं मिली. बसपा मुस्लिम और दलित वोटों पर असर डालने की कोशिश करती रही है. सहसवान सपा का पारंपरिक और मजबूत गढ़ माना जाता है. 1993 के बाद से सपा का दबदबा लगभग लगातार बना हुआ है. भाजपा और बसपा दोनों को अभी तक इस सीट पर जीत का इंतजार है.
| वर्ष | विधायक | पार्टी | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 2022 | बृजेश यादव | सपा | बसपा को 13,945 वोटों से हराया |
| 2017 | ओमकार सिंह | सपा | बसपा को 4,269 वोटों से हराया |
| 2012 | ओमकार सिंह यादव | सपा | बसपा को 7,027 वोटों से हराया |
| 2007 | धरम पाल यादव (डी.पी. यादव) | आरपीडी | सपा को मात्र 109 वोटों से हराया |
| 2002 | ओमकार सिंह यादव | सपा | — |
| 1997 (उपचुनाव) | ओमकार सिंह | सपा | मुलायम के इस्तीफे के बाद |
| 1996 | मुलायम सिंह यादव | सपा | भाजपा को बड़े अंतर से हराया |
| 1993 | मीर मजहर अली उर्फ नन्हे मियां | सपा | — |
| 1991 | ओमकार सिंह | जनता दल | — |
| 1989 | मीर मजहर अली उर्फ नन्हे मियां | निर्दलीय | — |
| 1985 | नरेश पाल सिंह यादव | लोक दल | — |
| 1980 | मीर मिजहर अली | कांग्रेस (I) | — |
| 1977 | नरेश पाल सिंह यादव | जनता पार्टी | — |
| 1974 | शांति देवी | भारतीय क्रांति दल | — |
| 1969 | शांति देवी | भारतीय क्रांति दल | — |
| 1967 | अशर्फी लाल | जनसंघ | — |
| 1962 | उल्फत सिंह | जनसंघ | — |
| 1957 | उल्फत सिंह | निर्दलीय | — |
बिल्सी विधानसभा सीट का इतिहास
बिल्सी विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है और बदायूं लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यह सामान्य (GEN) श्रेणी की सीट है. 1967 के परिसीमन के बाद बिल्सी विधानसभा सीट पर 1974 में पहला चुनाव हुआ. यह सीट पहले SC के लिए आरक्षित थी. 2008 के परिसीमन के बाद सामान्य (GEN) सीट बन गई. इस सीट पर वर्तमान विधायक (2022 से): भारतीय जनता पार्टी के हरीश चंद्र शाक्य है.
किस पार्टी का दबदबा?
कोई एक पार्टी लंबे समय तक हावी नहीं रही, लेकिन हाल के वर्षों में भाजपा का दबदबा बढ़ा है. बसपा और भाजपा दोनों ने लगभग बराबर बार (4-4 बार) जीत हासिल की है (भाजपा में जनसंघ की जीत शामिल). कांग्रेस ने 3 बार जीत दर्ज की. सपा ने 1 बार जीती. 1996 में खुद मायावती ने इस सीट से चुनाव जीता था. 2017 और 2022 में भाजपा ने लगातार जीत हासिल की.
हालिया चुनावी परिणाम (संक्षेप)
2022: भाजपा 93,500 वोट (45.54%), सपा 68,385 (33.31%), बसपा 31,694 (15.44%).
2017: भाजपा 82,070 (41.87%), बसपा 55,091 (28.1%), सपा 50,848 (25.94%).
2012: बसपा 57,600 (32.43%), सपा 27.74%.
राजनीतिक समीकरण
दलित (SC), यादव, मुस्लिम और अन्य पिछड़ा वर्ग वोट महत्वपूर्ण हैं. पहले बसपा का प्रभाव मजबूत था (मायावती की जीत सहित). 2017 के बाद भाजपा ने गैर-यादव OBC और कुछ दलित वोटों के सहारे दबदबा बनाया. सपा यादव-मुस्लिम समीकरण पर निर्भर रहती है. बिल्सी पर बसपा और भाजपा दोनों का ऐतिहासिक प्रभाव रहा है. हाल के दो चुनावों (2017 और 2022) में भाजपा का दबदबा बना हुआ है। कोई पार्टी स्थायी गढ़ नहीं बना पाई है.
| वर्ष | विधायक | पार्टी | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 2022 | हरीश चंद्र शाक्य | भाजपा | सपा को 25,115 वोटों से हराया |
| 2017 | पंडित राधा कृष्ण शर्मा | भाजपा | बसपा को 26,979 वोटों से हराया |
| 2012 | मुसर्रत अली बिट्टन | बसपा | सपा को 8,328 वोटों से हराया |
| 2007 | योगेंद्र सागर | बसपा | — |
| 2002 | आशुतोष मौर्य उर्फ राजू | सपा | — |
| 1997 (उपचुनाव) | भोला शंकर मौर्य | बसपा | — |
| 1996 | मायावती | बसपा | भाजपा को छोटे अंतर से हराया |
| 1993 | योगेंद्र कुमार सागर | भाजपा | — |
| 1991 | भोला शंकर मौर्य | कांग्रेस | — |
| 1989 | दौलत राम | जनता दल | — |
| 1985 | भोला शंकर मौर्य | कांग्रेस | — |
| 1980 | केशो राम | कांग्रेस (I) | — |
| 1977 | सोन पाल | जनता पार्टी | — |
| 1974 | सोहन लाल | जनसंघ | — |
बदायूं विधानसभा सीट का इतिहास
बदायूं विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है और बदायूं लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यह सामान्य श्रेणी की सीट है. 1956 के परिसीमन आदेश के बाद 1957 में इस सीट पर पहला चुनाव हुआ. इस सीट पर वर्तमान विधायक (2022 से): भारतीय जनता पार्टी के महेश चंद्र गुप्ता है. वे नगर विकास राज्यमंत्री भी रह चुके हैं.
किस पार्टी का दबदबा?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सबसे ज्यादा दबदबा रहा है. भाजपा (जनसंघ सहित) ने सबसे अधिक बार जीत हासिल की है (लगभग 7–8 बार). कांग्रेस ने 3–4 बार, सपा ने 2 बार और बसपा ने 1 बार जीत दर्ज की. 1989–1991 में कृष्ण स्वरूप ने लगातार जीत हासिल की थी. 1991 से 2017 तक लगभग हर चुनाव में विधायक बदलते रहे. 2017 और 2022 में महेश चंद्र गुप्ता ने लगातार दो बार जीत दर्ज की.
हालिया चुनावी परिणाम (संक्षेप)
2022: भाजपा 1,01,096 वोट (46.12%), सपा 89,917 (41.02%), बसपा ~10.5%।
2017: भाजपा 87,314 (41.04%), सपा 70,847 (33.3%)।
2012: सपा 62,786 (32%), भाजपा दूसरे स्थान पर।
राजनीतिक समीकरण
शहर की सीट होने के कारण व्यापारी वर्ग, सवर्ण और कुछ मुस्लिम वोटर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. भाजपा को हिंदू वोटरों का अच्छा समर्थन मिलता रहा है. सपा मुस्लिम और कुछ पिछड़ा वर्ग वोटों पर निर्भर रहती है. सीट पर अक्सर कड़ा मुकाबला रहता है. बदायूं विधानसभा पर भाजपा का सबसे मजबूत ऐतिहासिक और हालिया दबदबा है. हाल के दो चुनावों में महेश चंद्र गुप्ता ने लगातार जीत हासिल की है.
| वर्ष | विधायक | पार्टी | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 2022 | महेश चंद्र गुप्ता | भाजपा | सपा को 11,179 वोटों से हराया |
| 2017 | महेश चंद्र गुप्ता | भाजपा | सपा को 16,467 वोटों से हराया |
| 2012 | आबिद रजा खान | सपा | — |
| 2007 | महेश चंद्र गुप्ता | भाजपा | — |
| 2002 | विमल कृष्ण अग्रवाल उर्फ पप्पी | बसपा | — |
| 1996 | प्रेम स्वरूप पाठक | भाजपा | — |
| 1993 | जुगेंद्र सिंह | सपा | — |
| 1991 | कृष्ण स्वरूप | भाजपा | — |
| 1989 | कृष्ण स्वरूप | भाजपा | — |
| 1985 | प्रेमिला भदवार मेहरा | कांग्रेस | — |
| 1980 | श्रीकृष्ण गोयल | कांग्रेस (I) | — |
| 1977 | कृष्ण स्वरूप | जनता पार्टी | — |
| 1974 | पुरुषोत्तम लाल उर्फ राजा जी | कांग्रेस | — |
| 1969 | कृष्ण स्वरूप | जनसंघ | — |
| 1967 | एम.ए. अहमद | रिपब्लिक पार्टी | — |
| 1962 | रुकुम सिंह | कांग्रेस | — |
| 1957 | टीका राम | निर्दलीय | — |
शेखूपुर विधानसभा सीट का इतिहास
शेखूपुर विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है और आंवला लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यह सामान्य (GEN) श्रेणी की सीट है. 2008 के परिसीमन आदेश के बाद नई सीट के रूप में बनी. पहला चुनाव 2012 में हुआ.वर्तमान विधायक में यहां से समाजवादी पार्टी से हिमांशु यादव विधायक है.
किस पार्टी का दबदबा?
समाजवादी पार्टी (सपा) का अपेक्षाकृत ज्यादा प्रभाव रहा है. अब तक सिर्फ 3 चुनाव हुए हैं. सपा ने 2 बार (2012 और 2022) जीत हासिल की. भाजपा ने 1 बार (2017) जीत दर्ज की. सीट पर यादव परिवार (सपा) और शाक्य परिवार (पहले कांग्रेस, बाद में भाजपा) का वर्चस्व रहा है.
हालिया चुनावी परिणाम (संक्षेप)
2022: सपा 1,05,531 वोट (42.84%), भाजपा 99,431 (40.36%), बसपा 34,932 (14.18%).
2017: भाजपा 93,702 (39.72%), सपा 70,316 (29.81%), बसपा 64,327 (27.27%).
2012: सपा 68,533 (32.76%), कांग्रेस 60,281 (28.82%), बसपा 24.85%.
राजनीतिक समीकरण
यादव और मुस्लिम वोटर सपा के पक्ष में महत्वपूर्ण हैं. शाक्य परिवार का प्रभाव क्षेत्र में मजबूत रहा है. बसपा मुस्लिम-दलित वोटों पर असर डालने की कोशिश करती रही है. सीट पर सपा बनाम भाजपा का सीधा मुकाबला रहता है. शेखूपुर एक नई सीट है (2012 से). सपा का दबदबा ज्यादा रहा है (2 बार जीत). यादव और शाक्य परिवारों का वर्चस्व प्रमुख विशेषता है.
| वर्ष | विधायक | पार्टी | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 2022 | हिमांशु यादव | सपा | भाजपा को 6,100 वोटों से हराया |
| 2017 | धर्मेंद्र कुमार सिंह शाक्य | भाजपा | सपा को 23,386 वोटों से हराया |
| 2012 | आशीष यादव | सपा | कांग्रेस को 8,252 वोटों से हराया |
दातागंज विधानसभा सीट का इतिहास
दातागंज विधानसभा सीट उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में स्थित है और आंवला लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. यह सामान्य (GEN) श्रेणी की सीट है. 1956 के परिसीमन आदेश के बाद इस सीट पर पहली बार 1957 में पहला चुनाव हुआ. वर्तमान में इस सीट से भाजपा विधायक (2022 से): राजीव कुमार सिंह उर्फ बब्बू भैया है.
किस पार्टी का दबदबा?
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का सबसे ज्यादा दबदबा रहा है. भाजपा (जनसंघ सहित) ने सबसे अधिक बार जीत हासिल की है (लगभग 6–7 बार). कांग्रेस ने 5–6 बार, सपा और बसपा ने 2-2 बार जीत दर्ज की. 1991 से 2017 तक हर विधायक लगातार दो बार जीतता रहा (अवनीश कुमार सिंह, प्रेमपाल सिंह यादव, सिनोद कुमार शाक्य). 2017 और 2022 में राजीव कुमार सिंह ने लगातार जीत हासिल की.
हालिया चुनावी परिणाम (संक्षेप)
2022: भाजपा 1,07,591 वोट (45.34%), सपा 98,115 (41.35%), बसपा 8.67%।
2017: भाजपा 79,110 (35.19%), बसपा 53,351 (23.73%)।
2012: बसपा 63,626 (29.65%), सपा 27.16%।
राजनीतिक समीकरण
यादव, मुस्लिम, दलित और शाक्य/OBC वोट महत्वपूर्ण हैं. पहले कांग्रेस का दबदबा था, बाद में भाजपा-सपा-बसपा का मुकाबला. 1991 के बाद से अक्सर एक ही उम्मीदवार दो बार जीतता रहा. हाल में भाजपा बनाम सपा का सीधा मुकाबला. दातागंज पर भाजपा का सबसे मजबूत ऐतिहासिक और हालिया दबदबा है. 2017 और 2022 में राजीव कुमार सिंह उर्फ बब्बू भैया ने लगातार जीत हासिल की.
| वर्ष | विधायक | पार्टी | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 2022 | राजीव सिंह उर्फ बब्बू भैया | भाजपा | सपा को 9,476 वोटों से हराया |
| 2017 | राजीव कुमार सिंह उर्फ बब्बू भैया | भाजपा | बसपा को 25,759 वोटों से हराया |
| 2012 | सिनोद कुमार शाक्य (दीपू) | बसपा | सपा को 5,327 वोटों से हराया |
| 2007 | सिनोद कुमार शाक्य (दीपू) | बसपा | — |
| 2002 | प्रेमपाल सिंह यादव | सपा | — |
| 1996 | प्रेमपाल सिंह यादव | सपा | — |
| 1993 | अवनीश कुमार सिंह | भाजपा | — |
| 1991 | अवनीश कुमार सिंह | भाजपा | — |
| 1989 | संतोष कुमारी पाठक | कांग्रेस | — |
| 1985 | अवनीश कुमार सिंह | भाजपा | — |
| 1980 | संतोष कुमारी | कांग्रेस (I) | — |
| 1977 | अवनीश कुमार सिंह | जनता पार्टी | — |
| 1974 | संतोष कुमारी | कांग्रेस | — |
| 1969 | त्रिवेणी सहाय | कांग्रेस | — |
| 1967 | हरीश चंद्र सिंह | निर्दलीय | — |
| 1962 | नारायण सिंह | जनसंघ | — |
| 1957 | हरीश चंद्र सिंह | कांग्रेस | — |
India vs West Indies Live Score, 2nd ODI: भारत-वेस्टइंडीज के बीच कुछ ही घंटों में शुरू होगा दूसरा वनडे मैच, जानें कितने बजे होगा टॉस
India vs West Indies Live Score, 2nd ODI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे मैच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाने वाला है. इस मैच में भारतीय क्रिकेट टीम शुभमन गिल की कप्तानी में जीत दर्ज कर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाने के लिए उतरेगी. वहीं वेस्टइंडीज की टीम जीत दर्ज कर सीरीज में 1-1 की बराबरी करना चाहेगी. आज असम में क्रिकेट के मैदान पर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का धमाल देखने के लिए मिल सकता है. बरसापारा स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार पिच मानी जाती है. इस मैदान पर हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिलते हैं. इस मैदान पर भारत का हाईएस्ट स्कोर 373 रन है. तो आप भारत-वेस्टइंडीज के दूसरे वनडे मैच के लाइव स्कोर से लेकर पल-पल की अपडेट के लिए न्यूज नेशन के इस लाइव पेज के साथ बन रहिए...
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— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) September 29, 2026
भारत बनाम वेस्टइंडीज़ | दूसरा वनडे मैच
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