तमिलनाडु सरकार शुरू करेगी 220 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, प्राइवेट सेक्टर करेगा मदद
तमिलनाडु सरकार ने 220 करोड़ रुपये की लागत वाली दो शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का आकलन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इनमें तंजावुर में एक मल्टीपर्पज कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और थूथुकुडी में एक पुराने बस स्टैंड का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए पुनर्विकास शामिल है.
तंजावुर कॉर्पोरेशन में बनने वाले कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की अनुमानित लागत 130 करोड़ रुपये है जबकि थूथुकुडी कॉर्पोरेशन के पोलपेट्टई इलाके में पुराने बस स्टैंड के रीडेवलपमेंट पर 90 करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद है.
तमिलनाडु सरकार के 'प्रोजेक्ट डेवलपमेंट ग्रांट फंड' के तहत दोनों परियोजनाओं के लिए डिटेल्ड फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और ट्रांजेक्शन एडवाइजरी सर्विस (लेनदेन संबंधी सलाहकार सेवाएं) देने के लिए सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर मंगाए गए हैं.
सलाहकार यह जांच करेगा कि क्या प्रस्तावित परियोजना निजी भागीदारी के साथ लागू की जा सकती है और उनकी वित्तीय व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) का आकलन भी होगा. यह स्टडी अधिकारियों को प्राइवेट डेवलपर्स के चयन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले पार्टनरशिप का सही ढांचा तय करने में मदद करेगी.
तंजावुर के मामले में इस आकलन में प्रस्तावित मल्टीपर्पस शॉपिंग और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल होगा. थूथुकुडी में, इसमें पोलपेट्टी में मौजूद बस स्टैंड के रीडेवलपमेंट के प्रस्ताव की जांच की जाएगी. दोनों प्रस्ताव अभी परियोजना की तैयारी के चरण में हैं. कंसल्टेंसी का काम उनकी व्यवहार्यता तय करने और बाद की लागू करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन देने के लिए है.
डिटेल्ड फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने और उससे जुड़े ट्रांजैक्शन एडवाइजरी का काम करने के लिए कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 50 लाख रुपये तय की गई है. बोली लगाने वालों को 50,000 रुपये की जमा राशि देनी होगी.
परियोजनाओं का मूल्यांकन करने के अलावा, चुना गया सलाहकार नगर निगमों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत उन्हें लागू करने के लिए जरूरी प्रक्रियाओं के बारे में सलाह देगा.
इस काम में उन प्राइवेट कंपनियों को चुनने में मदद करना भी शामिल होगा, जो डेवलपमेंट का काम करेंगी. यह मदद टेंडर में बताई गई ट्रांजैक्शन एडवाइजरी जिम्मेदारियों का हिस्सा होगी.
इसलिए, व्यवहार्यता (फिजिबिलिटी) की प्रक्रिया में प्रस्तावों को लागू करने की व्यावहारिक संभावनाओं और उनके वित्तीय ढांचे, दोनों पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे प्राइवेट भागीदारी पर फैसले लेने का आधार तैयार होगा.
कंसल्टेंसी के काम के लिए बोलियां जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर को सुबह 11 बजे है. टेंडर उसी दिन दोपहर 12.30 बजे खोले जाएंगे. टेंडर का निमंत्रण शुरुआती स्टडी और एडवाइजरी सेवाओं के लिए कंसल्टेंट की नियुक्ति से जुड़ा है.
130 करोड़ रुपये के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और 90 करोड़ रुपये के बस स्टैंड के रीडेवलपमेंट का काम करने वाली प्राइवेट कंपनियों का चयन इन दो नगर निगम प्रोजेक्ट्स के मूल्यांकन और तय पार्टनरशिप प्रक्रियाओं के बाद किया जाएगा.
स्रोत- आईएएनएस
BCCI की नई चाल तैयार, अजीत अगरकर के रिप्लेसमेंट से पहले किया ये बड़ा काम, जानें अब कौन बनेगा टीम इंडिया का चीफ सिलेक्टर?
BCCI : अजीत अगरकर का करियर बतौर भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता के रूप में खत्म होने वाला है. आधिकारिक तौर पर अजीत अगरकर 4 अक्टूबर को सिलेक्शन कमिटी के अपने पद से हट जाएंगे. इसके बाद कौन टीम इंडिया का हेड सिलेक्टर बनेगा, इस सवाल का जवाब हर कोई जानने के लिए काफी ज्यादा उत्साहित है. अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) किसको उनकी जगह पर रखने वाला आइए इसके बारे में जातने हैं.
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को गुवाहाटी में सिलेक्शन कमिटी की मीटिंग हुई. इस मीटिंग में अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी देखी गई, वहीं बीसीसीआई सेक्रेटरी देवजीत सैकिया भी मीटिंग में मौजूद थे. इस मीटिंग में अजीत की जगह कौन बतौर प्रमुख सिलेक्टर आने वाला है, इस पर बात हुई. बीसीसीआई जब तक अजीत अगरकर की जगह कोई नहीं आ जाता है, तब तक अंतरिम सेटअप बनाने की तैयारी कर रहा है. हालांकि अंतरिम अरेंजमेंट आगे चलकर परमानेंट भी हो सकता है.
प्रज्ञान ओझा पर बीसीसीआई लगा रही दांव
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व क्रिकेटर और बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर प्रज्ञान ओझा जो फिलहाल चयन कमेंटी की हिस्सा है. वो अब चेयरमैन पद के उम्मीदवार के तौर पर सामने आ रहे हैं. अजीत अगरकर की गैरमौजूदगी में प्रज्ञान ओझा उनका कार्यवाल अंतरिम तौर पर संभालते हुए नजर आएंगे. बीसीसीआई के द्वारा 40 साल के पूर्व स्पिनर को सिलेक्शन कमिटी का चार्ज संभालने के लिए कहा गया है.
???? PRAGYAN OJHA AS INTERIM CHAIRMAN OF SELECTORS ????
— Tanuj (@ImTanujSingh) September 29, 2026
- In a selection committee meeting in Guwahati today, Pragyan Ojha took the charge as interim Chairman of selectors in the absence of Ajit Agarkar. (Cricbuzz). pic.twitter.com/HLYfi9kWJ1
दरअसल, प्रज्ञान ओझा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट खेलने के मामले में मौजूदा चार सिलेक्टर्स में सबसे आगे हैं. वो इस मालमे में इस चयन पैनल में सबसे ज्यादा सीनियर हैं. इस हिसाब से,वह पद संभालने के लिए बीसीआई की नैचुरल चॉइस बन गए हैं. अनुभव के मामले में एसएस दास (23 टेस्ट), आरपी सिंह (14) और अजय रात्रा (6) टेस्ट खेले हैं. ऐसे में ओझा इन सभी पर पूरी तरह से भारी हैं.
कौन ले सकता है प्रज्ञान ओझा की जगह
अब सवाल उठता है कि, अभी अंतरिम सेटअप में मुख्य चयनकर्ता की जिम्मेदारी प्रज्ञान ओझा को मिली है. लेकिन क्या उनको ही आगे चलकर टीम का प्रमुख चयनकर्ता बनाया जाएगा या फिर किसी और को अजीत अगरकर की जगह पर प्रमुख चयनकर्ता बनाया जाएगा. ऐसे में कौन कौन से पूर्व क्रिकेटर उनकी जगह लेने के दावेदार हैं. आइए इस बारे में भी जानते हैं.
???? PARTHIV PATEL AS INDIA'S CHIEF SELECTOR ????
— Tanuj (@ImTanujSingh) September 18, 2026
- Parthiv Patel is leading the race to become Team India's new Chief selector. (Abhishek Tripathi). pic.twitter.com/YawcPqV2v3
टीम इंडिया के हेड सिलेक्टर बनने की रेस में अचानक से पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल का नाम आ रहा है. वो अजीत अगरकर की जगह लेने के प्रमुख दावेदार हैं. उनके अलावा अजीत अगरकर की जगह लेने की रेस में रविचंद्रन अश्विन, रवि शास्त्री जैसे सीनियर खिलाड़ियों का नाम भी सामने आ चुका है. अब इसमें से कोई उनकी जगह लेगा या फिर अंतरिम सिलेक्टर प्रज्ञान ओझा को ही आगे जारी रखा जाएगा. ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा.
न्यूज़ीलैंड के साथ टीम इंडिया 22 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक दो टेस्ट के अलावा पांच टी20 और इतने ही वनडे मैच खेलेगा. इससे पहेल टीम का चयन काफी अहम हो जाएगा. भारतीय क्रिकेट टीम के चयन में इस सीरीज के लिए प्रज्ञान ओझा अहम भूमिका निभाएँगे.
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