महाकाल की शरण में पहुंचे क्रिकेटर रिंकू सिंह, भस्म आरती में हुए शामिल, नंदी हॉल में किया जाप
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह बुधवार को बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन पहुंचे। वो यहां भस्म आरती में शामिल हुए। तड़के 4 बजे वह मंदिर पहुंच गए थे। इसके बाद आरती में शामिल होने के साथ उन्होंने नंदी हॉल से बाबा के दर्शन किए।
आरती के दौरान रिंकू पूरी तरह से भक्ति में डूबे हुए दिखाई दिए। इस दौरान उन्होंने हाथ जोड़कर महाकाल को नमन किया। वहीं वो जाप करते हुए नजर आए। राजाधिराज के दर्शन करने के बाद वो काफी खुश दिखाई दिए।
महाकाल की शरण में रिंकू सिंह
रिंकू सिंह की गिनती भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी में होती है। अपने बेहतरीन क्रिकेट से वह दर्शकों का दिल जीत लेते हैं। आज महाकाल दर्शन करने के लिए वह मंदिर पहुंचे। इस दौरान तकरीबन 2 घंटे तक वो नंदी हॉल में ही रहे। आरती पूरी होने के बाद उन्होंने गर्भ गृह की देहरी से दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यहां उन्होंने पुजारी के माध्यम से जल भी अर्पित किया।
बोले- ‘मैं धन्य हो गया’
मंदिर दर्शन करने पहुंचे क्रिकेटर रिंकू सिंह का महाकालेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से सम्मान भी किया गया। उन्हें प्रसाद और महाकाल लिखा वस्त्र दिया गया। दर्शन करने के बाद क्रिकेटर ने कहा कि ‘उन्हें यहां आकर बहुत अच्छा लगा। यह पहली बार था कि मैं भस्म आरती में शामिल हुआ। बहुत अच्छी तरह से दर्शन हुए। महाकाल जी के दर्शन कर धन्य हो गया।’ जब रिंकू दर्शन करने के दौरान मंदिर परिसर से गुजर रहे थे। तब वो मंदिर को उत्सुकता से निहारते नजर आए।
मैच फिनिशिंग के लिए फेमस हैं रिंकू
रिंकू सिंह की बात करें तो वो इंटरनेशनल क्रिकेटर हैं। जिन्हें अपनी मैच फिनिशिंग कला और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता है। उनका पूरा नाम रिंकू खानचंद सिंह है। 12 अक्टूबर 1997 को जन्में रिंकू के पिता एलपीजी गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे। उन्हें अपने बेटे का क्रिकेट खेलना पसंद नहीं था क्योंकि वह चाहते थे कि वह नौकरी कर घर में हाथ बटाए। हालांकि, अपने बेटे की जिद और मेहनत के आगे एक पिता का दिल भी पिघल गया। उत्तरप्रदेश की क्रिकेट टीम से अपना करियर शुरू करने के बाद आज वो इंटरनेशनल क्रिकेटर के रूप में जाने जाते हैं।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ MP में कांग्रेस का प्रदर्शन, सभी जिलों में कलेक्टर ऑफिस का घेराव
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन बुधवार को मध्य प्रदेश भर में और तेज हो गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालयों का घेराव करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए और उन पर राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज करने की पुरजोर मांग उठाई।
मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से मतदाता सूची के एसआईआर और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े विवाद को लेकर हो रहा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे, उनकी गिरफ्तारी और उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग को लेकर लगातार सड़कों पर आंदोलन कर रही है।
भोपाल में सीईओ दफ्तर का हुआ था घेराव
ज़िला स्तरीय आंदोलन से पहले प्रदेश कांग्रेस ने राजधानी भोपाल स्थित सीईओ कार्यालय का घेराव किया था। उस प्रदर्शन की कमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के हाथों में थी। उनके साथ प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत कई विधायक और बड़ी संख्या में पदाधिकारी शामिल हुए थे। भोपाल के बाद ही इस आंदोलन को जिला स्तर पर ले जाने की रणनीति बनाई गई।
चुनाव आयोग ने खारिज किए आरोप
एक तरफ जहां कांग्रेस इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाकर कानूनी कार्रवाई की जिद पर अड़ी है, वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। आयोग का कहना है कि संस्था के भीतर अलग-अलग विचारों का होना निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा है। एसआईआर समेत सभी महत्वपूर्ण फैसले आयोग ने पूरी तरह सर्वसम्मति से लिए हैं, इसलिए चुनावी निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत है।
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