आतंकी मूसा 5 सितंबर को ही मारा जाता, किस्मत का साथ मिला तो पाताललोक में छिपा, 24 दिन पहले क्या हुआ था?
लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर हाशिम मूसा आखिरकार सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारा गया. लेकिन उसकी कहानी 29 सितंबर की मुठभेड़ से नहीं बल्कि 5 सितंबर से शुरू होती है. उस दिन उसके साथी यासिर को सुरक्षाबलों ने मार गिराया था. मूसा को भी गोली लगी थी. इसके बावजूद वह मौके से भाग निकलने में कामयाब रहा. इसके बाद उसकी तलाश जारी रही. करीब 24 दिन तक वह सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देता रहा. फिर बडगाम के गुरवैथकलां इलाके में सुरक्षाबलों को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली. घेराबंदी हुई. फायरिंग शुरू हुई और इस बार मूसा के पास बच निकलने का रास्ता नहीं था.
NCERT Class 9: लिज्जत पापड़ से ओबेरॉय तक, बच्चों को ऐसे सिखाई जाएगी बिजनेस की ABCD
NCERT Class 9 Textbook: कक्षा 9 में अब इतिहास सिर्फ राजाओं और युद्धों तक सीमित नहीं रहेगा. NCERT की नई सोशल साइंस किताब में मध्यकालीन भारत की कहानी को प्रतिरोध और सहयोग दोनों के नजरिए से समझाया गया है इसमें रानी नायकी देवी द्वारा मुहम्मद गोरी को हराने से लेकर महाराणा प्रताप, लचित बरफुकन और रानी अब्बक्का चौटा के संघर्ष तक का जिक्र है. खास बात यह है कि इसी किताब में छात्रों को इनकम टैक्स, इंश्योरेंस, निवेश के जोखिम और अपना बिजनेस प्लान तैयार करने जैसी रोजमर्रा की चीजें भी सिखाई जाएंगी...
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