डबरा में वाहन चोरों पर पुलिस का शिकंजा, 3 आरोपी गिरफ्तार, अलग-अलग जगहों से 19 बाइक बरामद
डबरा में वाहन चोरी के मामलों में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल डबरा सिटी थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से चोरी की गई कुल 19 मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं। बरामद वाहनों में से 16 मोटरसाइकिलें सिंध नदी के बीहड़ में और 3 मोटरसाइकिलें चांदपुर तिराहे के पास खेत से मिलने की बात पुलिस ने कही है।
दरअसल डबरा सिटी पुलिस द्वारा चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने और आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान 28 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति मॉडल स्कूल के पास मोटरसाइकिल बेचने की बात कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहित पटेल, उम्र 26 वर्ष बताया।
आरोपी ने मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया
वहीं पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान मोहित ने कुछ महीने पहले टिकट घर के पास से स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने उससे अन्य मोटरसाइकिलों के बारे में पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों और राज्यों से चोरी की गई मोटरसाइकिलों को मॉडल स्कूल के पीछे सिंध नदी के बीहड़ में छिपाकर रखने की जानकारी दी।
डबरा पुलिस ने 16 मोटरसाइकिलें बरामद कीं
वहीं मोहित पटेल की निशानदेही पर अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की गई। इस दौरान मॉडल स्कूल के पीछे सिंध नदी के बीहड़ से कुल 16 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। पुलिस अब इन मोटरसाइकिलों से जुड़े मामलों की जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये वाहन किन स्थानों से चोरी किए गए थे। पुलिस की कार्रवाई में मोहित के दो कथित साथियों के नाम भी सामने आए। इसके बाद घनश्याम यादव और बलराम अहिरवार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों से पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर चांदपुर तिराहे के पास एक खेत से तीन और मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। इस तरह पुलिस ने कुल 19 मोटरसाइकिलों की बरामदगी की है।
तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी
दरअसल डबरा सिटी पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन चोरी से जुड़े दूसरे मामलों को लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि बरामद मोटरसाइकिलें किन-किन जगहों से चोरी की गई थीं और इन मामलों में आरोपियों की भूमिका क्या रही है।
इंदौर में मकान की रजिस्ट्री के नाम पर 42.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, पढ़ें खबर
मध्यप्रदेश में धोखाधड़ी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जहां लोग लालच और झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। वहीं, शिकायत मिलने के बाद पुलिस लगातार कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है। ताजा मामला इंदौर से सामने आया है। जहां रजिस्ट्री कराने के नाम पर लाखों रुपयें की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
बता दें कि मकान की रजिस्ट्री कराने के नाम पर 42.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में राऊ थाना पुलिस ने आरोपी शैलेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने फरियादिया से मकान की रजिस्ट्री कराने का भरोसा देकर रकम ली थी लेकिन बाद में न तो रजिस्ट्री कराई और न ही राशि वापस की।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, एक महिला फरियादी ने राऊ थाने में मकान की रजिस्ट्री के नाम पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के जरिये फरियादी ने आरोप लगाया कि शैलेंद्र शर्मा ने मकान की रजिस्ट्री कराने के नाम पर उनसे कुल 42 लाख 50 हजार रुपये लिए। इसके बाद रजिस्ट्री नहीं कराई गई और राशि भी वापस नहीं की गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा
बता दें कि पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए एवं अपने मुखबिर तंत्र को एक्टिव कर दिया। आरोपी के बारे में जानकारी लगते ही पुलिस की टीम ने रोपी की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान शैलेंद्र शर्मा उम्र 49 वर्ष के रूप में हुई है।
इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने फरियादिया से मकान की रजिस्ट्री कराने का झांसा देकर 42.50 लाख रुपये लेने की बात स्वीकार की है। आरोपी से पूछताछ और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
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