Video: दुबई में मजदूर, बिहार में खुद की फैक्ट्री! आज 14 कर्मचारियों के बॉस
Success Story Of Purnia Ikram: कामयाबी उन्हीं के कदम चूमती है जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं. पूर्णिया के अमौर प्रखंड के रहने वाले मोहम्मद इकराम की कहानी कुछ ऐसी ही है. कभी परिवार का पेट पालने के लिए दुबई में फैक्ट्री मजदूरी करने वाले इकराम आज खुद एक गारमेंट फैक्ट्री के मालिक हैं और 14 लोगों को रोजगार दे रहे हैं. मजदूरी से 'मालिक' तक का सफर 10वीं तक पढ़े इकराम का मन विदेश की मजदूरी में नहीं लगा. वे वापस अपने वतन लौटे और 'प्रधानमंत्री युवा उद्यमी योजना' के तहत 10 लाख रुपये का लोन लिया. इस रकम से उन्होंने सूरत से आधुनिक मशीनें मंगवाईं और अपने घर में ही 'अनमोल इंटरनेशनल गारमेंट' नाम से फैक्ट्री खोल दी. अमेजॉन पर 'मेड इन पूर्णिया' का जलवा आज इकराम की फैक्ट्री में पुरुषों के लिए कुर्ता-पायजामा, शर्ट और महिलाओं के लिए सलवार-सूट, प्लाजो तैयार किए जाते हैं. खास बात यह है कि उनके उत्पाद अब सिर्फ स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अमेजॉन (Amazon) जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में अपने कपड़े बेच रहे हैं. इकराम बताते हैं कि आज वे महीने का लगभग 5 लाख रुपये तक का टर्नओवर कर रहे हैं.
Chhatarpur News: 5 साल की उम्र से लोकगीतों का सफर, आज दुनिया भर में गूंज रही अनुज की आवाज
Chhatarpur News: अनुज ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि उन्होंने 5 साल की उम्र से ही राजस्थान के लोकगीत गाने शुरू कर दिए थे. उनका परिवार लंगा समुदाय से आता है और इस समुदाय में 7 पीढ़ियों से यह परंपरा चली आ रही है. अनुज आज न केवल राजस्थान बल्कि भारत के हर राज्य में जाकर राजस्थानी लोकगीत प्रस्तुत करते है. इसके अलावा, वे अन्य देशों में भी जाकर अपने फोक कल्चर को प्रस्तुत करते है और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18


















