मणिपुर के त्रोंग्लाओबी IED हमले में NIA की दूसरी गिरफ्तारी, पकड़ा गया 48 वर्षीय थांगमांग हाओकिप
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग इलाके में हुए त्रोंग्लाओबी IED हमले के मामले में दूसरी गिरफ्तारी की है। NIA ने चुराचांदपुर निवासी करीब 48 वर्षीय थांगमांग हाओकिप को गिरफ्तार किया है। यह मामला 7 अप्रैल 2026 को त्रोंग्लाओबी अवांग लीकाई में एक रिहायशी मकान पर किए गए विस्फोटक हमले से जुड़ा है। हमले में दो नाबालिग बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था।
यह इस मामले में दूसरी गिरफ्तारी है। इससे पहले NIA ने 12 अगस्त 2026 को एस. पलाल थाडौ कूकी को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
पहाड़ी से दागा गया था विस्फोटक
मामले की शुरुआत मोइरांग पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर से हुई थी। जांच के अनुसार, अज्ञात उग्रवादियों ने पहाड़ी की तरफ से एक रिहायशी मकान को निशाना बनाकर विस्फोटक उपकरण दागा था। विस्फोटक मकान की दीवार से टकराया, जिसके बाद घर में मौजूद परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों में दो नाबालिग बच्चे भी शामिल थे। बाद में दोनों बच्चों की मौत हो गई। घटनास्थल के पास एक बिना फटा हुआ इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) भी बरामद किया गया था।
NIA ने 23 अप्रैल को संभाली जांच
मामले को NIA ने 23 अप्रैल 2026 को अपने हाथ में लेते हुए फिर से दर्ज किया। केस संख्या RC-04/2026/NIA/IMP के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की संबंधित धाराओं में जांच शुरू की गई। जांच के दौरान हमले की साजिश में थांगमांग हाओकिप की कथित भूमिका सामने आई। इसके बाद NIA ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
12 दिन की पुलिस हिरासत
NIA ने थांगमांग हाओकिप को 25 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे इम्फाल स्थित विशेष NIA कोर्ट-II के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने उसे 12 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
NIA अब मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच आगे बढ़ा रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमले के पीछे कौन सा व्यापक नेटवर्क या साजिश काम कर रही थी और आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था। जांच एजेंसी के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
'हस्तक्षेप स्वीकार नहीं...', भारत ने तुर्की को दिखाई औकात, UNGA में राष्ट्रपति ने जम्मू-कश्मीर के जिक्र पर जताई थी आपत्ति
Turkey President Erdogan: भारत ने तुर्की को कड़ा जवाब दिया है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की ओर से जम्मू-कश्मीर का जिक्र किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है. भारत ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा देश की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से जुड़ा है.
न्यूयॉर्क में एर्दोगन के भाषण को लेकर पूछे गए सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों में किसी भी बाहरी पक्ष के अनुचित हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता. उन्होंने कहा कि किसी बाहरी पक्ष को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है.
#WATCH | On the Shanghai Cooperation Organisation (SCO), MEA Spokesperson Randhir Jaiswal says, "The membership of the SCO is something that all the SCO members decide together. So, whenever any issue of membership comes, it is for the members to collectively decide as to how to… pic.twitter.com/WTPkn0kKIk
— ANI (@ANI) September 29, 2026
जयसवाल ने तुर्की को खूब सुनाया
विदेश प्रवक्ता जयसवाल ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति द्वारा जम्मू और कश्मीर के भारतीय केंद्र शासित प्रदेश के संदर्भों को खारिज करता है. यह भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता से संबंधित मामला है, और इस मुद्दे पर किसी भी बाहरी पक्ष को कोई अधिकार नहीं है.
कश्मीर मुद्दे पर क्या बोले थे एर्दोगन?
यह प्रतिक्रिया तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए भाषण के बाद आई. अपने भाषण में एर्दोगन ने दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय विवादों का जिक्र किया था और कश्मीर मुद्दे को भी बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कही थी. एर्दोगन ने कहा था कि कश्मीर समेत दक्षिण एशिया के सभी विवादों का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर और संबंधित प्रस्तावों को ध्यान में रखा जाना चाहिए. एर्दोगन के मुताबिक, अगर सभी पक्ष सकारात्मक और रचनात्मक कदम उठाएं तो इन मुद्दों का समाधान संभव है.
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