स्मोकिंग जोन की आड़ में नहीं चलेगा हुक्का, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट का यह फैसला उत्तर प्रदेश में रेस्टोरेंट और कैफे संस्कृति के लिए एक बड़ा मोड़ साबित होने जा रहा है. लंबे समय से स्मोकिंग ज़ोन की आड़ में हुक्का परोसने वाले कारोबारियों के लिए अदालत का यह रुख बेहद सख्त संदेश देता है. मुख्य रूप से यह फैसला जनस्वास्थ्य को व्यावसायिक हितों से ऊपर रखने का एक ठोस न्यायिक कदम है.
अदालत का स्पष्ट रुख और याचिकाएं खारिज
न्यायालय के समक्ष कई रेस्टोरेंट और लाउंज संचालकों ने याचिकाएं दायर की थीं, जिनमें हुक्का बार चलाने और ग्राहकों को हुक्का सर्व करने की अनुमति मांगी गई थी. हालांकि अदालत ने इन सभी याचिकाओं को एक सिरे से खारिज कर दिया. पीठ ने साफ किया कि राज्य के भीतर किसी भी रेस्टोरेंट, कैफे या लाउंज में ग्राहकों को हुक्का परोसने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जा सकती.
स्मोकिंग एरिया के तर्क पर करारा प्रहार
कारोबारियों ने अपनी पैरवी में यह दलील दी थी कि उनके पास वैध फूड लाइसेंस मौजूद है और उन्होंने हुक्का पीने के शौकीनों के लिए परिसर के भीतर अलग से स्मोकिंग जोन बना रखा है. अदालत ने इस दलील को पूरी तरह अमान्य करार दिया. हाईकोर्ट ने यह सिद्धांत स्पष्ट किया कि सिर्फ अलग से जगह चिन्हित कर देने भर से किसी को हुक्का परोसने का वैधानिक अधिकार नहीं मिल जाता.
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सेवा के दायरे में हुक्का तैयार करना
अदालत ने सर्विस की परिभाषा को बहुत ही सूक्ष्मता से रेखांकित किया. पीठ का मानना था कि रेस्टोरेंट के कर्मचारियों द्वारा हुक्का तैयार करना, उसमें तंबाकू या फ्लेवर सेट करना और फिर उसे ग्राहक की टेबल तक पहुंचाना सीधे तौर पर कमर्शियल सर्विस के दायरे में आता है. जब यह पूरी प्रक्रिया व्यावसायिक गतिविधि का हिस्सा है, तो इसे महज स्मोकिंग ज़ोन की छूट का सहारा लेकर जायज नहीं ठहराया जा सकता.
फूड लाइसेंस की सीमाएं और पुलिस कार्रवाई
फैसले में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि नगर निगम अथवा खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला लाइसेंस केवल खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए होता है. इसे हुक्का बार चलाने के लाइसेंस के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी संस्थान नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो पुलिस प्रशासन के पास उस पर सीधी, त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है. हाईकोर्ट के इस ऐतिहासिक आदेश का मूल आधार आम जनता की सेहत की सुरक्षा है. अदालत ने साफ कहा कि हर नागरिक को साफ हवा में सांस लेने और स्वस्थ माहौल का अधिकार है. किसी भी व्यापारिक लाभ या मनोरंजन के नाम पर आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
कारोबारियों पर असर और भविष्य की तस्वीर
इस फैसले का सीधा और व्यापक असर प्रदेश भर के कैफे, लाउंज और रेस्टोरेंट उद्योग पर देखने को मिलेगा। अब तक जो संस्थान कानून के अस्पष्ट पहलुओं या स्मोकिंग एरिया का सहारा लेकर हुक्का परोस रहे थे, उन पर पूरी तरह लगाम लग जाएगी. प्रशासनिक स्तर पर भी अब ऐसे हुक्का सेंटरों के खिलाफ सख्त अभियान चलाए जाने की उम्मीद है.
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'समझ नहीं आया उन्होंने टेस्ट क्रिकेट क्यों...', विराट कोहली को लेकर कपिल देव ने कह दी ये बड़ी बात
Kapil Dev on Virat Kohli: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में विराट कोहली का एक सुनहरे अक्षरों में लिखा जा चुका है. हाल ही में वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे कर उन्होंने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसे देख पूरी दुनिया उन्हें सलाम कर रही है. कोहली की इस ऐतिहासिक कामयाबी पर भारत को पहला वर्ल्ड कप जिताने वाले महान कप्तान कपिल देव ने भी उनकी जमकर तारीफ की है. कपिल देव ने कहा कि खेल के प्रति विराट का जुनून और खुद पर भरोसा वाकई बेमिसाल है. हालांकि, तारीफ करने के साथ ही कपिल देव ने यह भी कहा कि उन्हें आज तक समझ नहीं आया कि विराट ने टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट क्यों ले लिया था. लेकिन फिर भी कोहली मैदान पर जो कुछ भी कर रहे हैं, बेहद खास है.
कपिल देव ने विराट कोहली को बताया 'स्पेशल टैलेंट'
कपिल देव ने विराट कोहली की बल्लेबाजी क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें एक 'स्पेशल टैलेंट' बताया. उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि वह एक अनोखी प्रतिभा हैं. उन्होंने बहुत शानदार प्रदर्शन किया है. इस दुनिया में ऐसे बहुत कम लोग हैं जिनका औसत 60 से अधिक का है. मैं उन्हें सलाम करता हूं." गौरतलब है कि आधुनिक क्रिकेट में लंबे समय तक 50 या 60 के करीब का औसत बनाए रखना कोहली की निरंतरता और उनकी महानता को दर्शाता है.
खेल के प्रति अटूट जुनून और खुद पर भरोसा
कोहली की सफलता के पीछे के असली कारणों पर बात करते हुए कपिल देव ने उनके कमाल के जज्बे को साफ तौर पर उजागर किया. उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात खेल के प्रति कोहली का जुनून है. कपिल देव के अनुसार, कोहली के पास अद्भुत क्षमता है और सबसे बड़ी बात यह है कि वह खुद पर विश्वास करते हैं और अपने फैसलों का पूरा समर्थन करते हैं, जो खेल के इस टॉप लेवल पर लगातार प्रदर्शन करने के लिए बेहद जरूरी है.
टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले पर कपिल देव की हैरानी
विराट की जमकर तारीफ करने के साथ ही कपिल देव ने उनके टेस्ट क्रिकेट छोड़ने के फैसले पर एक दिलचस्प बात कही. उन्होंने कहा, "मैं यह तो नहीं जानता कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट क्यों छोड़ दिया, लेकिन वह मैदान पर जो कुछ भी कर रहे हैं, अपने लिए बहुत खास कर रहे होंगे. वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं ताकि खेल के इस सबसे ऊंचे स्तर पर हमेशा अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रख सकें."
#WATCH | Delhi: On Virat Kohli reaching 15,000 ODI runs milestone, PGTI Chairman & Former Indian Cricketer Kapil Dev says, "Well, I think special talent. He has done so well - very few people in this world who have average more than 60. Hats off to him. And more importantly, I… pic.twitter.com/msyyWVn850
— ANI (@ANI) September 29, 2026
कपिल देव के इस बयान से साफ पता चलता है कि भले ही कोहली के कुछ फैसलों ने पूर्व दिग्गजों को हैरान किया हो, लेकिन मैदान पर उनके खेल और रनों की भूख पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि कोहली आज भी दुनिया के सबसे बड़े मैच विनर हैं. यही वजह है कि कपिल देव जैसे महान खिलाड़ी भी विराट की इस शानदार यात्रा और खुद पर उनके अटूट भरोसे के कायल हैं.
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