'मेन कोर्स तो इस दिन से होगा शुरू...', IND vs NZ T20 सीरीज को लेकर सुनील गावस्कर का मजेदार बयान
Sunil Gavaskar: भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ खेली जा रही 5 टी20 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त ले ली है. सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने शुरुआती 3 मैचों में शानदार जीत दर्ज किया. अब भारतीय टीम की नजर क्लीन स्वीप करने पर होगी. इसी बीच पूर्व भारतीय दिग्गज सुनील गावस्कर ने टीम इंडिया की तारीफ की है. उन्होंने कहा है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज भारत के लिए वॉर्म-अप के तौर पर है.
टीम इंडिया का असली गेम 7 फरवरी से होगा शुरु
सुनील गावस्कर ने जियो हॉटस्टार शो पर बात करते हुए कहा कि यह सीरीज भारतीय टीम के लिए ऐपेटाइजर की तरह है. 7 फरवरी से मेन कोर्स की शुरुआत होगी. सीरीज जीतने के बाद सारा फोकस टी20 वर्ल्ड कप खिताब डिफेंड करने पर है. भारतीय प्लेयर्स पूरी तरह से तैयारी कर रहे हैं. खिलाड़ी किसी भी चीज को हल्के में नहीं ले रहे हैं. यह इस टीम का फोकस दिखाता है.
सुनील गावस्कर ने आगे कहा कि टीम इंडिया की गहराई और आत्मविश्वास इस बात से साफ दिखता है कि वो निचले क्रम के बल्लेबाजों के योगदान के बिना भी आसानी से मैच जीत रहे हैं. भारतीय खिलाड़ियों को खुद पर पूरा भरोसा है. भारतीय दिग्गज ने आगे कहा कि मौजूदा बल्लेबाजी का माइंटसेट टी20 क्रिकेट के लिए बिल्कुल सही है. टी20 में कोई बल्लेबाज सोचता है कि उसके पास 5 और 7 ओवर है, तो वह लगभग हर गेंद पर रन बनाने की कोशिश कर सकता है. हालांकि यह हर गेंद पर बाउंड्री लगाने की सोच नहीं नहीं होना चाहिए, लेकिन हर गेंद पर रन बनाने का मकसद होना चाहिए.
अभिषेक शर्मा तोड़ सकते हैं युवराज सिंह का रिकॉर्ड
सुनील गावस्कर ने गुवाहाटी में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मैच में अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी की भी जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि युवराज सिंह का रिकॉर्ड तोड़ना काफी मुश्किल है. सिर्फ 2 ओवर में 50 रन बनाना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन अभिषेक शर्मा ने पिछले कई मैचों में जो कमाल किया, वो इस काम को करने के लिए सझम हैं.
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परेश रावल की इस एक्ट्रेस के साथ हुई थी गंदी हरकत, पिता के दोस्त ने किया था बेहूदा काम, छलका दर्द
Aditi Govitrikar on Childhood Abuse: एक्ट्रेस और मॉडल अदिति गोवित्रिकर (Aditi Govitrikar) ने साल 2002 में फिल्म ‘सोच’ से बॉलीवुड में कदम रखा था. इसके बाद वो ‘16 दिसंबर’, ‘पहेली’ और ‘दे दना दन’ जैसी फिल्मों में नजर आईं. इसके अलावा अदिति रियलिटी शोज ‘बिग बॉस 3’ और ‘खतरों के खिलाड़ी’ का भी हिस्सा रह चुकी हैं. अदिति ने साल 2001 में मिसेज वर्ल्ड का खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया था. वहीं हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अदिति ने इंडस्ट्री और अपनी निजी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे अनुभव साझा किए, जिन्होंने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया.
इंडस्ट्री से मिला दिल का दर्द
अदिति ने कहा कि इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें काफी निराशा हाथ लगी. उन्होंने बताया कि साल 2001 में ही लारा दत्ता और प्रियंका चोपड़ा ने मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स जैसे बड़े खिताब जीते, जिसके बाद उन्हें अपार शोहरत और मौके मिले. वहीं, मिसेज वर्ल्ड बनने के बावजूद अदिति को वैसी पहचान और अवसर नहीं मिल सके, जिसका उन्हें अफसोस आज भी है.
बचपन के अनुभव बने जीवनभर का ट्रॉमा
हॉटरफ्लाई को दिए इंटरव्यू में अदिति ने अपने बचपन से जुड़े कुछ बेहद दर्दनाक अनुभवों का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से उन्हें पनवेल में रहते हुए कई परेशान करने वाली घटनाओं का सामना करना पड़ा, जिनका असर उनके जीवन पर लंबे समय तक रहा. अदिति ने खुलासा किया कि जब वह महज छह या सात साल की थीं, तब उनके पिता के एक दोस्त ने उनके साथ गलत हरकत की थी. उन्होंने कहा कि उस उम्र में वह पूरी तरह समझ भी नहीं पाईं कि उनके साथ क्या हुआ, लेकिन अपमान और डर का एहसास उनके भीतर गहराई तक बैठ गया.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट में भी झेली परेशानी
अदिति ने बताया कि पढ़ाई के दौरान जब वह 12वीं कक्षा में दादर स्थित अग्रवाल क्लासेस के लिए मुंबई आती थीं, तब सुरक्षा उनके लिए बड़ी चिंता थी. लोकल ट्रेन उनके लिए विकल्प नहीं थी, इसलिए वह बस से सफर करती थीं. उन्होंने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट ने उन्हें जीवन में सतर्क रहना सिखाया. उन्होंने बताया कि खुद को सुरक्षित रखने के लिए वह दोनों तरफ भारी बैग रखती थीं, जिनमें हार्डबोर्ड की किताबें होती थीं. वह इन्हें ढाल की तरह इस्तेमाल करती थीं ताकि कोई उन्हें छू न सके. अगर सीट मिल जाती, तो वह दोनों तरफ बैग रख लेती थीं.
‘ये एहसास कभी ठीक नहीं होता’
अदिति ने कहा कि उनके जीवन में ऐसी एक से ज्यादा घटनाएं हुईं, जिनमें एक परिवार का जाना-पहचाना व्यक्ति भी शामिल था. इसके अलावा बाजार में घटी एक और घटना ने उन्हें भीतर तक हिला दिया. उन्होंने कहा कि इतनी छोटी उम्र में इंसान पूरी तरह समझ नहीं पाता, लेकिन यह एहसास रह जाता है कि कुछ बहुत गलत हुआ है. अदिति ने कहा, “वो अपमान और डर का एहसास भयानक होता है और ये कभी पूरी तरह ठीक नहीं होता.”
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