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Rhiti Tiwari की टीम ने लिया कानूनी एक्शन तो भड़के Ekam Bawa, बोले- मेरे पास खुलासे हैं

‘बिग बॉस 20’ में बीते सप्ताह से रीति तिवारी लगातार चर्चा में हैं। अपने गेम और बर्ताव को लेकर वह विवादों में आ गई थीं। टास्क के दौरान उन्होंने उदिती सिंह और काजी तौकीर के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही थीं, जिसके बाद सलमान खान ने भी उन्हें फटकार लगाई थी।

शो में रीति तिवारी ने दावा किया था कि उन्हें 25 हजार रुपये पॉकेटमनी मिलती है। इसके बाद उनके सौतेले पिता एकम बावा ने उनके इस दावे पर सवाल उठाए थे। रीति तिवारी की मां रानी तिवारी के एक्स-पति एकम बावा ने यह भी आरोप लगाया था कि मां-बेटी ने मिलकर उन्हें टॉर्चर किया था। हालांकि, रीति तिवारी ने एकम बावा के इन आरोपों को झूठा बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि एकम बावा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

रीति तिवारी की टीम को एकम बावा का जवाब

अब रीति तिवारी की टीम की ओर से की गई कानूनी कार्रवाई के दावे पर एकम बावा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक वीडियो शेयर कर रीति तिवारी की टीम को जवाब दिया और कहा कि अगर उनमें दम है तो वे सामने आकर उनसे बात करें।

एकम बावा ने कहा, “रीति तिवारी की टीम से सरेआम धमकी, एकम बावा के खिलाफ कार्रवाई। बिल्कुल करो। मैंने कब रोका आपको, आप बिग बॉस में धमकियां दे रही हो नेशनल टीवी पर, आपकी टीम मुझे धमकी दे रही है। आपकी मां मेरे परिवार को धमकी दे रही है।”

उन्होंने आगे कहा, “कानून आपके लिए बना है, मेरे लिए तो कानून ही नहीं बना? मैंने वीडियो डाला, उसमें झूठ क्या बोला? सच्चाई दिखाई है और आपका सच दिखाया है, इसलिए बुरा हो गया ना।”

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एकम बावा बोले- अभी भी लीगल बाप हूं मैं

एकम बावा ने अपने बयान में तलाक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मैं इतने वक्त से पीछे लगा था कि मुझे तलाक दे दो, लेकिन तलाक मुझे आज भी नहीं मिला है। क्यों? अभी भी लीगल बाप हूं मैं।”

रीति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “रीति तिवारी जी, आपकी मां ने मेरे साथ शादी की है, आप बोल रहे हो कि मैं झूठ बोल रहा हूं। कहां झूठ बोला मैंने?”

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एमएस धोनी फिल्म के पैसे को लेकर भी सवाल

एकम बावा यहीं नहीं रुके। उन्होंने रीति तिवारी को लेकर और भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “एमएस धोनी मूवी भी आपने बनाई है, कहां गया उसका पैसा? आप बैठाइये इन पर इंक्वायरी, पता चलेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “दम है तो सामने आकर बात करो मुझसे, जिगरा तो रखो। नहीं है, क्योंकि मेरे पास खुलासे हैं जो खुल जाएंगे दुनिया के सामने।”

एकम बावा ने आगे कई निजी मामलों का जिक्र करते हुए कहा, “किसकी कितनी शादियां हुई हैं, किसके कितने बच्चे हैं। किसका कौन बॉयफ्रेंड है, सब पता चल जाएगा। इसलिए मैं चुप हूं।”

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Rajkummar Rao की नेशनल अवॉर्ड विनिंग 'Shahid' आखिरकार OTT पर रिलीज़, लेखक Apurva Asrani बोले-'क्या अब डर की राजनीति खत्म हो रही है?'

सिनेमाघरों में रिलीज़ होने और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) जीतने के पूरे 13 साल बाद, निर्देशक हंसल मेहता की ऐतिहासिक फिल्म 'शाहिद' आखिरकार ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो (Prime Video) पर स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो गई है। हालांकि, फिल्म के इतने लंबे अंतराल के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आने को लेकर इसके को-राइटर और एडिटर अपूर्वा एम. असरानी ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपूर्वा असरानी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत नोट शेयर करते हुए पूछा कि क्या देश के बदलते राजनीतिक माहौल और डर की वजह से इस फिल्म को इतने सालों तक ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर जगह नहीं मिली?

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक नोट में, असरानी ने स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर फ़िल्म की लंबी अनुपस्थिति पर बात की और सवाल उठाया कि क्या बदलते राजनीतिक माहौल की वजह से इसकी डिजिटल रिलीज़ में देरी हुई। उन्होंने असहमति और आरोपी के अधिकारों से जुड़ी कहानियों के लिए मौजूद जगह पर भी बात की, जो 'शाहिद' फ़िल्म के मुख्य विषय हैं। अपूर्वा ने X (पहले ट्विटर) पर एक नोट में फ़िल्म के प्लेटफ़ॉर्म पर आने की जानकारी दी और साथ ही थिएटर रिलीज़ और स्ट्रीमिंग डेब्यू के बीच के लंबे अंतराल पर सवाल भी उठाया। उन्होंने लिखा कि 'शाहिद' को स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर आने में 13 साल लग गए और याद दिलाया कि यह फ़िल्म वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता शाहिद आज़मी की कहानी के ज़रिए क्या बताना चाहती थी।

अपूर्वा ने लिखा, "'शाहिद' वकील शाहिद आज़मी की कहानी है, जिन्होंने उन लोगों का बचाव किया जिन पर आतंकी कानूनों के तहत आरोप लगे थे और उन्होंने उस माहौल में उचित कानूनी प्रक्रिया के लिए लड़ाई लड़ी, जहाँ मुसलमानों को अक्सर निर्दोष साबित होने से पहले ही दोषी मान लिया जाता था। उस हिम्मत के लिए उनकी हत्या कर दी गई।"

इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि फ़िल्म इतने लंबे समय तक किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर क्यों उपलब्ध नहीं थी। फ़िल्म की रिलीज़ के बाद के सालों के राजनीतिक माहौल पर बात करते हुए, अपूर्वा ने असहमति, एक्टिविज़्म और आरोपी के अधिकारों के बारे में कहानियाँ कहने वालों को पेश आने वाली मुश्किलों और फ़िल्म की डिजिटल रिलीज़ में देरी के बीच संबंध बताया।

उन्होंने लिखा, "मैंने अक्सर सोचा है कि 'शाहिद' इतने लंबे समय तक बिना किसी स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म के क्यों रही। यह 2014 से एक साल पहले रिलीज़ हुई थी। फिर ऐसा राजनीतिक माहौल आया जिसमें असहमति रखने वाले, एक्टिविस्ट, पत्रकार और आरोपी के अधिकारों का बचाव करने वाले लोग ज़्यादा शक के घेरे में आने लगे।"

अपूर्वा ने एक्टिविस्ट उमर खालिद के मामले का भी ज़िक्र किया, जो ट्रायल का इंतज़ार करते हुए सालों से जेल में हैं, और साथ ही उन्होंने उस माहौल के बारे में अपनी बात रखी जिसमें ऐसी कहानियाँ सुनाई जा रही थीं। ऐसी कहानियों के लिए बदलती जगह पर अपूर्व असरानी की राय
लेखक-एडिटर ने उन फ़िल्ममेकर्स, एक्टर्स और लेखकों के बारे में बात की जो, उनके अनुसार, 'शाहिद' जैसी कहानियाँ तो बताना चाहते थे लेकिन उन्हें बनाने में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को आखिरकार "सिस्टम ने अपने साथ मिला लिया" और उनसे ऐसी कहानियाँ बनवाईं जिन्हें उन्होंने "कोशर" (यानी सिस्टम के हिसाब से सही) कहा। उनका तर्क था कि ऐसी फ़िल्मों को उनके कलात्मक गुणों के बजाय राजनीतिक रूप से सही होने के कारण नेशनल अवॉर्ड मिल सकते हैं।

इसके बाद अपूर्व ने सवाल उठाया कि 'शाहिद' को आखिरकार 2026 में स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म क्यों मिला। उन्होंने लिखा, "तो अब क्यों? 'शाहिद' जैसी फ़िल्म को आखिरकार 2026 में स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म क्यों मिला? क्या माहौल बदल गया है? क्या डर की राजनीति के ख़िलाफ़ विरोध बढ़ रहा है?" उन्होंने आगे कहा कि फ़िल्म की OTT रिलीज़ में देरी का कारण चाहे जो भी हो, उन्हें इस प्रोजेक्ट और अपने करियर पर इसके असर पर गर्व है।

अपूर्वा ने लिखा, "वजह चाहे जो भी हो, मुझे इस फ़िल्म पर गर्व है। इसने मुझे एक को-राइटर/एडिटर के तौर पर स्थापित किया और मुझे उस तरह के सिनेमा में वापस लाया जिसमें मैं विश्वास करता हूँ।" उन्होंने प्राइम वीडियो का शुक्रिया अदा करते हुए और दर्शकों से फ़िल्म को दोबारा देखने की अपील करते हुए अपनी पोस्ट खत्म की। उन्होंने आगे कहा, "एक शानदार टीम द्वारा बनाई गई यह फ़िल्म उस तरह के साहसी सिनेमा की याद दिलाती है जिसे हम कभी बनाते थे और जिसकी तारीफ़ करते थे। धन्यवाद @PrimeVideoIN।"

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हंसल मेहता ने पहले भी 'शाहिद' के OTT पर न होने पर सवाल उठाए थे
फ़िल्म का लंबे समय तक स्ट्रीमिंग पर न होना इसके डायरेक्टर हंसल मेहता के लिए कोई नई चिंता की बात नहीं है। 2022 में, मेहता ने निराशा जताई थी कि 'शाहिद' किसी भी OTT प्लेटफ़ॉर्म पर उपलब्ध नहीं थी।

उस समय, उन्होंने कहा था कि उन्हें नहीं पता कि फ़िल्म के अधिकार किसके पास हैं या इसका ओरिजिनल वर्शन कहाँ है। उन्होंने इस स्थिति को फ़िल्म पर काम करने वाले सभी लोगों के साथ-साथ शाहिद आज़मी के लिए भी एक "व्यक्तिगत त्रासदी" बताया था।

मेहता ने यह भी बताया कि फ़िल्म का प्रीमियर टोरंटो इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में हुआ था, इसने दो नेशनल अवॉर्ड जीते थे और कई इंटरनेशनल फ़ेस्टिवल में दिखाई गई थी, फिर भी इसे कोई स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म नहीं मिला था। इसलिए, यह फ़िल्म सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के एक दशक से भी ज़्यादा समय बाद Prime Video पर आ रही है।

'शाहिद' के बारे में
18 अक्टूबर, 2013 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई 'शाहिद' फ़िल्म, मुंबई के वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता शाहिद आज़मी की ज़िंदगी पर आधारित है, जिनकी 2010 में हत्या कर दी गई थी। राजकुमार राव ने इसमें मुख्य भूमिका निभाई है, जबकि मोहम्मद ज़ीशान अय्यूब, प्रभलीन संधू और बलजिंदर कौर ने सहायक भूमिकाएँ निभाई हैं।

हंसल मेहता के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2012 में टोरंटो इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल के 'सिटी टू सिटी' प्रोग्राम के तहत हुआ था। इसके बाद इसे मुंबई फ़िल्म फ़ेस्टिवल, न्यूयॉर्क इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल, इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल ऑफ़ स्टटगार्ट, दुबई इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल और शिकागो साउथ एशियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल जैसे फ़ेस्टिवल में दिखाया गया।

'शाहिद' ने 61वें नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड्स में दो बड़े सम्मान जीते। हंसल मेहता ने बेस्ट डायरेक्शन का अवॉर्ड जीता, जबकि राजकुमार राव ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड साझा किया।

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क्या खत्म हो गया रविंद्र जडेजा का वनडे करियर? स्पिन कोच के बयान ने बदल दिया पूरा समीकरण

Ravindra Jadeja IN Axar Patel OUT? 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने स्पष्ट किया है कि रविंद्र जडेजा की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं. 37 वर्षीय ऑलराउंडर की बल्लेबाजी क्षमता, अनुभव और हालिया सुधार को देखते हुए टीम प्रबंधन भविष्य के लिए उनके नाम पर विचार कर रहा है. फिलहाल वेस्टइंडीज सीरीज में जडेजा को मौका मिला है, जबकि एशियाई खेलों के बाद अक्षर पटेल के साथ उनका प्रदर्शन जांचा जाएगा. दूसरी ओर, कुलदीप यादव मुख्य मैच-विनर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए हैं. Tue, 29 Sep 2026 22:27:30 +0530

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