Responsive Scrollable Menu

ट्रम्प का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच आज से शुरू होगी वार्ता, वीडियो में जाने बड़े हमले को टालने की कही बात

ट्रम्प का दावा- अमेरिका और ईरान के बीच आज से शुरू होगी वार्ता, वीडियो में जाने बड़े हमले को टालने की कही बात

Continue reading on the app

Kashmir Migrant Workers Killing के बाद सुरक्षा बलों का दनादन एक्शन, अब क्लस्टर में रहेंगे सारे मजदूर

दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी ईंट-भट्ठा मजदूरों की आतंकियों द्वारा निर्मम हत्या ने एक बार फिर घाटी में गैर-स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्टूबर 2024 के बाद मौसमी प्रवासी मजदूरों पर यह पहला आतंकी हमला है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया है। घटना के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने इलाके को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया, जबकि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाकर सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा के निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार शाम कुलगाम के किलाम गांव स्थित एक ईंट-भट्ठे पर करीब 250 प्रवासी मजदूर मौजूद थे। पुलिस के अनुसार एक व्यक्ति मजदूरों के बीच पहुंचा, उनसे सामान्य बातचीत की और फिर बेहद नजदीक से गोली मारकर 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 25 वर्षीय भूपेंद्र भैना की हत्या कर फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावर के पास एक बैग था और उसने पहले भरोसा जीतने की कोशिश की, जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया।

इस बीच, सूत्रों के अनुसार अब पुलिस गैर-स्थानीय मजदूरों को बिखरे हुए ठिकानों पर रहने देने के बजाय गांवों के भीतर सुरक्षित क्लस्टरों में रात के समय ठहराने की योजना बना रही है, ताकि उनकी निगरानी और सुरक्षा आसान हो सके। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में निगरानी, एरिया डॉमिनेशन, रात्रि गश्त और नाकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यटक स्थलों और अमरनाथ यात्रा मार्गों पर भी वाहन जांच और यात्रियों की तलाशी तेज कर दी गई है।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुरक्षा एजेंसियों को गैर-स्थानीय मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) की व्यापक समीक्षा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले सभी श्रमिकों का स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन के पास अनिवार्य पंजीकरण कराया जाए तथा उनके नियोक्ता बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही आतंकियों के खिलाफ "सटीक और प्रभावी" अभियान तेज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि घाटी में हजारों प्रवासी मजदूर परिवारों सहित अलग-अलग गांवों में फैले हुए हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को व्यक्तिगत सुरक्षा देना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां ऐसा माहौल बनाने पर जोर दे रही हैं, जिसमें सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था के जरिए जोखिम को कम किया जा सके। फिलहाल कई इलाकों में प्रवासी मजदूरों को रात के समय अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह भी दी गई है।

जांच एजेंसियां अभी हमलावरों की पहचान सुनिश्चित नहीं कर पाई हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) द्वारा जिम्मेदारी लेने वाले संदेशों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि टीआरएफ, लश्कर-ए-तैयबा का छद्म संगठन है और हाल के वर्षों में गैर-स्थानीय नागरिकों पर हुए अधिकांश लक्षित हमलों में उसका नाम सामने आया है। सुरक्षा एजेंसियां लश्कर कमांडर लतीफ भट की संभावित भूमिका सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे हमलों का मकसद यह संदेश देना होता है कि घाटी में हालात सामान्य नहीं हैं और समय-समय पर भय का माहौल बनाए रखना आतंकियों की रणनीति का हिस्सा है।

हम आपको बता दें कि कुलगाम के हबलिशी और किलाम क्षेत्र में दर्जनों ईंट-भट्ठे हैं, जहां हर वर्ष बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत उत्तर भारत के हजारों मजदूर काम करने आते हैं। अनुमान है कि अप्रैल से अक्टूबर के बीच कश्मीर में तीन से पांच लाख तक मौसमी प्रवासी श्रमिक निर्माण, कृषि, ईंट-भट्ठों और छोटे कारोबारों में काम करते हैं। 

हम आपको बता दें कि पिछले छह वर्षों में आतंकियों ने 20 से अधिक गैर-स्थानीय मजदूरों की हत्या की है और करीब इतनी ही संख्या में लोग घायल हुए हैं। उधर, हालिया हमले से प्रवासी मजदूरों में भय जरूर बढ़ा है, लेकिन अधिकांश फिलहाल घाटी छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। कुछ का कहना है कि यदि ऐसी घटनाएं दोबारा होती हैं तो वे लौटने पर विचार करेंगे। वहीं अन्य मजदूरों का कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से कश्मीर में काम कर रहे हैं और यदि यहां से चले गए तो उनके परिवार के सामने भूख का संकट खड़ा हो जाएगा।

Continue reading on the app

  Sports

गीली पिच, घंटों की मेहनत... सावधान श्रीलंका, तुम्हारे स्पिनरों की बैंड बजाने आ रहे हैं केएल राहुल

भारतीय क्रिकेट टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए श्रीलंका पहुंच गई है. श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी केएल राहुल ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ वीडियो और तस्वीर शेयर किया है. इस वीडियो में वह श्रीलंकाई स्पिनरों से निपटने के लिए गीली मिट्टी की पिच पर प्रैक्टिस करते हुए दिख रहे हैं. Wed, 5 Aug 2026 06:08:06 +0530

  Videos
See all

Mahakal Ujjain : श्रावण में महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों की भारी भीड़! | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T00:45:04+00:00

AAJTAK 2 | WEATHER UPDATE | बारिश को लेकर ALERT जारी, चलेंगी तेज हवाएं! | AT2 #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T00:35:03+00:00

News Ki Pathshala | Rubika Liyaquat:आईना तोड़कर चेहरा छिपाने में लगा पाकिस्तान!|Asim Munir| Shehbaz #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T00:43:34+00:00

Rescue Viral Video: गंगा में कूदे जवान सन्नी कुमार, बचाई शिवभक्त की जान! | #shorts #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-05T00:45:32+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers