Ramayana BTS Video: 'रामायण' में भगवान राम बनने के लिए रणबीर कपूर की पूरी तैयारी, बोले- 'यह रोल नहीं, जिम्मेदारी है'
Ramayana BTS Video: आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर रणबीर कपूर लगातार चर्चा में हैं। फिल्म में वह भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं। इस कास्टिंग को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए हैं और बहस हुई है कि क्या रणबीर इस किरदार के लिए उपयुक्त हैं। अब फिल्म के निर्माताओं ने रणबीर के 44वें जन्मदिन पर फिल्म की शूटिंग और कलाकारों की तैयारी से जुड़ा एक बिहाइंड द सीन वीडियो जारी किया है। इसमें रणबीर ने भगवान राम का किरदार निभाने की अपनी सोच के बारे में खुलकर बात की।
रणबीर ने कहा- ‘यह एक जिम्मेदारी है’
फिल्म के BTS वीडियो में निर्देशक नितेश तिवारी, निर्माता नमित मल्होत्रा, रणबीर कपूर, साई पल्लवी और रवि दुबे नजर आए। वीडियो में फिल्म की तैयारी और कलाकारों के चयन से जुड़ी कई बातें सामने आईं। भगवान राम की भूमिका के बारे में बात करते हुए रणबीर ने कहा, "भगवान राम की सबसे बड़ी ताकत उनका धनुष और तीर नहीं था, यह उनकी क्षमा (क्षमा करने की प्रकृति) थी - उनकी माफ करने की क्षमता। ये भूमिका नहीं है। यह एक रोल नहीं है कि मुझे एक फिल्म ऑफर हुई है और रोल एक्साइटिंग है। यह एक जिम्मेदारी है।"
‘मुझे लोगों के विश्वास के लायक बनना है’
रणबीर ने आगे कहा- “सब कुछ भगवान राम का किरदार निभाने वाले व्यक्ति के विश्वास और सादगी पर निर्भर करता है। मैं हर दिन खुद को याद दिलाता था कि मेरा काम सिर्फ इस रोल के लायक बनना नहीं था, बल्कि उस भरोसे के लायक बनना था जो लोग इस कहानी पर करते हैं।”
टीवी के 'राम' अरुण गोविल ने भी रणबीर की तारीफ की
रामानंद सागर की ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर लोकप्रिय हुए अरुण गोविल ने भी रणबीर कपूर की भूमिका को लेकर अपनी राय साझा की है। अरुण गोविल ने रणबीर के हाव-भाव और उनके किरदार को समझने के तरीके की तारीफ की। उन्होंने बताया कि उनके मन में भगवान राम की छवि को लेकर यह विचार रहता था कि वह किस तरह चलते होंगे, बैठते होंगे, देखते और बोलते होंगे। गोविल ने कहा कि उन्हें रणबीर में इन चीजों की झलक दिखाई देती है।
‘युवा सितारों में रणबीर सबसे करीब हैं’
अरुण गोविल ने रणबीर के स्वभाव और विनम्रता का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आमतौर पर किसी बड़े स्टार से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह किसी के पैर छुएगा, लेकिन रणबीर हमेशा ऐसा करते हैं।
उन्होंने रणबीर की तारीफ करते हुए कहा कि मौजूदा समय में उपलब्ध युवा सितारों में “रणबीर कपूर भगवान राम का किरदार निभाने के सबसे करीब हैं।”
दो भागों में रिलीज होगी ‘रामायण’
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ को दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 के दौरान दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है। वहीं, दूसरा भाग दिवाली 2027 के आसपास रिलीज किया जाएगा।
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साईं पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। इसके अलावा सनी देओल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर समेत कई कलाकार फिल्म का हिस्सा हैं।
Pitru Paksha में तर्पण न कर पाने पर अपनाएं जल और काले तिल के ये 5 सरल उपाय
पितृ पक्ष के दौरान पितरों के नाम से तर्पण किया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पितरों के नाम से तर्पण करने से पितरों की शांति प्राप्त होती है। इस समय पितरों के नाम से रोजाना तर्पण किया जाता है। स्कंद पुराण में वर्णित है कि पितृपक्ष में पितरों के नाम से तर्पण करने के लिए एक जल में पानी भरकर उसमें काले तिल डालकर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके जल दिया जाता है।
स्कंद पुराण के अनुसार, स्वर्ग में पितरों के लिए हर चीज उपलब्ध होती है लेकिन, वह हर किसी चीज को आसानी से नहीं पा सकते हैं। इसलिए पितरों के नाम से जल और तिल से तर्पण करने से उन्हें संतुष्टि प्राप्त होती है। ऐसे में अगर आप बार-बार तर्पण नहीं कर पा रहे हैं, तो आप जल से संबंधित कुछ उपाय आजमा सकते हैं, इससे आपके पितरों को शांति प्राप्त हो सकती है।
पितर पक्ष में करें पानी से जुड़े ये 5 उपाय
- पितृ पक्ष के समय सूर्योदय के समय रोजाना जल अर्पित करें। प्रात: स्नान करने के बाद सबसे पहले एक तांबे के लोटे में जल लें और फिर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके अपने पितरों को याद करते हुए उनका तर्पण करें। इसके साथ ही अपने मन में अपने पितरों के प्रति कृतज्ञता और शांति की प्रार्थना जरुर करें।
- प्रतिदिन जल में काले तिल मिलाकर ही पितरों के नाम से तर्पण करें। अपने पूर्वजों का स्मरण करते हुए श्रद्धापूर्वक जल अर्पित करें। शास्त्रों में भी पितृ कर्म में तिल का विशेष महत्व माना जाता है।
- पितृ पक्ष के दौरान रोजाना पीपल के वृक्ष में जल अर्पित जरुर करें। माना जाता है कि पीपल के पेड़ में देवता और पितरों का वास होता है। पीपल के पेड़ में जल अर्पित करते हुए मन ही मन पितरों को स्मरण करते हैं।
- पितृ पक्ष में जरुरतमंदों और श्रामिकों के लिए पानी पीने की व्यवस्था करें। यह काफी पुण्यकारी सेवा मानी जाती है। किसी भी सार्वजनिक स्थान या प्याऊ या जल सेवा में सहयोग करें। भावना यह हो कि इससे किसी जीव की प्यास बुझे और सेवा का पुण्य पितरों को अर्पित करें।
- पितृ पक्ष के समय अपने घर के बाहर या छत पर पक्षियों के लिए पानी रखें और इसे नियमित रुप से बदलते रहें। गाय, कुत्ते आदि जीवों के लिए अपने जरुरत के हिसाब से जल की व्यवस्था कराएं।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Haribhoomi
prabhasakshi









