Responsive Scrollable Menu

पूजा में इस्तेमाल जल को पैरों के नीचे क्यों नहीं आने देते? जानिए धार्मिक मान्यता

Puja ke Niyam: भारतीय पूजा पद्धतियों में जल का विशेष स्थान है। पूजा के दौरान जल से आचमन, अभिषेक या अन्य धार्मिक क्रियाएं की जाती हैं। मंदिरों में भी अलग-अलग परंपराओं के अनुसार जल का इस्तेमाल होता है। इसी कारण पूजा में इस्तेमाल किए गए जल को सामान्य पानी की तरह पैरों के नीचे आने से बचाने की मान्यता कई जगह दिखाई देती है।

धार्मिक दृष्टि से पूजा में अर्पित या इस्तेमाल किया गया जल पवित्र माना जा सकता है। उदाहरण के लिए किसी देवता के अभिषेक में इस्तेमाल जल को श्रद्धालु अलग सम्मान देते हैं। कुछ मंदिरों में इसी तरह का जल प्रसाद या तीर्थ के रूप में भी दिया जाता है।

यहां यह समझना जरूरी है कि हर पूजा का जल एक जैसा नहीं होता और हर मंदिर में उसे लेकर एक समान नियम भी नहीं है। जल के इस्तेमाल और उसके बाद की व्यवस्था स्थानीय पूजा पद्धति पर निर्भर करती है। इसलिए किसी एक व्यवहार को सभी धार्मिक स्थलों के लिए अनिवार्य नहीं माना जा सकता।

पैरों के नीचे जल न आने देने की परंपरा के पीछे मूल भाव श्रद्धा का है। जब कोई वस्तु भगवान को अर्पित की जाती है या पूजा की प्रक्रिया का हिस्सा बनती है तो श्रद्धालु उसे सम्मान से संभालने की कोशिश करते हैं।

इस तरह पूजा के जल को लेकर सावधानी को धार्मिक आस्था, स्वच्छता और पूजा की मर्यादा के संदर्भ में समझा जा सकता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह खबर धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। अलग-अलग क्षेत्रों, मंदिरों और संप्रदायों में पूजा-पद्धति तथा मान्यताएं अलग हो सकती हैं। इसमें किसी धार्मिक मान्यता को वैज्ञानिक तथ्य या अनिवार्य धार्मिक नियम के रूप में प्रस्तुत नहीं किया गया है।

Continue reading on the app

वोटर लिस्ट में बदलावों पर संग्राम: EC-SIR विवाद के बीच CWC बैठक में कांग्रेस ने रखी 5 बड़ी मांगें, चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल

देश के राजनीतिक गलियारों में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में राजधानी दिल्ली में आयोजित कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक में मुख्य विपक्षी दल ने चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पार्टी ने आरोप लगाया है कि संस्थाओं पर दबाव बनाकर मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसके विरोध में अब कांग्रेस ने खुलकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं।

चुनाव आयोग और सरकार पर खरगे का तीखा हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में षड्यंत्रकारी तरीके से लोकतंत्र की नींव को खोखला किया गया है।

खरगे ने कहा कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने मताधिकार को लोकतंत्र की सबसे मौलिक चीज बताया था, लेकिन आज अफसर सरकार के इशारे पर मनमाने ढंग से मतदाताओं के नाम काट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी को बताए चुपचाप फॉर्म 6 के नियमों में बदलाव कर दिए गए, जो पूरी तरह से गैरकानूनी हैं।

कांग्रेस द्वारा चुनाव आयोग के सामने रखी गई 5 बड़ी मांगें
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग करते हुए कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के समक्ष निम्नलिखित पाँच प्रमुख मांगें रखी हैं:-

  1. मतदाता सूची में किए जाने वाले हर बड़े बदलाव का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए।
  2. जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें इसकी पूरी जानकारी दी जाए और उन्हें अपनी बात रखने या अपील करने का उचित अवसर मिले।
  3. सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची और उससे संबंधित जरूरी डेटा एक आसान फॉर्मेट में समय पर उपलब्ध कराया जाए।
  4. जिन निर्वाचन क्षेत्रों या इलाकों में गंभीर विसंगतियों के प्रमाण सामने आएं, वहां एक स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए।
  5. चुनाव प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण डेटा और फैसलों में ऐसी पारदर्शिता हो जिससे यह स्पष्ट रहे कि कोई भी जानकारी छिपाई नहीं जा रही है।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प
अपने संबोधन और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कांग्रेस अध्यक्ष ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी इस पूरे मुद्दे को किसी चुनाव की हार-जीत के रूप में नहीं देख रही है। यह लड़ाई देश के संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए है। कांग्रेस का मानना है कि हर मतदाता को यह पूरा भरोसा होना चाहिए कि उसका वोट सुरक्षित है और लोकतंत्र में सबसे ताकतवर इकाई देश का आम नागरिक ही है।

राजनीतिक और चुनावी निहितार्थ
इस पूरी बैठक और पांच सूत्रीय मांगों के जरिए कांग्रेस ने आगामी चुनावी माहौल में सरकार और चुनाव आयोग को घेरने की बड़ी रणनीति बनाई है। पार्टी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाकर चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता पर बहस को और तेज करना चाहती है।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs WI 2nd ODI: विंडीज का 405 रन वाला बवंडर, आकिब-गुरनूर के नाम दर्ज हुए शर्मनाक रिकॉर्ड

IND vs WI 2nd ODI: वेस्टइंडीज ने टीम इंडिया के खिलाफ वनडे सीरीज के दूसरे मैच में कमाल की बल्लेबाजी की और पहली बार 400 रन का आंकड़ा छुआ. वहीं, भारतीय गेंदबाजों का बुरा हाल देखने को मिला. Wed, 30 Sep 2026 18:35:16 +0530

  Videos
See all

'INDI गठबंधन Rahul Gandhi को नेता मानने के लिए तैयार नहीं है' : शिवराज सिंह चौहान I BJP #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T13:36:13+00:00

Rahul Gandhi CWC Meeting: 'ये लोग जनता को गुमराह करने की कोशिश बहुत लंबे समय से कर रहे हैं' | BJP #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-30T13:39:12+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers