नंदीग्राम उपचुनाव: Calcutta HC ने कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को दी अंतरिम जमानत
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 में दर्ज छह आपराधिक मामलों में मंगलवार को अंतरिम जमानत दे दी। अदालत ने कांग्रेस उम्मीदवार को 20 अक्टूबर तक राहत दे दी, जिससे वह नंदीग्राम विधानसभा सीट पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए प्रचार कर सकेंगे। यह सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई है।
शुभेंदु ने इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट बरकरार रखने का फैसला किया। न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष ने प्रधान को अंतरिम राहत देते हुए उन्हें 21 अक्टूबर को निचली अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।
न्यायाधीश ने प्रधान को उन सभी छह मामलों में 20-20 हजार रुपये का जमानती मुचलका जमा करने का भी निर्देश दिया, जिनमें उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अंतरिम जमानत का आदेश पारित करते हुए न्यायमूर्ति घोष ने कहा कि संबंधित निचली अदालत के मजिस्ट्रेट प्रधान के खिलाफ दर्ज मामलों पर विचार करने के बाद उचित कदम उठाने का फैसला करेंगे। उच्च न्यायालय ने प्रधान को अपना मोबाइल फोन नंबर जांच अधिकारी को देने का भी निर्देश दिया।
जांच अधिकारी को दिन में दो बार उम्मीदवार को फोन करने की अनुमति होगी। हत्या, हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के उल्लंघन जैसे आरोपों से जुड़े ये सभी आपराधिक मामले 2007 में नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण के खिलाफ चले आंदोलन के दौरान प्रधान के खिलाफ दर्ज किए गए थे। उपचुनाव के लिए प्रचार चार अक्टूबर को समाप्त होगा और मतगणना नौ अक्टूबर को होगी।
प्रधान 18 सितंबर को गिरफ्तारी के बाद से न्यायिक हिरासत में हैं। उन्हें नंदीग्राम थाने में दर्ज चार मामलों और पड़ोसी खेजुरी थाने में दर्ज दो अन्य मामलों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। उच्च न्यायालय ने अप्रैल 2007 में नंदीग्राम में पुलिस गोलीबारी में 14 लोगों की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
प्रधान के वकील मिलन मुखर्जी ने अदालत के समक्ष कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को 15 सितंबर को नंदीग्राम उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने अंतरिम जमानत का अनुरोध किया, ताकि प्रधान चुनाव प्रचार कर सकें और चुनाव में उचित तरीके से भाग ले सकें। कांथी की निचली अदालत ने एक मामले में उन्हें सात अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
इससे नंदीग्राम उपचुनाव में उनके प्रचार की संभावना प्रभावी रूप से खत्म हो जाती। जमानत की अर्जी का विरोध करते हुए राज्य सरकार के वकील ने पिछली सुनवाई के दौरान अदालत को बताया था कि इन मामलों में 18 लोग आरोपी हैं और उनमें से छह जमानत पर बाहर हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने 25 सितंबर को कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक आपराधिक मामले में दंडात्मक कार्रवाई से राहत देने वाले एकल पीठ के आदेश को रद्द कर दिया था।
खंडपीठ ने इस आदेश पर हैरानी जताई थी, क्योंकि प्रधान इस मामले में पहले से ही न्यायिक हिरासत में थे। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र विठ्ठलराव घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक कानून में किसी आरोपी को इस तरह की अंतरिम संरक्षण देने का कोई प्रावधान नहीं है। पीठ ने कहा कि यदि किसी आरोपी को गिरफ्तारी की आशंका है, तो वह अग्रिम जमानत के लिए आवेदन कर सकता है या गिरफ्तार किए जाने के बाद जमानत मांग सकता है।
प्रधान द्वारा अपने खिलाफ दर्ज छह अन्य मामलों में दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण संबंधी याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने 22 सितंबर को उच्च न्यायालय को बताया था कि इनमें से पांच मामले पिछली सरकार ने वापस ले लिये थे और छठे मामले में प्रधान वांछित नहीं हैं।
Arunachal Pradesh में India-Myanmar Border पर Assam Rifles पर हमला, 1 जवान शहीद और 4 घायल
मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग ज़िले में भारत-म्यांमार सीमा पर पेट्रोलिंग कर रही एक टीम पर संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया, जिसमें असम राइफ़ल्स का एक जवान शहीद हो गया और चार अन्य घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 6.30 बजे नामपोंग सर्कल के तहत नामपोंग नाला के पास हुई, जब 21 असम राइफ़ल्स के जवान उस इलाके में पेट्रोलिंग कर रहे थे जहाँ सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा है।
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शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध उग्रवादियों ने पेट्रोलिंग टीम पर गोलीबारी की, जिसमें हवलदार जानखोकाई कुकी (42) की मौत हो गई और चार अन्य जवान घायल हो गए। घायल जवानों को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, जबकि उनकी हालत के बारे में जानकारी का इंतज़ार था। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में ऑपरेशन तेज़ कर दिए हैं। शुरुआती रिपोर्ट में NSCN (K-YA) से जुड़े उग्रवादियों के शामिल होने की बात कही गई है, हालांकि हमलावरों की पहचान के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
असम राइफल्स के आधिकारिक बयान का इंतज़ार है। चांगलांग के SP किर्ली पाडु ने कहा कि उन्हें घटना के बारे में जानकारी मिली है और उन्होंने चांगलांग पुलिस स्टेशन के इंचार्ज अधिकारी को जानकारी इकट्ठा करने का निर्देश दिया है। SP ने कहा कि हमें भारत-म्यांमार सीमा पर हुई घटना के बारे में जानकारी मिली है और हमने चांगलांग पुलिस स्टेशन के OC से इससे जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने को कहा है। चांगलांग ज़िले में भारत-म्यांमार सीमा संवेदनशील बनी हुई है, क्योंकि इस इलाके और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार विद्रोही गुट सक्रिय हैं और उनकी आवाजाही होती रहती है।
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इससे पहले, मणिपुर के चुराचांदपुर ज़िले में भारतीय सेना और असम राइफल्स की संयुक्त टीम के साथ हुई मुठभेड़ में UKNA के दो उग्रवादी मारे गए और दो अन्य घायल हो गए। सुरक्षा बलों ने 29 अगस्त की रात हेंगलेप सब-डिविजन के फ़ाइबोंग गाँव में एक ऑपरेशन शुरू किया। बलों ने UKNA के एक कैंप पर नज़र रखी और 2 सितंबर की सुबह 5 बजे रणनीतिक रूप से उसके करीब पहुँचना शुरू किया।
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